शायद! अब वह चली गई है – कविताएं | Hindi Poems | Poetry

1

Hindi Poems, Hindi Poetry, Hindi Kavita, Poem By Rajkumar Yadav

शायद! अब वह चली गई है
अब वो चबूतरा सूना सूना है
जिस पे बैठती थी,तो रौनकें बिखर जाती थी
मैं अकसर उसे दूर से देखता था, वो पास से गुजर जाती थी

जब वो दिखाई नहीं देती तो
लगता था,आज सूरज फीका पड़ गया
पंछी सारे गम वाले गीत गाा रहे है
कोई बिरहन पियाजी को आवाज दे रही है

वैसे मै जादू – वादू नहीम मानता हूं
लेकिन उसमें जरूर कोई जादू था
बिन चाहे भी उसकी ओर खींचा जाता था
बेवजह मैं गाने लगता, नाचने लगता

शायद!अब वो चली गई है
वो कुर्सी खाली खाली है
जिस पर बैठ कर घंटों राह तकती थी
मैं जिससे प्यार करता था,वह वही लड़की थी
जो चली गई है, किसी और की हो चली है

– राजकुमार यादव (Raj Kumar Yadav)

 

 

About Author

Raj Yadav is a Guest Post contributor at AchhiBaatein.Com, he also have published some other Hindi Kavita, He want to be a lyricist in Bollywood. He also run his Hindi Blog named as rozaana.wordpress.com.

नयी पोस्ट ईमेल द्वारा प्राप्त करने के लिए Sign Up करें।
Follow us on:
facebook twitter gplus pinterest rss

1 Comment

Leave A Reply