Browsing: अमर कहानियाँ

एक समय की बात है, एक गाँव में दो गरीब किसान रहते थे। दोनों के ही पास थोड़ी थोड़ी ही ज़मीन थी, दोनों उसमें ही मेहनत करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते थे। अकस्मात से कुछ समय पश्चात…

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हिन्दी हमारी राष्ट्रीय और मातृभाषा है जो हमारे विचारों को खुबसूरत अंदाज़ से प्रदर्शित करने में बेहतरीन भूमिका निभाती है। इस भाषा में बहुत से ऐसे मुहावरे या लोकोक्तियां सदियों से प्रचलित हैं जिसे हम अपनी बोलचाल की भाषा में…

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भले ही समय बदल चुका हो लेकिन आज भी मनुष्य पुनर्जन्म (Reincarnation) पर शोध करने के लिए व्याकुल है उसके सामने अनेक ऐसी घटनाएं देखने व सुनने को मिलती हैं जिसके कारण वह इन बातों से असमंजस में पड़ जाता…

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सवा सेर गेहूँ के लिए ज़िन्दगी भर पैर में गुलामी की बेडियां, सवा सेर गेहूँ – “मुंशी प्रेमचंद” की कहानी, Sawa Ser Gehu किसानों के संघर्ष, मेहनत, पीड़ा और शोषक समाज की कहानी। चढ़ते ब्याज के साथ सवा सेर से…

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दोस्तों, सुख और दुःख, प्रसन्नता और उदासीपन अपने और आपके कर्मो के ही फल हैं जो कभी न कभी आपके द्वारा किये हुए हैं, इस जन्म में नहीं तो पिछले जन्म में, यह कर्मभोग व्यक्ति को करना ही पड़ता हैं…

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सुंदरता का दूसरा नाम स्त्री है। जिस तरह हम प्रकृति की सुंदरता का वर्णन किए बिना नहीं रह सकते, उसी तरह नारी की सुंदरता को भी नकारा नहीं जा सकता। प्रेम, धैर्य, त्याग, समर्पण और लज्जा का दूसरा नाम ही…

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कुछ विचार केवल पढ़ने के लिए नहीं होते, बल्कि वे हमारे जीवन को देखने का नजरिया बदल देते हैं। रामकृष्ण परमहंस के सुविचार भी ऐसे ही विचारों में शामिल हैं, जिनमें सत्य, प्रेम, भक्ति, आत्मज्ञान, त्याग और मानव सेवा जैसे…

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