• Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
Facebook Twitter Instagram LinkedIn Reddit RSS
Most Liked Posts
  • तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
  • शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
  • शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
  • GyanKamao से पैसे कैसे कमाएं? GyanKamao क्या है और कैसे काम करता है?
  • Freelancing से पैसे कैसे कमाएं? Freelancer बनने की पूरी जानकारी
  • Facebook Ads से पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Bike Se Paise Kaise Kamaye? बाइक से पैसे कमाने के 12 तरीके
Facebook Twitter Instagram Pinterest LinkedIn Reddit RSS
AchhiBaatein.Com
  • Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
AchhiBaatein.Com
Hindi Thoughts 8 Mins Read

कोरोना वायरस ने दुनिया वालोंं को क्या-क्या सबक दिए हैं?

Junaid ArslanBy Junaid Arslan1 Comment8 Mins Read
Best Lessons from the COVID-19 pandemic
साझा करें
Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp

दुनियाभर में तबाही की भयानक दास्तान लिख चुके कोरोना वायरस ने जहां लाखों इंसानों को मौत के घाट उतार दिया, वहीं आम लोगों के लिए यह वायरस अब भी जबरदस्त चिंता और निराशा का कारण बना हुआ है।

इस लेख में
  • किनकी बिगड़ी है मानसिक स्थिति?
  • कैसे बिगड़े हालात?
  • लोगों ने कर्ज़ लेकर काम चलाए
  • आपदा से मिलते हैं गहरे सबक
  • 1. वायरस ने इंसानों को रिश्ते के बंधन को मजबूत करना सिखाया
  • 2. आजादी का महत्व
  • 3. बड़ी कंपनियों ने सीखा उत्पादकता बढ़ाने का हुनर
  • 4. वायरस ने तोड़ा इंसानों का घमंड
  • 5. कोरोना वायरस ने सिखाया समानता का कड़ा संदेश

इस बीमारी की चपेट में आने वाले मरीजों में जहां शारीरिक कमजोरी व्याप्त रहती है, वहीं यह मानसिक तौर पर भी लोगों को तोड़ कर रख देता है।

एक और जहां इसकी चपेट में आकर लाखों लोग मौत की नींद सो गए, वहीं यह अपनी गिरफ्त में लेने वाले मरीजों के अलावा सेहतमंद लोगों को भी आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक तौर पर परेशान कर रहा है।

इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह यह रही कि इस वायरस के वजूद में आने के बाद से ही दुनियाभर में हर तरह की सामाजिक सरगर्मियों और गतिविधियों पर रोक लग गई और वे लॉकडाउन के चलते अपने घरों में ही कैद होकर रह गए। इस तरह जो लोग स्वस्थ थे, वे भी या तो भय एवं संशय में पड़ गए या फिर भविष्य की चिंता और आर्थिक हालात की तंगी के कारण घोर मानसिक तनाव से ग्रस्त हो गए।

किनकी बिगड़ी है मानसिक स्थिति?

कोरोना महामारी के इस विनाशकारी दौर में परिस्थितियों की विडंबना यह है कि इसके सही आंकड़ों से अब तक लोगों को पूरी तरह से खबरदार भी नहीं किया जा सका है। कोविड के सक्रिय मरीजों के अलावा बहुत से पुरुष, महिलाएं, बच्चे, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सफाई कर्मी, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और फ्रंट लाईन वर्कर्स भी मानसिक तनाव और बेचैनी का शिकार रही हैं।

दुनिया की किसी भी महामारी की विशेषता यही होती है कि वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समाज के हर व्यक्ति को किसी न किसी तरह प्रभावित ज़रूर करती है जिससे उनके बीच चिंता, अवसाद और संकट के गाढ़े काले बादल लगातार छाए रहते हैं।

ये बादल तब तक नहीं छंटते जब तक इस महामारी का कोई कारगर हल या समाधान नहीं निकल आता, चाहे वह इलाज की शक्ल में हो या फिर आर्थिक और सामाजिक समाधान के रूप में हो।

कैसे बिगड़े हालात?

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज में आपसी सहयोग, समन्वय और संपर्क कायम कर वह अपने दुखों को बांटता और उनका कारगर हल तलाश करता है। अगर उसे सही और सकारात्मक माहौल न मिले तो वह मानसिक रूप से बीमार हो जाता है जिसका असर उसके दैनिक जीवन के आर्थिक एवं व्यापारिक कार्यों पर पड़ता है।

ज़ाहिर है, जब जिंदगी के लाले पड़ जाएं तो किसी भी शख्स या समाज के लिए भौतिक, सामाजिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से चिंता और संकट के बादल अपने आप मंडराने लगते हैं। अस्पतालों में भारी भीड़, चीखो पुकार, बिलखते परिजन, ऑक्सीजन की कमी और जलती लाशें वह भयानक मंज़र थे जो मीडिया और सोशल मीडिया में बिल्कुल आम हो चुके थे।

इन खबरों का बुरा असर यह हुआ कि यह मानसिक तौर पर लोगों को बीमार और भयभीत करने लगीं। क्योंकि लॉकडाउन के चलते लोग घरों में कैद होकर अपना ज्यादातर समय टीवी और मोबाइल के साथ ही बिताते लगे थे।

टीवी और मोबाइल पर नज़र आने वाले बहुत से भयानक दृश्य उनके दिमाग को और अधिक प्रभावित कर रहे थे जिससे उनका दुख गहरा और जख्म हरा हो जाता था।

मिसाल के तौर पर, दिल्ली की निवासी कविता बिष्ट का जनरलाइज्ड एंजाइटी का उपचार चल रहा था। कोरोना काल में अनेक छोटी घटनाओं पर भी वह भयभीत हो जाती थीं। इस तरह वे शारीरिक तौर पर बीमार तो थी हीं, लेकिन कोरोना के दौर में खौफ और दहशत ने उन्हें दिमागी तौर पर भी सख्त बीमार कर दिया था। इन्हीं डरावने हालात के चलते इस समय उनका मानसिक इलाज चल रहा है।

बहुत से मरीज जिन्हें कोरोना वायरस ने अभी तक अपना निशाना नहीं बनाया था, वे भी बेवजह के खौफ में पड़कर परेशान रहने लगे। उन्हें यह डर सताता रहता कि कहीं उनके साथ कोई अप्रत्याशित या खौफनाक घटना ना घट जाए। क्योंकि वे लगातार हो रही मौतों और अस्पताल के बाहर मरीजों की भीड़ से मानसिक तौर पर आतंकित होकर पूरी तरह कमज़ोर हो चुके थे।

लोगों ने कर्ज़ लेकर काम चलाए

इसके अलावा कोरोना काल में अपनी अर्थव्यवस्था की गाड़ी को आगे बढ़ाने और परिवार चलाने के लिए बहुत से लोगों ने मजबूर होकर इधर उधर से कर्ज़ लेने शुरू कर दिए थे। यह कर्ज कभी वे सरकारी या प्राइवेट बैंकों से लेते तो कभी किसी व्यक्ति विशेष से।

लेकिन कभी ना कभी तो इस कर्ज़ को चुकाने के लिए उन्हें बिल्कुल तैयार होना ही था। जब इंसान किसी से कर्ज लेता है तो समय सीमा बीत जाने पर अपने आप मानसिक दबाव में आकर उलझन का शिकार हो जाता है।

सरकार और बैंकों से कर्ज लेने वालों में केवल आम लोग ही नहीं बल्कि बड़े बड़े व्यापारी भी शामिल हैं जिनमें से अक्सर लोगो ने अभी तक अपने कर्ज को अदा भी नहीं किया है।

छात्रों के लिए भी लॉकडाउन में तकरीबन साल डेढ़ साल तक स्कूल और कॉलेज के दरवाजे बंद रखे गए थे जिससे उनकी शैक्षिक क्षतिपूर्ति अब तक नहीं हो पाई है और इस तरह वह मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं कि उनके डेढ़ साल के शिक्षा के नुकसान की भरपाई आखिर कैसे होगी?

जबकि समाज के मजदूर तबके की हालत से हर शख्स वाकिफ है कि रोज कुआं खोदने और पानी पीने वाला यह वर्ग जब आम दिनों में ही किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण कर लिया करता है तो कोरोना के इस आर्थिक संकट में उसकी क्या हालत हुई होगी? इस तरह किसी न किसी तरह समाज का हर वर्ग कोरोना काल में मानसिक कष्ट झेल रहा है।

आपदा से मिलते हैं गहरे सबक

उल्लेखनीय है कि जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आसमान से ज़मीन पर उतरती है तो न सिर्फ़ ये कि मानव जीवन, संपत्ति और अर्थव्यवस्था बुरी तरह टूट कर बिखर जाती है, बल्कि इसी के साथ वह आपदा मानव जाति के लिए अनेकों गहरे और सकारात्मक सबक भी छोड़ जाती है।

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंसेंट चर्चिल ने अपने एक ऐतिहासिक भाषण के दौरान कहा था कि किसी भी संकट को कभी भी व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए।

उनके कहने का मतलब यह था कि दुनिया का हर संकट इंसानों को कुछ सकारात्मक सबक ज़रूर सिखाता है, अगर इन्सान चाहे तो उस आपदा में ही कोई बेहतर अवसर तलाश कर सकता है।

आइए जानते हैं कोरोना महामारी ने दुनियावालो को क्या सकारात्मक सबक दिए हैं

1. वायरस ने इंसानों को रिश्ते के बंधन को मजबूत करना सिखाया

लॉकडाउन से पहले हम कारोबार में इतने व्यस्त हो गए थे कि परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए समय निकालना बेहद मुश्किल हो गया था। भारी तबाही मचाने के बावजूद, कोविड ने निश्चित रूप से हमें अपने जीवन में रिश्तों का महत्व सिखा दिया है।

2. आजादी का महत्व

लॉकडाउन के चलते लोग अपने ही घरों में बंदियों की तरह रहने को मजबूर हो जाते हैं। लंबे समय तक, कोरोना ने लोगों को आज़ादी के साथ घूमने का कोई मौका ही नहीं दिया। अब जबकि हालात कुछ सामान्य हो गए हैं, लोग भी आजादी की अहमियत को बाखूबी समझने लगे हैं।

3. बड़ी कंपनियों ने सीखा उत्पादकता बढ़ाने का हुनर

जब दुनिया की बड़ी कंपनियों ने देखा कि यह वायरस दैनिक दिनचर्या और गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाकर उन्हें और नुकसान पहुंचाएगा, तो अपने लिए व्यापार के दरवाजे बंद होता देख कंपनियों ने कर्मियों को आफिसों के ताले खोले बिना ही अपनी सेवा जारी रखने के कड़े निर्देश दिए।

बड़ी कंपनियों ने कर्मचारियों को स्पेशल प्रोजेक्ट देकर वर्क फ्रॉम होम शुरू किया। COVID 19 ने कंपनियों को सिखाया है कि अपने कर्मचारियों को सड़कों पर उतारे बिना और समय लेने वाले कष्टदायक ट्रैफिक जाम में फंसाए बिना भी व्यवसाय के किसी क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।

4. वायरस ने तोड़ा इंसानों का घमंड

कोविड-19 ने दुनिया को कड़ा संदेश दिया है कि मनुष्य आधुनिक विज्ञान और तकनीक की मदद से विकास की कितनी भी हदें पार कर जाए, वह प्राकृतिक शक्ति (आपदाओं) से टकराने के काबिल नहीं हो सकता।

इस वायरस ने सिखाया कि इंसानों को भी अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के बारे में थोड़ी चिंता तो ज़रूर व्यक्त करनी चाहिए, अन्यथा परिणाम भयानक हो सकते हैं और स्थिति कभी भी उनके हाथ से निकल सकती है। इस तरह मनुष्य का अहंकार टूट गया।

मनुष्य अब प्रकृति की शक्ति और क्षमता के प्रति पहले के मुकाबले कुछ ज़्यादा सम्मान दिखा रहा है। आपके पास दुनियाभर के संसाधन और दौलत के खजाने हो सकते हैं, लेकिन आप इस तरह की महामारियों से अपनी जान की हिफाज़त नहीं कर सकते।

इसके लिए आपको जरूरी कदम उठाते हुए कड़ी सावधानियां बरतनी होंगी वरना आपके अस्तित्व के लिए भीषण खतरा उत्पन्न हो सकता है।

5. कोरोना वायरस ने सिखाया समानता का कड़ा संदेश

इस वायरस ने दुनियाभर के देशों में कहर बरपा कर लोगों को एक गहरा संदेश यह दे दिया है कि कोई भी देश चाहे जितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, दैवीय आपदाओं के खतरों से अछूता नहीं रह सकता।

इस वायरस ने अमीरों और गरीबों को समान रूप से अपना निशाना बनाया है। कोरोना वायरस यह नहीं देखता कि कोई व्यक्ति दलित है या सवर्ण, मालिक है या मज़दूर, हिंदू है या मुस्लिम, सिख है या ईसाई, बल्कि यह केवल धरती की पीठ पर रेंगने वाले प्राणियों को देखता है।

अपने इस बरताव से कोविड-19 ने इन्सानों को समानता का कड़ा संदेश दिया है।

Previous ArticleRewire Book Summary in Hindi – बुरी आदतों को कैसे बदलें
Next Article 7 Habits of Highly Effective People Book Summary in Hindi
Junaid Arslan
  • Website
  • Facebook
  • LinkedIn

लेखक, वरिष्ठ संवाददाता व पत्रकार @ "कुशल व्यवहार" (निष्पक्ष हिन्दी साप्ताहिक), उत्तर प्रदेश

यह भी पढ़े

8 Mins Read

नव वर्ष को जीवन का बेहतरीन साल बनाने के तरीके

पूरा पढ़े
8 Mins Read

जीवन में Motivation क्यों जरुरी है?

पूरा पढ़े
7 Mins Read

सौ सुनार की और एक लोहार की

पूरा पढ़े

1 Comment

  1. mozammil shadab on Jan 17, 2022 12:21 am

    Bhot achha lekh hai bhai

    Reply

Leave A Reply Cancel Reply

Popular Posts
16 Mins ReadAug 11, 2026

Financial Planning Tips in Hindi: Business के लिए जरूरी Financial Planning

13 Mins ReadAug 10, 2026

भारत के 28 राज्य और राजधानी, मुख्यमंत्री, भाषा व ISO Code

17 Mins ReadAug 11, 2026

195 देशों की राजधानी और मुद्रा

10 Mins ReadAug 26, 2026

Blog और Blogging क्या हैं? क्या मुझे ब्लॉगिंग करनी चाहिए?

16 Mins ReadAug 20, 2026

Copyright, Patent और Trademark में अंतर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

Latest Posts
8 Mins ReadAug 8, 2026
तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
11 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
10 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
8 Mins ReadAug 9, 2026
Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
1 2 3 … 184 Next
Categories
  • Blogging Tips (8)
  • Book Summary (35)
  • Business Ideas & Earn Money (30)
  • General (13)
  • General Knowledge (55)
  • Health Tips (53)
  • Hindi Essay (2)
  • Hindi Quotes (59)
  • Hindi Thoughts (39)
  • Let's Laugh (8)
  • Motivational Hindi Songs (47)
  • Motivational Hindi Stories (25)
  • Personality Development (50)
  • Success Stories (17)
  • अमर कहानियाँ (7)
  • चाणक्य नीति (19)
  • चुटकुले (9)
  • जीवनी (63)
  • धार्मिक परंपरा व आस्था (12)
  • प्रेरक प्रसंग (10)
  • महत्वपूर्ण जानकारियां (9)
  • रोचक घटनाये (3)
  • रोचक तथ्य (8)
  • लोक व्यवहार (33)
  • श्रीमदभागवत गीता अंश (9)
  • सफलता के मंत्र (73)
  • सफलता के रहस्य (54)
  • हिंदी कहानियाँ (93)
  • हिंदी दोहे और उक्तिया (1)
  • हिंदी शेर और शायरी (6)
  • हिन्दी कविताएं (40)
About Us

अच्छी बातें डॉट कॉम

AchhiBaatein is a famous Hindi blog for Famous Quotes and Thoughts, Motivational & Inspirational Hindi Stories and Personality Development Tips

DMCA.com Protection Status

Recent Comment
  • Vijay Pal on आखिर जीवन का लक्ष्य क्या हैं?
  • Mahesh Yadav on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • kumar on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • puja on Top 10 successful profitable startups in India
Subscribe to Updates
सभी नए Posts अपने E-Mail पर तुरंत पाने के लिए यहाँ अपनी E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

कृपया यहाँ Subscribe करने के बाद अपनी E-mail ID खोलें तथा भेजे गये Verification लिंक पर Click करके Verify करें

Powered by ® Google Feedburner

Copyright © achhibaatein.com 2013 - 2026 . All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Advertise
  • Guest Column
  • Privacy Policy
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.