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Book Summary~ How to Stop Worrying and Start Living

Summary in Hindi ~ How To Stop Worrying And Start Living

How to stop worrying and start living by del Carnegie Book summary in Hindi

क्या आपको पता है कि हमारे विचार ही होते हैं जो हमारा भविष्य को बेहतर बनाते हैं। जिस तरह के विचार हमारे मन में चलते है उसी के हिसाब से ही हमारी जिंदगी चलती रहती हैं

इसलिए जरूरी है कि हम अपने दिमाग में या यूं कहें कि हमें अपने मन में ऐसे विचारों को लाना चाहिए जो हमें आगे बढ़ने की तरफ ले जाए। खासकर वर्तमान में जीना बहुत ही ज्यादा जरूरी है क्योंकि जो हमारा आज होता है वही अगले दिन हमारा बीता हुआ कल बन जाता है इसीलिए अपने आज को पूरे Concentration और ध्यान के साथ जीना बहुत जरूरी है।

यह किताब हर उस इंसान को पढ़नी चाहिए जो एक अच्छी खुशी भरी जिंदगी जीना चाहता है! इतना ही नहीं यह किताब आपको दुनिया को देखने का एक अलग नजरिया देता है जिससे आप अपने अलावा दूसरे के बारे में भी सोचेंगे।

Introduction

ऐसी कौन सी चीज है जो आपको परेशान कर रही है जो आपको खुशी से अपनी जिंदगी जीने नहीं दे रही और बार-बार आपको टेंशन दे रही हैं। क्या आप सच में चाहते हैं कि आप इस टेंशन के साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताएं?

या फिर आप अपनी जिंदगी अपने हिसाब से खुशी के साथ जीना चाहते हैं ? इस किताब में ऐसे तरीके बताए गए हैं जो आपको इस तरह की परेशानियों से छुटकारा दे देंगे।

इस किताब में ऐसे तरीके बताए गए हैं जो आपको हर तरह की परेशानी दूर कर देगा। अगर आपको बीती बातों को याद करने की आदत है तब भी यह किताब आपको बेकार की चीजों से मन हटाकर आपको अपने Goals की तरफ आगे बढ़ने में मदद करेगा।

हर दिन को भरपूर जिए 

पतझड़ के मौसम में एक मेडिकल स्टूडेंट अपने फ्यूचर के बारे में सोच रहा था। इस दौरान उसके दिमाग में कई सारे सवाल आ रहे थे जैसे मै एग्जाम में पास हो भी पाऊंगा या नहीं और एग्जाम पास करने के बाद उसे कौन से कॉलेज में जाना चाहिए ?

यह सब सोचते सोचते हैं वह एक किताब पढ़ रहा था जिसमें उसे 21 ऐसे शब्द दिखाई दिए जिसे पढ़कर वह काफी मोटिवेट हो गया।

वह लड़का उन शब्दों से इतना ज्यादा प्रेरित हो गया कि वह अपने समय के सबसे अच्छे डॉक्टर में से एक बन गया। एक अच्छा डॉक्टर बनने के साथ-साथ वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर भी बना।

यह जवान कोई और नहीं बल्कि सर विलियम ओसियर है। जो 21 शब्द सर विलियम ने पढ़े थे वो थे कि

जो दूर धुंधला दिखाई दे रहा है उसे देखना हमारा काम नहीं है बल्कि हमारा काम तो उस चीज को देखना है जो हमारे सामने Clear हैं।

इसका मतलब यह है कि हमें फ्यूचर के बारे में ज्यादा ना सोचते हुए उन कामों पर ध्यान देना चाहिए जो हमारे सामने अभी हैं क्योंकि जब हम अपने आज पर फोकस करते हैं तो हमारा आने वाला कल अपने आप ही बेहतर बनता चला जाता है।

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको अपने फ्यूचर के बारे में नहीं सोचना चाहिए बल्कि इसका मतलब है कि आपको अपने फ्यूचर के बारे में हर वक्त नहीं सोचना चाहिए।

क्योंकि जब हम आने वाले वक्त के बारे में हर टाइम सोचना शुरु कर देते हैं तब हम किसी भी काम को अंजाम नहीं दे पाते हैं।

जब जीने की कोई वजह ना लगे तब इंसान टूट जाता है।

मिशीगन की मिसेज ई के शिल्ड को सुसाइड तक करने की नौबत आ गई था। हुआ यूं कि मिसेज ई के शिल्ड के पति के मर जाने के बाद उनकी हालत काफी खराब हो गई थी और वह बहुत ही गरीबी की जिंदगी जी रही थी।

जिसकी वजह से मिसेज ई के शिल्ड ने सोचा कि अगर वह अपना पुराना जॉब जो कि किताबें बेचने का था, उसे कर लेती हूँ तो उनका मन बहल जाएगा साथ ही वह थोड़े पैसे भी कमा लेगी।

लेकिन बिजनेस शुरू करने के बाद भी किसी ने उनकी किताबें नहीं खरीदी। जिससे हुआ यूं कि मिसेज ई के शिल्ड बहुत ही ज्यादा अकेला महसूस करने लगी थी

अकेलापन वैसे तो बहुत ही नॉर्मल नजर आता है लेकिन यह बहुत ही खतरनाक बीमारी है क्योंकि जब लोग अकेले रहना शुरू कर देते हैं तब अकेलापन उन्हें अंदर ही अंदर मारते चला जाता है।

बिजनेस में कोई सक्सेस ना मिलने के बाद और अकेला महसूस करने की वजह से मिसेज ई के शिल्ड बहुत ही Hopeless महसूस कर रही थी।

मिसेज ई के शिल्ड अपनी जिंदगी से इतनी ज्यादा परेशान हो गई कि उन्होंने अपनी जान देने की कोशिश की। मिसेज ई के शिल्ड की हालत इतनी बुरी हो गई थी कि ना तो उनके पास खाने के पैसे बचे थे और ना ही अपने घर के रेंट देने के।

इन सारी चीजों से तंग आकर मिसेज ई के शिल्ड ने सुसाइड करने का सोचा। लेकिन एक चीज जो उन्हें रोक रही थी वो थी उनकी बहन। मिसेज ई के शिल्ड जब भी मरने के बारे में सोचती तो उनके मन में उनकी बहन का ख्याल आ जाता।

मिसेज ई के शिल्ड सोचने लगती कि अगर वह मर जाएगी तो उनकी बहन को बहुत दुख होगा। साथ ही उनकी बहन के पास Funeral तक करने के पैसे नहीं होंगे।

यह सारी चीजें सोचते सोचते मिसेज ई के शिल्ड की नजर एक आर्टिकल पर गई जिसमें लिखा हुआ था कि – समझदार आदमी के लिए हर दिन एक नया दिन होता है

मिसेज ई के शिल्ड को ये आर्टिकल इतना ज्यादा अच्छा लगा कि उन्होंने इस आर्टिकल को ऐसे जगह पर टांग दिया जहां उनकी बार-बार नजर जाए!

मिसेज ई के शिल्ड ने Past को भूलकर और आने वाले कल की फिक्र को छोड़कर Present में जीना सीख लिया था। मिसेज ई के शिल्ड हर रोज सुबह उठकर खुद को याद दिला दी थी कि “आज उनकी एक नई जिंदगी की शुरुआत है

ऐसा करने से, हुआ है कि मिसेज ई के शिल्ड अपने अकेलेपन के डर और गरीबी के डर से बाहर आ गई। उन्होंने खुशी और पॉजिटिविटी के साथ जीना सीख लिया था।

हम हमेशा अपने Present से दूर क्यों भागते रहते हैं? हम हमेशा अपने पास्ट या फ्यूचर के बारे में क्यों सोचते रहते हैं ?

प्रेजेंट यानी कि आज में जीना, यह आपको खुशी दे सकता है क्योंकि पास्ट के बारे में सोच कर आपको दुख होता है या फिर फ्यूचर के बारे में सोचकर आपको चिंता होती है लेकिन प्रेजेंट एक ऐसी चीज है जिसके बारे में सोचकर आप सिर्फ खुश रह सकते हैं इसलिए कोशिश कीजिए कि हमेशा अपने प्रेजेंट के बारे में सोचें।

रोमन में एक बहुत ही प्रचलित कहावत है – Carpe Diem जिसका मतलब “दिन को भरपूर जीओ!” हर जगह सभी को वर्तमान में जीने के लिए कहा जाता है इसलिए सभी को अपने आज में जीना चाहिए।

जो भी बुरी यादें हैं Regrets हैं उन्हें पीछे छोड़ दो!

जो हो गया है उसे भूल जाओ, बीत गई सो बात गई। मतलब अपने पास्ट के बारे में सोच सोच कर परेशान होने का कोई मतलब नहीं है। और रही बात यूज़र की तो उसके बारे में भी सोचने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि जो होना रहेगा वह तो होकर ही रहेगा।

आपने अपने पास्ट में क्या गलतियां की हैं? आपको किस बात का बहुत रिग्रेट है? इन सभी बातों को सोचने के बजाय आपको सिर्फ इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आज आपके सामने कौन कौन से काम है और इस वक्त आप कहां हैं ?

जो 24 घंटे आपको मिले हैं आपको सिर्फ उसी के बारे में सोचना चाहिए। आपको सिर्फ इसी बात पर ध्यान देना चाहिए कि आप अपने 24 घंटे को कैसे अच्छा बना सकते हैं।

जरा सोच कर देखिए कि आप अपने 24 घंटे कैसे बिताना चाहते हैं कि आप दुखी रह कर या फिर अपनी बुरी यादों को सोच सोच कर अपने 24 घंटे बिताना चाहते हैं या फिर सही समय पर अपना काम पूरा करके अपने करियर, अपनी फैमिली और अपने परिवार के लिए खुश होना चाहते हैं।

जब आप सिर्फ अपने 24 घंटे को बेहतर बनाने में लग जाएंगे तब आपको बहुत ही बड़ा चेंज देखने को मिलेगा आप देखेंगे कि किस तरह अब आपको फिक्र नहीं होती और आप बस काम करने पर ध्यान देते हैं।

सर विलियम ने एक बहुत ही अच्छी बात कही है वह कहते हैं कि आज तक मैंने जितनी भी सक्सेस हासिल की है वह सिर्फ इसीलिए है क्योंकि मैंने फ्यूचर की फिक्र करनी छोड़ दी थी और मैंने सिर्फ अपने आज को बेहतर करने में ध्यान दिया।

अपनी पत्नी को बर्तन धोते देख मैं बेफिक्र जिंदगी जीना सीख गया –

महान विलियम वुड पेट एक जानलेवा दर्द से बहुत परेशान थे। उन्हें इतना ज्यादा दर्द होता था कि वह रात में ठीक से सो तक नहीं पाते थे। विलियम के पिता की मौत भी Stomach कैंसर की वजह से हुई थी।

विलियम वुड को भी लगता था कि उन्हें भी शायद उनके पिता की तरह ही Stomach कैंसर की बीमारी है। यह सारी बातें सोचते हुए विलियम ने हॉस्पिटल में अपने स्टमक का एक्स-रे करवाया जिसके रिजल्ट में सारी चीजें सही निकली उन्हें कोई भी बीमारी नहीं थी।

डॉक्टर ने उन्हें यह भी बताया था कि उन्हें कोई खास बीमारी नहीं है लेकिन पेट दर्द के वजह से उन्हें Emotional Stress होने लगा है। महान विलियम वुड पेट हर समय बिजी रहते थे जिसकी वजह से वह हमेशा जल्दी में और अपने काम Finish करने की धुन में रहते थे।

जिसकी वजह से उन्हें आराम करने का बिल्कुल भी समय नहीं मिलता था। उनके परेशान थके हुए और Unconscious होने के पीछे यही वजह थी।

डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी थी कि उन्हें अपनी जिंदगी बिना किसी फिक्र के आराम से जीना चाहिए। विलियम ने डॉक्टर की बात को मानी और उन्होंने हर बात की चिंता करना छोड़ दी, साथ ही उन्होंने कामों की जिम्मेदारी अपने सर पर लेना भी बंद कर दिया था और अब वह हर मंडे आराम करते थे।

एक दिन जब वह अपनी ड्रेस साफ कर रहे थे तब उन्हें अपनी डेस्क से कुछ जरूरी पेपर मिले लेकिन अब वह उनके किसी काम के नहीं थे।

जब विलियम बेकार के पेपर को डस्टबिन में फेंक रहे थे तभी उन्हें एक Idea आया। विलियम ने सोचा कि जिस तरह वह बेकार के पेपर को कचरे के डब्बे में फेंक रहे हैं, वैसे ही अपनी जिंदगी के बेकार चीजों को भी बाहर निकाल कर फेंका जा सकता है।

तो विलियम ने वैसा ही करने का सोचा। जब विलियम 1 दिन कोई काम कर रहे थे तब उनकी नजर उनकी पत्नी पर गई जो बर्तन धोते हुए बड़े आराम से गाना गा रही थी।

अपनी बीवी को आराम से बर्तन धोते देखकर विलियम ने खुद से कहा कि देख विलयम तेरी बीवी कितनी खुश नजर आ रही हैं। हमारी शादी को 18 साल हो गए हैं और इतने समय से वह बर्तन ही धो रही हैं।

क्या होता अगर मेरी पत्नी को पहले से ही पता होता कि इतने सालों तक बर्तन धोने वाली हैं अगर उसे यह बात पहले ही पता होती तो कभी वह उनसे शादी ही नहीं करती।

इस Incident के वजह से विलियम को यह समझ आया कि उनकी पत्नी कल के बर्तन के बारे में आज फिक्र नहीं करती वह बस रोजाना अपना काम करती है।

यह सोचने के बाद विलियम को यह समझ में आ गया था कि वह आज के बर्तन पिछले दिन के बर्तन और आने वाले कल के बर्तन, जो अभी तक गंदे हुए भी नहीं है उन्हें साफ करने के बारे में सोचने लगते हैं और उसे किसी भी कीमत पर करने के पीछे पड़ जाते हैं। जिसकी वजह से उनका काम कभी भी पूरा नहीं हो पाता है।

इसीलिए विलियम कहते हैं कि याद रखिए कि आपको हर दिन उसी दिन के हिसाब से जीना चाहिए अगर आप पिछले दिन का बोझ और आने वाली कल की फिकर लेकर जाएंगे तो आप कुछ नहीं कर पाएंगे।

निष्कर्ष

How to stop worrying and start living एक बहुत ही फेमस बुक है जो हर वह इंसान पढता है जो कि अपनी जिंदगी को बदलना चाहता है आपको यह BOOK SUMMARY कैसी लगी हमें जरूर बताएं, ताकि हम आप तक अच्छी से अच्छी Motivational और अच्छी बातें वाले POST लेकर आएं ।

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