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Hindi Comedy Jokes: बस यूँ ही मजेदार चुटकुले

Hindi Comedy Jokes बस यूँ ही मजेदार चुटकुले

अगर आपको Hindi Comedy Jokes, मजेदार चुटकुले और हल्के-फुल्के PJ पढ़ना पसंद है, तो यह पोस्ट आपको जरूर पसंद आएगी। “बस यूँ ही” में एक के बाद एक ऐसे मजेदार किस्से हैं, जिनमें बातचीत का अंदाज ही हंसी की वजह बन जाता है।

तो चलिए बिना किसी गंभीर चर्चा के कुछ मजेदार किस्सों का आनंद लेते हैं। आखिर हंसने के लिए हमेशा किसी बड़ी वजह की जरूरत थोड़े ही होती है!

बस यूँ ही – मजेदार Hindi Comedy Jokes

एक बार मैं दिल्ली पहुंचा और स्टेशन पर कुली से बाहर जाने का रास्ता पूछा। कुली ने कहा, “बाहर जाकर पूछो।”

तो मैंने खुद ही रास्ता ढूंढ लिया। बाहर जाकर टैक्सी वाले से पूछा, “भाई साहब, आगरा का कितना लोगे?”

जवाब मिला, “बेचना नहीं है।”

टैक्सी छोड़कर मैंने बस पकड़ ली और कंडक्टर से पूछा, “जी, क्या मैं सिगरेट पी सकता हूँ?”

वह गुर्राकर बोला, “हरगिज नहीं। यहाँ सिगरेट पीना मना है।”

मैंने कहा, “पर वह जनाब तो पी रहे हैं।”

वह फिर गुर्राया और बोला, “उसने मुझसे पूछा नहीं है।”

आगरा के होटल में भी हुआ मजेदार किस्सा

फिर मैं आगरा पहुंचा और होटल गया। वहाँ मैनेजर से कहा, “मुझे रूम चाहिए, सातवीं मंजिल पर।”

मैनेजर ने पूछा, “रहने के लिए या कूदने के लिए?”

मैं रूम में पहुंचा और वेटर से पूछा, “एक पानी का गिलास मिलेगा?”

वेटर ने जवाब दिया, “नहीं साहब, यहाँ तो सारे कांच के गिलास मिलते हैं।”

अब ऐसे जवाब सुनकर कोई भी थोड़ी देर के लिए सोचने पर मजबूर हो जाए कि आखिर सवाल क्या था और जवाब किस बात का मिला!

दोस्त के घर जाते समय एक और मजेदार जवाब

होटल से निकलकर मैं अपने दोस्त के घर जाने लगा। रास्ते में एक साहब से पूछा, “जनाब, ये सड़क कहाँ जाती है?”

जनाब ने हंसते हुए कहा, “पिछले बीस साल से देख रहा हूँ। कहीं नहीं जाती, यहीं पड़ी है।”

उनका जवाब सुनकर मुझे भी हंसी आ गई। आखिर सड़क को भी कहीं जाना जरूरी है क्या?

दोस्त के घर पहुंचते ही एक और मजेदार बात

आखिरकार मैं दोस्त के घर पहुंचा। मुझे देखते ही वह चौंक पड़ा और पूछा, “दिल्ली कैसे आना हुआ?”

अब तक तो मुझे भी इन सवाल-जवाबों की आदत पड़ गई थी। मैंने भी जवाब दिया, “ट्रेन से।”

दोस्तों, जब बातचीत का अंदाज ही ऐसा हो जाए तो साधारण सवाल भी Hindi Comedy Jokes का हिस्सा बन जाते हैं।

“कुछ ताजा-ताजा खिलाओ” का मजेदार जवाब

मेरी आवभगत करने के लिए दोस्त ने अपनी बीवी से कहा, “अरी सुनती हो, मेरा दोस्त पहली बार घर आया है। उसे कुछ ताजा-ताजा खिलाओ।”

सुनते ही भाभीजी ने घर के सारे दरवाजे और खिड़कियां खोल दीं और कहा, “ताजी हवा खा लीजिए।”

दोस्त ने फिर बीवी से बड़े प्यार से कहा, “इन्हें जरा अपना चालीस साल पुराना अचार तो दिखाना।”

भाभीजी एक बाल्टी में रखा अचार ले आईं। मैंने भी अपनापन दिखाते हुए भाभीजी से कहा, “भाभीजी, अचार सिर्फ दिखाएंगी ही, खिलाएंगी नहीं?”

तुरंत जवाब मिला, “यूँ ही अगर सबको चखाती, तो अचार 40 साल पुराना कैसे होता?”

यह जवाब सुनकर तो मेरे पास भी कहने के लिए कुछ नहीं बचा!

“डिप्लोमा” नाम की मजेदार कहानी

थोड़ी देर बाद देखा कि भाभीजी अपने नाती को सुला रही थीं। साथ में लोरी भी गा रही थीं, “डिप्लोमा सो जा, डिप्लोमा सो जा।”

लोरी सुनकर मैं हैरान हुआ। मैंने दोस्त से पूछा, “यार, ये डिप्लोमा क्या है?”

दोस्त ने जवाब दिया, “मेरे नाती का नाम।”

मैंने पूछा, “लेकिन इसका नाम डिप्लोमा क्यों रखा?”

दोस्त ने बताया, “बेटी मुंबई गई थी डिप्लोमा लेने के लिए। इसे भी ले आई। इसलिए हमने इसका नाम डिप्लोमा रख दिया।”

मैंने पूछा, “आजकल आपकी बेटी क्या कर रही है?”

दोस्त ने जवाब दिया, “मुंबई गई है डिग्री लेने के लिए।”

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निष्कर्ष

दोस्तों, उम्मीद है कि आपको “बस यूँ ही” का यह मजेदार और हंसी से भरपूर post पसंद आया होगा। इसमें दिए गए सवाल-जवाब और किस्से सिर्फ मनोरंजन के लिए हैं।

अगर इस post को पढ़कर आपके चेहरे पर मुस्कान आई हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ भी share कर सकते हैं। आखिर हंसी ऐसी चीज है, जिसे बांटने से वह कम नहीं होती!

आपको “बस यूँ ही” का कौन सा मजेदार किस्सा सबसे ज्यादा पसंद आया? नीचे comment करके जरूर बताएं।

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