गर्मी से होने वाले दुष्प्रभाव व बचने के आसान उपाय | Garmi Se Bache

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दोस्तों, जैसे-जैसे मई का महिना पास आ रहा हैं धूप में तेजी बढती जा रही हैं, कूलर और A.C. चालू हो गए है। सूर्य देवता के तीखे तेवर के आगे तो, अब घर से बाहर तक निकलना दुश्वार हो गया है। खैर सभी मौसम अच्छे और ख़राब होते हैं 🙂

हम सभी जानते हैं कि धरती पर प्रकृति(Nature) समय के साथ अपने मौसम में परिवर्तन करती रहती है जिसके कारण इस धरती पर गर्मी, सर्दी और बरसात जैसे विभिन्न मौसम और ऋतुएं देखने को मिलती है। और जब यह मौसम अपने चरम अवस्था पर पहुँच जाता है, तो यह मौसम हमे दुःख का भी अहसास भी करवाने लगते है और इस स्थिति में प्रकृति पर मौजूद इन्सान, पशु पक्षी सभी को कठिनाइयाँ झेलनी पड़ती है और सब यही दुआ करते है कि जल्दी से ये मौसम खत्म हो जाए 🙂 लेकिन परिवर्तन तो प्रकृति के चक्र के अनुसार ही होता है।

लेकिन, अगर हम कुछ मौसम के अनुसार अपने रहन-सहन और खान-पान में परिवर्तन करते रहे तो सभी मौसम का बराबर आनंद ले सकते हैं। जितना हो सके गर्मी से बचने की कोशिश करनी चाहिए, ऐसा नहीं हैं कि हम काम करना छोड़ दे, काम तो सारे मौसम में ही करने पड़ते हैं। घरेलू उपाय आजमा कर हम गर्मी में, धूप से बच सकते है।

इस POST में आपको गर्मी की समस्याओ, बीमारियाँ और उसके लिए घरेलु उपाय बताएं गए हैं, आशा हैं यह लाभदायी साबित होंगे।सबसे पहले गर्मी से होने वाले दुष्प्रभाव और समस्याओं को जान लेते है।

गर्मी से होने वाले दुष्प्रभाव और समस्याएं

गर्मी में लापरवाही के कारण शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है जिसके कारण निर्जलीकरण (Dehydration), लू लगना, चक्कर आना, घबराहट होना, नकसीर आना, उल्टी-दस्त, धुप के कारण त्वचा का जलना, घमौरिया जैसी कई बीमारियाँ हो जाती हैं।

कई बार ज्यादा पसीना निकलने से भी शरीर का तापमान इतना बढ़ जाता है कि इसके कारण सिर दर्द, भूख कम लगना, बुखार आना, चक्कर आना जैसी समस्या होती है, और प्राथमिक उपचार के अभाव में, गर्मी और लू लगने से मृत्यु भी सम्भव है।
शरीर का तापमान बढ़ने से और लू लगने से, मस्तिष्क का एक केन्द्र जो कि तापमान को सामान्य बनाये रखता है, काम करना छोड देता है। लाल रक्त वाहिनियों टूट जाती है व कोशिकाओं मे जो पोटेशियम लवण होता है, वह रक्त संचार मे आ जाता है, जिससे ह्रदय गति व शरीर के अन्य अवयव व अंग प्रभावित होकर लू व ताप-घात के रोगी को मृत्यु के मुंह मे धकेल देता है।

आइये अब जानते हैं इन बीमारियों के होने के पीछे प्रमुख कारण क्या हैं?

  • गर्मी के मौसम में खुले शरीर, नंगे सर अथवा नंगे पाँव धुप में चलना
  • तेज गर्मी में घर से बिना कुछ खाएं पियें बाहर जाना
  • कूलर या AC की ठण्डी हवा से निकल कर तुरंत धुप और गर्मी में जाना
  • बाहर कड़ी धुप से आकर तुरंत ठंडा पानी पीना अथवा सीधे कूलर या AC में बैठना
  • बहुत तेज मिर्च-मसाले, बहुत गर्म खाना, बासी खाना, चाय, शराब इत्यादि का अधिक सेवन करना
  • सूती और ढीले और हल्के रंग के कपड़ो की जगह सिंथेटिक और कसे हुए और गहरे रंग के कपड़ो का पहनना
  • अत्यधिक गर्मी में भी कम पानी का पीना

अगर हम कुछ छोटी, किन्तु बहुत ही महत्त्वपूर्ण बातो का ध्यान रखें तो इन सबसे बचकर, गर्मी का आनंद ले सकते हैं।

और वैसे भी हम सब जानते ही हैं कि उपचार से बचाव हमेशा बेहतर होता है

आइए, जानते हैं वो बातें, जिनको अपनाकर हम गर्मी, लू और ताप-घात से बच सकते हैं।

  • सबसे पहले ये ध्यान रखे कि गर्मियों मे ज्यादा तला हुआ मसालेदार खाना ज्यादा नही खाना चाहिए।
  • गर्मी में जब भी घर से बाहर निकले, कुछ खा कर और पानी पी कर ही निकले, खाली पेट बिलकुल न निकले, अगर भूख नहीं हैं तो कम खा ले, अच्छा रहेगा अगर एक पानी की बोतल हमेशा साथ रखे।
  • गर्मी में ज्यादा भारी(मांस, मछली), बासी भोजन नहीं करे क्योंकि गर्मी में शरीर की जठराग्नि मंद रहती है, इसलिए वह भारी खाना पूरी तरह पचा नहीं पाती और जरुरत से ज्यादा खाने या भारी खाना खाने से उल्टी-दस्त की शिकायत हो जाती है।
  • गर्मी में सूती और हल्के रंग के कपडे पहनने चाहिये, क्योंकि ये धूप से होने वाली ऊष्मा को कम अवशोषित करते हैं और आपको ऐसे कपडे पहनने से कम गर्मी का अहसास होगा।
  • चेहरा और सर रुमाल या साफी से ढक कर निकलना चाहिये, अगर छाता लेकर निकलते हैं तो यह सबसे अच्छा रहेगा।
  • खाने में प्याज का सेवन करें तथा जेब में प्याज रखना चाहिये।

  • बाज़ार में मिलने वाली ठंडी चीजे जैसे कि कोल्ड-ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, पैकेज्ड जूस को ना कहें और घर की बनी ठंडी (शिकंजी, शरबत, जलजीरा, जूस) चीजो का सेवन करना चाहिये।
  • कच्चे आम(केरी) का पना (कैरी की छाछ), खस, चन्दन गुलाब फालसा संतरा का शरबत, ठंडाई सत्तू, दही की लस्सी, मट्ठा, गुलकंद का सेवन करना चाहिये।
  • इनके अलावा लौकी, ककड़ी, खीरा, तुरई, पालक, पुदीना, नीबू, तरबूज आदि का सेवन अधिक करना चाहिये।
  • कम से कम 3 से 5 लीटर रोजाना शीतल और स्वच्छ पानी का सेवन करें, जरुरी नहीं हैं कि यह फ्रीज़ का हो आप मटके के पानी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जो कि गर्मी में प्राकर्तिक तरीके से पानी को ठंडा रखता हैं।
  • अगर आप योग करना जानते हैं, तो सीत्कारी, शीतली तथा चन्द्र भेदन प्राणायाम  एवं शवासन का अभ्यास कीजिये ये शरीर में शीतलता का संचार करते हैं।
  • घमौरियां हो जाने पर नीम और तुलसी का पेस्ट लगाना फायदेमंद होता है। गुलाब की पत्तियों को पानी में भिगोकर उस पानी से चेहरा धोने पर गर्मी के मौसम में त्वचा मुलायम बनी रहती है।
  • गर्मी के मौसम में जीरा-नमक डालकर छांछ और दही खाना भी फायदेमंद होता है।
  • किसी भी तरह की अपच,अजीर्णता, पित्त की अधिकता, पेट दर्द, गैस में जलजीरा लाभकारी होता है।
  • नारियल में प्रचूर मात्रा में पौष्टिक तत्व होते है। गर्मी में इसका सेवन सबसे अच्छा होता है।
  • पुदीने में प्राकृतिक रूप से पिपरमिंट पाया जाता है, इसलिए गर्मी में यह बहुत उपयोगी होता है। लू, बुखार, शरीर में जलन और गैस की तकलीफ को दूर करता है।
  • खरबूजा और तरबूज गर्मियों में खाया जाने वाला सबसे बढ़िया फल है, इनमे पानी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती। खरबूजे में मिनरल्स, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कैंसर की बिमारियों से हमें बचाये रखता है और किडनी की सफाई भी करता है।
  • गर्मी में ठीक से खाना न पचने पर लौकी का रायता, लौकी का जूस और लौकी की सब्ज़ी का सेवन करे। इसके इलावा उबला हुआ आलू, दही, खीरा खाना भी फायदेमंद होता है।

यधपि, मैंने यह POST “गर्मी के दुष्प्रभाव, कारण और उपाय” काफी Carefully तैयार किया हैं, और बहुत सारे डॉक्टर्स के ब्लॉग और पोस्ट से सामग्री इकत्रित की हैं फिर भी त्रुटी की सम्भावना हो सकती हैं, यदि आपको ऊपर दी गई किसी भी जानकारी में कोई शंका हैं, तो कृपया अपने बहुमूल्य Comments से हमें अवगत करवाएं, वैसे तो ये सारे उपाय हम काफी समय से करते हुए आ रहे हैं फिर भी गंभीरता की स्थिति में बजाय उपायें के, डॉक्टर को दिखाना और सलाह लेना हमेशा उचित रहता हैं

दोस्तों, आशा हैं गर्मी से मौसम का आनंद कैसे ले वाली मेरी यह POST आपको अच्छी लगी होगी, इस बारे में हमे अपने विचार नीचे comments के माध्यम से अवश्य दे। हमारी पोस्ट को E-mail से पाने के लिए आप हमारा फ्री ई-मेल सब्सक्रिप्शन प्राप्त कर सकते है।

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Mahesh Yadav is a software developer by profession and like to posts motivational and inspirational Hindi Posts, before that he have completed BE and MBA in Operations Research. He have vast experience in programming and development.

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2 Comments

  1. Hanumesh Babu Sangu on

    Thank you for this timely posting in this summer……. it concerns to all of us .. in the interest of all of us

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