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सफलता के लिए तीन सबसे आवश्यक चीजें

3 Most important things to get success, Success Mantra

दोस्तों अगर हम आपसे पूछेंगे कि सफलता किसे कहते हैं तो अधिकतर लोगों का उत्तर यही होगा,कि हम सफल तब होते हैं जब हम अपने सोचे हुए लक्ष्य तक पहुंच जाते हैं।

कहने को तो यह भी ठीक ही है परंतु हम यह नहीं देखते कि हमने वह लक्ष्य कब क्यों और कैसे निर्धारित किया। क्या हम तब सफल नहीं हुए जब हमने उस लक्ष्य को निर्धारित किया, जब उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नया मार्ग अपनाया, क्या सफलता केवल लक्ष्य तक पहुंचना ही है।

सफलता कोई वस्तु नहीं है प्रत्येक नया कार्य सफलता है जब हम कुछ भी नया, बेहतर करने की ठान लेते हैं और उसे कर गुजरते हैं। सफलता कोई छोटी बड़ी चीज नहीं है जैसा वास्तव में लोगों को लगता है।

अगर मन प्रसन्न हुआ तो हमें लगता है कि हम सफल हो गए परंतु जब मन थोड़ा भी दुखी होता है तो हमें लगता है, कि हम असफल हो गये असफलता कुछ है ही नहीं, गहराई में जाने पर यह प्रतीत होता है की यह केवल हमारे मन के विचारों की कल्पना है।

हमारा मन जब सोचता है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या होगा। हमार दिमाग जब नकारात्मक सोचने लगता है वही असफलता है। असफलता सिर्फ हमारे मन के बुरे विचार होते हैं जो हमारे काम शुरू करने से पहले हमारे मन में उठते हैं और हमें उस कार्य को शुरू करने से रोक देते हैं।

जब हम एक पेड़ लगाते हैं और उस पेड़ में फल आते हैं तो हम सोचते हैं कि हम सफल हो गए हमने पेड़ फल के लिए लगाया था और पेड़ में फल आने लग गए क्या यही है सफलता, जब हमने पेड़ लगाया था तब भी हमारा मन प्रसन्न हुआ था क्या वह सफलता नही थी।

क्या जब पेड़ को हम पानी दे रहे थे तब हमारा मन प्रसन्न नहीं हुआ था, क्या जब पेड़ धीरे-धीरे बढ़ रहा था हमारा मन प्रसन्न नहीं हुआ था, वह सब प्रसन्नता थी तभी हम सफल होने लग गए थे परंतु हमें सफलता केवल तब नजर आई जब हमें फल मिला।

क्या अगर पेड़ में फल नहीं लगते तो हम सफल नहीं होते हम तब भी सफल होते जब पेड़ बड़ा होता और उसमें फल नहीं लगते लेकिन हमें सफलता केवल तब नजर आती है जब हमें उसका फल मिलता है।

अगर कोई पेड़ लगाकर बड़ा हो जाता है, बड़ा होकर उसमें फल नहीं लगते तो क्या उस पेड़ को लगाने का कोई महत्व नहीं होता क्या उस पेड़ द्वारा दी जाने वाली ऑक्सीजन की कीमत नहीं होती उस पेड़ की लकड़ियों की कीमत नहीं होती, यह समझने की जरूरत है कि हम तब भी सफल हो गए थे जब हमने वह पेड़ लगाया था।

परंतु हर कोई अच्छे कार्यों को करने से पहले फल के बारे में सोच कर उस कार्य को करना ही नहीं चाहता और अपने जीवन में सफल हो जाता है।

हम अपने जीवन में असफल केवल तब होते हैं जब अपने मन से बुरे विचारों को सोचते हैं केवल मन की अवधारणा के कारण ही हम अपने जीवन में असफल होते हैं वरना असफलता कोई चीज है ही नहीं।

कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिनके होने पर सफलता अवश्य ही हमारे कदम एक न एक दिन चुमती है। हम इस लेख में आज आपको सफलता के लिए तीन सबसे आवश्यक चीजें बताएंगे जो प्रत्येक सफल आदमी द्वारा अपनाई गई और उनकी सफलता का रहस्य भी ये 3 गुण ही रहे।

आज हम आपके साथ सफलता के लिए तीन आवश्यक चीजें सांझा कर रहे हैं आप इन्हें सफलता का मूल मन्त्र भी कह सकते है, जिनकी बदौलत आप कठिन से कठिन कार्यों को अंजाम दे सकते हैं।

1. धैर्य

Patience Success Key

सफलता का सबसे बड़ा रहस्य है, धैर्य जिसकी महत्वता तब और अधिक बढ़ जाती है जब आप लोगों की कल्पना से परे कुछ ऐसा करने से जा रहे हो, जो कोई सोच भी नहीं सकता।

अतः जो इंसान धैर्य रखने की क्षमता रखता है वह बड़ी-बड़ी सफलताओं को हासिल कर सकता हैं क्योंकि अपनी मंजिल के रास्ते में धैर्य एक ऐसी चीज है जिसके बल पर सफलता बहुत करीब नजर आती है।

अगर धैर्य के बिना किसी कार्य को किया जाए तो वह कार्य बहुत मुश्किल लगने लगता है कभी-कभी ऐसा महसूस होता है कि वह कार्य पूरा हो ही नहीं सकता और मन में बहुत सारे विचार उठते हैं जो हमें हमारे लक्ष्य से बाधित करते हैं और उस कार्य को अधूरा ही छोड़ने के लिए हमें मजबूर कर देते हैं।

इन सब को नियंत्रित करने के लिए धैर्य ही एकमात्र ऐसी चाबी है ।अगर कोई व्यक्ति सफल होना चाहता है तो सबसे पहले उसे धैर्य रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि एक सफल व्यक्ति बनने के लिए लाखों परेशानियों का सामना करना पड़ता है कोई परेशानियां इतनी बड़ी होती हैं कि हम मुसीबतों के आगे घुटने टेक देते हैं और लक्ष्य बदल देते हैं।

आज तक संसार में जितने भी बड़े कार्य या यूँ कहें चमत्कार हुए हैं उनमें धैर्य की विशेष भूमिका रही है, दुनिया को बल्ब से रोशन करने वाले अविष्कारक थॉमस एडिसन भी बल्ब बनाने से पहल 999 बार फेल हुए थे, परन्तु धैर्यावान, आशावादी एडिसन ने हार नहीं मानी और अंत में अपने लक्ष्य को हासिल कर ही लिया

इसलिए जीवन में प्रयासों के साथ यदि आप धैर्य रखते हुए आगे बढ़ते जाते हैं, तो एक दिन सफलता अवश्य हाथ आती है।

अगर मुश्किल में भी धैर्यवान बनना सीखना ही है तो एक अखरोट के उस पेड़ से सीखो जो पतझड़ में ऐसा लगता है जैसे उसकी जीने की उम्मीद ही नहीं हो परंतु फिर भी वह हिम्मत नहीं हारता बस अपनी जड़ों के बलबूते तपती हुई, धूप में अंगारे उगलती हुई पृथ्वी में, खड़ा रहता है

ना ही उसके बदन में कपड़े अर्थात शरीर में कोई पत्ता नहीं होता बस वह खड़ा रहता है इस उम्मीद के साथ मौसम बदलेगा बारिश होगी और मेरे शरीर में फिर नए पत्ते आएंगे उसके मन में नई उम्मीद तब जगती है जब उसके छोटे-छोटे पत्ते बाहर निकलने के लिए तैयार होते हैं

तब वह बहुत प्रसन्न होता है और अपने धैर्य के बल पर एक सफल जीवन की कल्पना करता है। न जाने उस पेड़ में कितने बौर आते हैं उन्में से कितने बौर अखरोट नहीं बन पाते, न जाने कितनी बौर यूं ही गिर जाते हैं अखरोट के पेड़ को कितना दुख होता होगा जब कुछ बौर गिर जाते हैं।

लेकिन अगर सब बौर एक अखरोट का दाना बन जाएंगे तो वह पेड़ अखरोट के दानों से लद जाएगा इसीलिए अक्सर कहा जाता है कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है ऐसा ही उस अखरोट के पेड़ के साथ भी होता है।

इतने संघर्ष के बाद हमें अखरोट के पेड़ में फल यानी अखरोट के दाने नजर आते हैं। पर उसके संघर्ष से भरा जीवन हमें विपरीत परिस्थियों में भी धैर्य रखने की सीख दे जाता है ।

2.  परिश्रम

जिस प्रकार जीवन के लिए पानी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है वैसे ही सफलता के लिए कठिन परिश्रम अत्यन्त जरूरी है। इतिहास अनेक ऐसे उदाहरणों से भरा हुआ है जिन्होंने कड़ी मेहनत के दम पर नामुमकिन को भी संभव कर दिखाया!

फिर चाहे बात को पहाड़ तोड़कर सड़क बनाने वाले दशरत मांझी की या आधुनिक दौर में 16 घंटे काम करने वाले SpaceX और टेस्ला के मालिक की।

इसीलिए जो इंसान जीवन में सफल होना चाहता है उसे अभी से कठिन परिश्रम करने की आदत डालनी चाहिए जो कि जरूरत पड़ने परकाम आ सके, क्योंकि हम अपने जीवन में जो आदत बनाते हैं वही आदत हमारी जिंदगी का एक अभिन्न अंग बन जाती है।

इसलिए हमें वक्त रहते ही कठिन परिश्रम करने की आदत डालनी चाहिए ।

चाहे हमारी मंजिल कुछ भी हो उस मंजिल तक पहुंचने के लिए हमें जिन रास्तों का सफ़र करना पड़ता है वे रास्ते बहुत ही कठिन होते हैं और वहां बहुत संघर्ष करने की जरूरत पड़ती है।

हमेशा संघर्षों के बीच सफलता छुपी रहती है और उसे हमें बाहर निकालने की जरूरत पड़ती है।

3. संकल्प शक्ति

संकल्प शब्द ही एक ऐसी चीज है इसका मनन करने के बाद हम अपनी मंजिल की तरफ बिना रुके बढ़ते रहते हैं क्योंकि जब हम किसी भी चीज का संकल्प लेते हैं तो वहीं चीज हमारे दिमाग में बार-बार गूंजने लगती है और हम उस चीज को हासिल करने के लिए हर एक पल मेहनत करने लगते हैं जिससे हम उस मंजिल तक पहुंच सके।

सिर्फ संकल्प लेने से सब कुछ नहीं होता संकल्प लेकर उसके पीछे उर्जा और समय खर्च करना पड़ता है तब जाकर हमें मंजिल प्राप्त होती है इसलिए हमें संकल्प हमेशा उन्हीं चीजों का लेना चाहिए जिसे प्राप्त करने के लिए हमारे पास क्षमता हो।

जब हम बिना संकल्प किए किसी मंजिल की तरफ निकलते हैं तो कभी कभार हम आधे सफर से वापस चले आते हैं, क्योंकि हम उस कार्य को समाप्त करने का संकल्प लेते ही नहीं, और जब हमें परेशानियां होती हैं तो हम उसे वहीं पर छोड़ देते हैं। इसलिए संकल्प एक ऐसी चीज है जिसके होने के बावजूद हम अपनी उम्मीद कभी हारते ही नहीं और मंजिल तक पहुंच जाते हैं।

सीख-

हमें एक सफल व्यक्ति बनने के लिए धैर्य कठिन परिश्रम तथा संकल्प शक्ति की आवश्यकता होती है इन सब के बल पर ही हम एक सफल व्यक्ति बन सकते हैं, इन गुणों की कमी के चलते व्यक्ति की सफल होने की नीव भी कमजोर हो जाती है इसलिए हमें हमेशा ये अच्छे गुण अपनाने चाहिए।

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