• Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
Facebook Twitter Instagram LinkedIn Reddit RSS
Most Liked Posts
  • तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
  • शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
  • शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
  • GyanKamao से पैसे कैसे कमाएं? GyanKamao क्या है और कैसे काम करता है?
  • Freelancing से पैसे कैसे कमाएं? Freelancer बनने की पूरी जानकारी
  • Facebook Ads से पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Bike Se Paise Kaise Kamaye? बाइक से पैसे कमाने के 12 तरीके
Facebook Twitter Instagram Pinterest LinkedIn Reddit RSS
AchhiBaatein.Com
  • Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
AchhiBaatein.Com
Hindi Quotes Hindi Thoughts 17 Mins Read

Vallabhbhai Patel Quotes in Hindi: सरदार पटेल के 73 अनमोल विचार

Mahesh YadavBy Mahesh YadavUpdated:Sep 8, 20262 Comments17 Mins Read
Sardar Vallabhbhai Patel Quotes in Hindi
साझा करें
Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp

सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। स्वतंत्रता के बाद वे भारत के प्रथम उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने तथा देश की अनेक रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने में उनकी केंद्रीय भूमिका रही। इसी कारण उन्हें भारत के “लौह पुरुष” और आधुनिक भारत की राजनीतिक एकता के प्रमुख शिल्पियों में गिना जाता है।

इस लेख में
  • सरदार वल्लभभाई पटेल का संक्षिप्त जीवन परिचय
  • सरदार पटेल और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान
  • सरदार पटेल को “लौह पुरुष” क्यों कहा जाता है?
  • सरदार पटेल और भारत का एकीकरण
  • सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू
  • सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत रत्न
  • Statue of Unity: सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा
  • Vallabhbhai Patel Quotes in Hindi | सरदार पटेल के 73 अनमोल विचार
    • 1. साहस और जीवन
    • 16–30. ईश्वर, एकता, कर्म और संघर्ष
    • 31–45. जीवन, चरित्र, त्याग और राष्ट्र
    • 46–60. चेतना, निर्भयता और आत्मविश्वास
    • 61–73. शिक्षा, सेवा, स्वराज और राष्ट्रप्रेम
  • सरदार पटेल के विचारों से हमें क्या सीख मिलती है?
  • निष्कर्ष
  • अन्य प्रेरणादायक व्यक्तियों के विचार भी पढ़ें

Vallabhbhai Patel Quotes in Hindi का यह संग्रह उनके नाम से प्रचलित 73 प्रेरणादायक विचारों को प्रस्तुत करता है। इन विचारों में एकता, साहस, कर्तव्य, सेवा, आत्मविश्वास, अनुशासन, स्वतंत्रता और राष्ट्रप्रेम जैसे विषय प्रमुख हैं।

सरदार वल्लभभाई पटेल का संक्षिप्त जीवन परिचय

Vallabhbhai Patel का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को नडियाद, गुजरात में हुआ था। वे झवेरभाई पटेल और लाडबाई के परिवार से थे और उनका प्रारंभिक जीवन एक कृषक परिवार के वातावरण में बीता। औपचारिक उच्च शिक्षा के लिए सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने स्वाध्याय और मेहनत से अपनी शिक्षा पूरी की।

बाद में वे England गए और कानून की पढ़ाई की। 1912 में भारत लौटने के बाद उन्होंने अहमदाबाद में वकालत शुरू की। उनकी कानूनी योग्यता, आत्मविश्वास और प्रभावशाली व्यक्तित्व के कारण वे शीघ्र ही सफल वकील के रूप में प्रसिद्ध हो गए।

महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होने के बाद उनके जीवन की दिशा बदल गई और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने खेड़ा, बारडोली और अन्य जन आंदोलनों में महत्वपूर्ण नेतृत्व किया।

सरदार पटेल और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान

1918 के खेड़ा सत्याग्रह ने Vallabhbhai Patel को किसानों के नेता के रूप में स्थापित किया। इसके बाद वे गांधीजी के निकट सहयोगी बने और स्वतंत्रता आंदोलन के संगठन तथा जनसंपर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।

1928 के बारडोली सत्याग्रह में उनके नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कर दिया। किसानों के सफल आंदोलन के बाद उन्हें “सरदार” की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह उपाधि आगे चलकर उनके नाम का स्थायी हिस्सा बन गई।

सरदार पटेल को “लौह पुरुष” क्यों कहा जाता है?

सरदार पटेल के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषताओं में दृढ़ता, अनुशासन, संगठन क्षमता और कठिन निर्णय लेने की क्षमता शामिल थीं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने बड़े पैमाने पर लोगों को संगठित किया और स्वतंत्रता के बाद देश की राजनीतिक एकता के लिए कठिन निर्णय लिए।

भारत की स्वतंत्रता के समय देश में सैकड़ों रियासतें थीं। सरदार पटेल ने राजनीतिक कौशल, संवाद और दृढ़ता के माध्यम से उन्हें भारतीय संघ में शामिल करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही उनके जीवन की सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।

उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि उनके व्यक्तित्व में अद्भुत अनुशासन, संगठन-शक्ति और शीघ्र निर्णय लेने की क्षमता थी। वे कर्म और जिम्मेदारी को बहुत महत्व देते थे।

सरदार पटेल मन, वचन तथा कर्म से एक सच्चे देशभक्त थे। वे वर्ण-भेद तथा वर्ग-भेद के कट्टर विरोधी थे। वे अन्तःकरण से निर्भीक थे। वो जिस काम को करने की ठान लेते थे उसे पूरा करके ही दम लेते थे। जिस तरह लोहा कभी झुकता और मुड़ता नहीं है उसी तरह सरदार वल्लभभाई पटेल भी अपने संकल्पों से कभी नहीं हटे थे।

सरदार पटेल और भारत का एकीकरण

स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत के पहले गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उस समय भारतीय संघ के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों का एकीकरण था। पटेल ने इस कार्य में निर्णायक भूमिका निभाई और भारत की राजनीतिक एकता को मजबूत आधार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उनके योगदान के कारण उन्हें आधुनिक भारत के राजनीतिक एकीकरण के प्रमुख शिल्पियों में गिना जाता है।

सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू

सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रमुख नेताओं में थे। दोनों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद भी रहे, जबकि दोनों ने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

विशेष रूप से Kashmir जैसे विषयों को लेकर दोनों नेताओं के विचारों और दृष्टिकोण पर लंबे समय से ऐतिहासिक बहस होती रही है। इसलिए यह कहना कि “यदि सरदार पटेल पहले प्रधानमंत्री होते तो कश्मीर समस्या कभी नहीं होती” एक ऐतिहासिक तथ्य के बजाय एक बाद का राजनीतिक अनुमान है। उपलब्ध historical records से विषय कहीं अधिक complex दिखाई देता है।

सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत रत्न

देश के लिए उनके योगदान को सम्मानित करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल को वर्ष 1991 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

भारत रत्न से सम्मानित महान व्यक्तित्वों की सूची पढ़ें →

Statue of Unity: सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा

सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में गुजरात के नर्मदा जिले के Sadhu Bet में Statue of Unity का निर्माण किया गया। यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है और 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित की गई थी। वर्तमान सरकारी स्रोतों के अनुसार यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है।

Statue of Unity सरदार पटेल की राष्ट्रीय एकता की विरासत को दर्शाने वाला एक प्रमुख स्मारक है। इसके परिसर में museum, exhibition और viewing gallery जैसी सुविधाएं भी हैं।
Statue of Unity और सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा

Vallabhbhai Patel Quotes in Hindi | सरदार पटेल के 73 अनमोल विचार

1. साहस और जीवन

1. अक्सर मैं ऐसे बच्चे जो मुझे अपना साथ दे सकते हैं के साथ हंसी-मजाक करता हूँ, जब तक एक इंसान अपने अन्दर के बच्चे को बचाए रख सकता है तभी तक उसका जीवन उस अंधकारमयी छाया से दूर रह सकता है जो इंसान के माथे पर चिंता की रेखाएं छोड़ जाती है।

2. अगर आप आम के फल को समय से पहले ही तोड़ कर खा लेंगे, तो वह खट्टा ही लगेगा। लेकिन वहीँ आप उसे थोड़ा समय देते हैं तो वह खुद-ब-खुद पककर नीचे गिर जाएगा और आपको अमृत के समान लगेगा।

3. अगर आपके पास शक्ति की कमी है तो विश्वास किसी काम का नहीं क्योंकि महान उद्देश्यों की पूर्ति के लिए शक्ति और विश्वास दोनों का होना जरूरी है।

4. अगर हमारी करोड़ों की दौलत भी चली जाए या फिर हमारा पूरा जीवन बलिदान हो जाए तो भी हमें ईश्वर में विश्वास और उसके सत्य पर विश्वास रखकर प्रसन्न रहना चाहिए।

5. अधिकार मनुष्य को तब तक अँधा बनाये रखेंगे, जब तक मनुष्य उस अधिकार को प्राप्त करने हेतु मूल्य न चुका दे।

6. अपने जीवन में हम जो कुछ कर पाते हैं, वह कोई बड़ी बात नहीं, जिसके लिए हम गुरुर कर सकें, क्योंकि जो कुछ हम करते हैं, उसमे हमारा क्या भाग है? असल में कराने वाला तो खुदा है।

7. अविश्वास भय का प्रमुख कारण होता है।

8. आज हमें ऊंच-नीच, अमीर-गरीब, जाति-पंथ के भेदभावों को समाप्त कर देना चाहिए।

9. आत्मा को गोली या लाठी नहीं मार सकती, दिल के भीतर की असली चीज इस आत्मा को कोई हथियार नहीं छू सकता।

10. आपकी अच्छाई आपके मार्ग में बाधक है, इसलिए अपनी आँखों को क्रोध से लाल होने दीजिये और अन्याय का मजबूत हाथों से सामना कीजिये।

11. आपके घर का प्रबंध दूसरों को सौंपा गया हो तो यह कैसा लगता है- यह आपको सोचना है जब तक प्रबंध दूसरों के हाथ में है तब तक परतन्त्रता है और तब तक सुख नहीं।

12. आपको अपना अपमान सहने की कला आनी चाहिए।

13. आलस्य छोडिये और बेकार मत बैठिये क्योंकि हर समय काम करने वाला अपनी इन्द्रियों को आसानी से वश में कर लेता है।

14. इंसान जितने सम्मान के लायक हो, उतना ही उसका सम्मान करना चाहिये, उससे अधिक नहीं करना चाहिये नहीं तो उसके नीचे गिरने का डर रहता है।

15. इस देश की मिट्टी में कुछ अलग ही बात है, जो इतनी कठिनाइयों के बावजूद हमेशा महान आत्माओं की भूमि रही हैं।

16–30. ईश्वर, एकता, कर्म और संघर्ष

16. ईश्वर का नाम ही (रामवाण) दवा है दूसरी सब दवाएं बेकार हैं वह जब तक हमें इस संसार में रखे, तब तक हम अपना कर्तव्य करते रहें जाने वाले का शोक न करें, क्योंकि जीवन की डोर तो उसी के हाथ में है फिर चिंता की क्या बात याद रहे कि सबसे दुखी मनुष्य में भगवान का वास होता है वह महलों में नहीं रहता।

17. उतावले उत्साह से बड़ा परिणाम निकलने की आशा नहीं रखनी चाहिये।

18. एकता के बिना जनशक्ति शक्ति नहीं है, जब तक उसे ठीक तरह से सामंजस्य में ना लाया जाए और एकजुट ना किया जाए।

19. कठिन समय में कायर बहाना ढूढ़ते है तो वही बहादुर व्यक्ति रास्ता खोजते है।

20. कठोर-से-कठोर हृदय को भी प्रेम से वश में किया जा सकता है प्रेम तो प्रेम है माता को भी अपना काना-कुबड़ा बच्चा भी सुंदर लगता है और वह उससे असीम प्रेम करती है।

21. कर्तव्यनिष्ठ पुरूष कभी निराश नहीं होता अतः जब तक जीवित रहें और कर्तव्य करते रहें तो इसमें पूरा आनन्द मिलेगा।

22. कल किये जाने वाले कर्म का विचार करते-करते आज का कर्म भी बिगड़ जाएगा और आज के कर्म के बिना कल का कर्म भी नहीं होगा, अतः आज का कर्म कर लिया जाये तो कल का कर्म स्वत: हो जाएगा कल हमें कोई मदद देने वाला है, इसलिए आज बेठे रहे, तो आज भी बिगड़ जाएगा, और कल तो बिगड़ेगा ही।

23. काम करने में तो मजा ही तब आता है, जब उसमे मुसीबत होती है मुसीबत में काम करना बहादुरों का काम है मर्दों का काम है कायर तो मुसीबतों से डरते हैं लेकिन हम कायर नहीं हैं, हमें मुसीबतों से डरना नहीं चाहिये।

24. कायरता का बोझा दूसरे पड़ोसियों पर रहता है अतः हमें मजबूत बनना चाहिए ताकि पड़ोसियों का काम सरल हो जाए।

25. किसी तन्त्र या संस्थान की पुनपुर्न: निंदा की जाए तो वह ढीठ बन जाता है और फिर सुधरने की बजाय निंदक की ही निंदा करने लगता है।

26. किसी राष्ट्र के अंतर में स्वतन्त्रता की अग्नि जल जाने के बाद वह दमन से नहीं बुझाई जा सकती स्वतन्त्रता-प्राप्ति के बाद भी यदि परतन्त्रता की दुर्गन्ध आती रहे तो स्वतन्त्रता की सुगंध नहीं फैल सकती।

27. कोशिश करना हमारा फर्ज है अगर हम अपने फर्ज को पूरा ना करें तो हम ईश्वर के गुनहगार बनते हैं।

28. गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।

29. चरित्र के विकास से बुद्धि का विकास तो हो ही जाएगा और लोगों पर छाप तो हमारे चरित्र की ही पडती है।

30. जब तक हमारा अंतिम ध्येय प्राप्त ना हो जाए तब तक उत्तरोत्तर अधिक कष्ट सहन करने की शक्ति हमारे अन्दर आये, यही सच्ची विजय है।

31–45. जीवन, चरित्र, त्याग और राष्ट्र

31. जवानी को जाते देर नहीं लगती और गई हुई जवानी फिर वापस नहीं आती, जो मनुष्य जवानी के एक एक पल का उपयोग करता है, वह कभी बूढा नहीं होता सदा जवान बने रहने की इच्छा वाला मनुष्य मरते दम तक अपने कर्त्तव्य पालन में जुटा रहता है।

32. जितना दुःख भाग्य में लिखा है, उसे भोगना ही पड़ेगा-फिर चिंता क्यों?

33. जिसने भगवान को पहचान लिया, उसके लिए तो संसार में कोई अस्पृश्य नहीं है, उसके मन में ऊँच-नीच का भेद कहाँ! अस्पृश्य तो वह प्राणी है जिसके प्राण निकल गए हों अर्थात वह शव बन गया हो अस्पृश्यता एक वहम है जब कुत्ते को छूकर, बिल्ली को छूकर नहाना नहीं पड़ता तो अपने समान मनुष्य को छूकर हम अपवित्र कैसे हुए?

34. जीवन में आप जितने भी दुःख और सुख के भागी बनते हैं, उसके पूर्ण रूप से जिम्मेदार आप स्वंय ही होते है। इसमें ईश्वर का कोई भी दोष नहीं।

35. जीवन में सब कुछ एक दिन में नहीं हो जाता है।

36. जैसे प्रसव-वेदना के बाद राहत मिलती है, उसी प्रकार ज्यादती के बाद ही विजय होती है समाज की बुराइयों को दूर करने के लिए इससे अधिक शक्तिशाली कोई हथियार नहीं।

37. जो तलवार चलाना जानते हुए भी अपनी तलवार को म्यान में रखता है उसी को सच्ची अहिंसा कहते है।

38. जो भी व्यक्ति जीवन को बहुत अधिक गंभीरता से लेता हैं, उसे एक तुच्छ जीवन जीने के लिए तैयार रहना चाहिए। सुख-दुःख को समान रूप से स्वीकार करने वाला व्यक्ति ही सही मायनों में जीवन का आनंद ले पाता है।

39. जो मनुष्य सम्मान प्राप्त करने योग्य होता है, वह हर जगह सम्मान प्राप्त कर लेता है पर अपने जन्म-स्थान पर उसके लिए सम्मान प्राप्त करना कठिन ही है।

40. त्याग के मूल्य का तभी पता चलता है, जब अपनी कोई मूल्यवान वस्तु छोडनी पडती है जिसने कभी त्याग नहीं किया, वह इसका मूल्य क्या जाने।

41. थका हुआ इंसान दौड़ने लगे तो स्थान पर पहुँचने के बजाय जान गंवा बेठता है, ऐसे समय पर आराम करना और आगे बढ़ने की ताकत जुटाना उसका धर्म हो जाता है।

42. दुःख उठाने के कारण प्राय: हममें कटुता आ जाती है, द्रष्टि संकुचित हो जाती है और हम स्वार्थी तथा दूसरों की कमियों के प्रति असहिष्णु बन जाते हैं शारीरिक दुःख से मानसिक दुःख अधिक बुरा होता है।

43. दुश्मन का लोहा भले ही गर्म हो जाय पर हथोड़ा हमेशा उसे ठंडा कर देता है।

44. देश में अनेक धर्म, अनेक भाषाएँ हैं, तो भी इसकी संस्कृति एक है।

45. नेतापन तो सेवा में है, पर जो सीधा बन जाता है, वह किसी-न-किसी दिन लुढक अवश्य जाता है।

46–60. चेतना, निर्भयता और आत्मविश्वास

46. प्रत्येक मनुष्य में प्रकृति ने चेतना का अंश रख दिया है जिसका विकास करके मनुष्य उन्नति कर सकता है।

47. प्राण लेने का अधिकार तो ईश्वर को है सरकार की तोप या बंदूकें हमारा कुछ नहीं कर सकतीं हमारी निर्भयता ही हमारा कवच है।

48. प्राणियों के इस शरीर की रक्षा का दायित्व बहुत-कुछ हमारे मन पर भी निर्भर करता है।

49. पड़ोसी का महल देखकर अपनी झोपडी तोड़ डालने वाला महल तो बना नहीं सकता, अपनी झोपडी भी खो बैठता है।

50. बहुत बोलने से कोई फायदा नहीं होता बल्कि नुकसान ही होता है।

51. बेशक कर्म पूजा है किन्तु हास्य जीवन है जो कोई भी अपना जीवन बहुत गंभीरता से लेता है उसे एक तुच्छ जीवन के लिए तैयार रहना चाहिए जो कोई भी सुख और दुःख का समान रूप से स्वागत करता है वास्तव में वही सबसे अच्छी तरह से जीता है।

52. बोलने में मर्यादा मत छोड़ना, गालियाँ देना तो कायरों का काम है

53. भगवान के आगे झुको किसी दुसरे के आगे नहीं, हमारा सिर कभी भी झुकने वाला नहीं होना चाहिए।

54. मान-सम्मान किसी के देने से नहीं मिलते, अपनी योग्यतानुसार मिलते हैं

55. मेरी तो आदत पड़ गई है की जहाँ पैर रख दिया, वहां से पीछे न हटाया जाए, जहाँ पैर रखने के बाद वापस लोटना पड़े, वहां पैर रखने की मुझे आदत नहीं, अँधेरे में कूद पड़ने का मेरा स्वभाव नहीं है।

56. यह बिल्कुल सत्य है कि पानी में तैरने वाले ही डूबते हैं, किनारे पर खड़े रहने वाले नहीं, लेकिन किनारे पर खड़े रहने वाले कभी तैरना भी नहीं सीख पाते।

57. यह भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य हैं कि वह अनुभव करे कि उसका देश स्वतन्त्र हैं और देश की स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका कर्त्तव्य हैं। अब हर भारतीय को भूल जाना चाहिए कि वह सिख हैं, जाट है या राजपूत। उसे केवल इतना याद रखना चाहिए कि अब वह केवल भारतीय हैं जिसके पास सभी अधिकार हैं, लेकिन उसके कुछ कर्तव्य भी हैं।

58. वह इन्सान कभी सुख प्राप्त नहीं कर सकता जिसने कभी किसी संत को दुःख पहुंचाया हो।

59. विश्वास का न होना ही का कारण है प्रज्ञा का विश्वास राज्य की निर्भयता की निशानी है।

60. विश्वास रखकर आलस्य छोड़ दीजिये, वहम मिटा दीजिये, डर छोड़िये, फूट का त्याग कीजिये, कायरता निकाल डालिए, हिम्मत रखिये, बहादुर बन जाइए, और आत्मविश्वास रखना सीखिए इतना कर लेंगे तो आप जो चाहेंगे, अपने आप मिलेगा दुनिया में जो जिसके योग्य है, वह उसे मिलता ही है।

61–73. शिक्षा, सेवा, स्वराज और राष्ट्रप्रेम

61. शक्ति के अभाव में विश्वास किसी काम का नहीं है विश्वास और शक्ति, दोनों किसी महान काम को करने के लिए अनिवार्य हैं।

62. शारीरिक और मानसिक शिक्षा साथ –साथ दी जाये, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए शिक्षा इसी हो जो छात्र के मन का, शरीर का, और आत्मा का विकास करे।

63. संस्कृति समझ-बूझकर शांति पर रची गयी है मरना होगा तो वे अपने पापों से मरेंगे जो काम प्रेम, शांति से होता है, वह वैर-भाव से नहीं होता।

64. सच्चे त्याग और आत्मशुद्धि के बिना स्वराज नहीं आएगा आलसी, ऐश-आराम में लिप्त के लिए स्वराज कहाँ! आत्मबल के आधार पर खड़े रहने को ही स्वराज कहते हैं।

65. सत्ताधीशों की सत्ता उनकी मृत्यु के साथ ही समाप्त हो जाती है, पर महान देशभक्तों की सत्ता मरने के बाद काम करती है, अतः देशभक्ति अर्थात् देश-सेवा में जो मिठास है, वह और किसी चीज में नहीं।

66. सत्य के मार्ग पर चलने हेतु बुरे का त्याग अवश्यक है, चरित्र का सुधार आवश्यक है।

67. सारी उन्नति की कुंजी ही स्त्री की उन्नति में है स्त्री यह समझ ले तो स्वयं को अबला न कहे वह तो शक्ति-रूप है माता के बिना कौन पुरूष पृथ्वी पर पैदा हुआ है।

68. सेवा करनेवाले मनुष्य को विन्रमता सीखनी चाहिए, वर्दी पहन कर अभिमान नहीं, विनम्रता आनी चाहिए

69. सेवा-धर्म बहुत कठिन है यह तो काँटों की सेज पर सोने के समान ही है।

70. स्वतंत्र भारत में कोई भी भूख से नहीं मरेगा अनाज निर्यात नहीं किया जायेगा। कपड़ों का आयात नहीं किया जाएगा इसके नेता ना विदेशी भाषा का प्रयोग करेंगे ना किसी दूरस्थ स्थान, समुद्र स्तर से 7000 फुट ऊपर से शासन करेंगे। इसके सैन्य खर्च भारी नहीं होंगे, इसकी सेना अपने ही लोगों या किसी और की भूमि को अधीन नहीं करेगी। इसके सबसे अच्छे वेतन पाने वाले अधिकारी इसके सबसे कम वेतन पाने वाले सेवकों से बहुत ज्यादा नहीं कमाएंगे और यहाँ न्याय पाना ना खर्चीला होगा ना कठिन होगा।

71. स्वार्थ के हेतु राजद्रोह करनेवालों से नरककुंड भरा है।

72. हम कभी हिंसा न करें, किसी को कष्ट न दें और इसी उद्देश्य से हिंसा के विरूद्ध गांधीजी ने अहिंसा का हथियार आजमा कर संसार को चकित कर दिया।

73. हर जाति या राष्ट्र खाली तलवार से वीर नहीं बनता तलवार तो रक्षा-हेतु आवश्यक है, पर राष्ट्र की प्रगति को तो उसकी नैतिकता से ही मापा जा सकता है।

सरदार पटेल के विचारों से हमें क्या सीख मिलती है?

सरदार वल्लभभाई पटेल के इन विचारों में कई themes बार-बार दिखाई देती हैं—एकता, आत्मविश्वास, कर्तव्य, साहस, सेवा, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम। उनके जीवन और सार्वजनिक कार्यों के संदर्भ में देखें तो ये केवल motivational बातें नहीं बल्कि उस दौर के संघर्ष और nation-building से जुड़ी सोच को भी दर्शाती हैं।

पहली सीख: कठिन परिस्थितियों में बहाने खोजने के बजाय समाधान खोजने चाहिए।

दूसरी सीख: व्यक्तिगत शक्ति के साथ विश्वास और संगठन भी जरूरी है।

तीसरी सीख: सम्मान केवल मांगने से नहीं, बल्कि चरित्र और कार्य से अर्जित किया जाता है।

चौथी सीख: राष्ट्र की शक्ति उसकी एकता में होती है।

पाँचवीं सीख: सेवा और जिम्मेदारी को नेतृत्व का महत्वपूर्ण हिस्सा मानना चाहिए।

निष्कर्ष

Vallabhbhai Patel Quotes in Hindi का यह संग्रह केवल 73 सुविचारों की सूची नहीं है। सरदार पटेल का जीवन स्वतंत्रता आंदोलन, किसान आंदोलनों, संगठन क्षमता, प्रशासनिक दृढ़ता और भारत के राजनीतिक एकीकरण की एक महत्वपूर्ण कहानी है।

31 अक्टूबर 1875 को जन्म लेने वाले इस महान नेता ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में ऐसी भूमिका निभाई जिसका प्रभाव आज भी भारतीय इतिहास और राष्ट्र की राजनीतिक संरचना में दिखाई देता है। उनकी दृढ़ता और एकता पर जोर के कारण ही उन्हें “लौह पुरुष” के रूप में याद किया जाता है।

यदि आपको सरदार वल्लभभाई पटेल के अनमोल विचार पसंद आए हों तो इस article को Facebook, WhatsApp और अन्य social platforms पर share कर सकते हैं।

अन्य प्रेरणादायक व्यक्तियों के विचार भी पढ़ें

  • Helen Keller Quotes in Hindi – हेलेन केलर के प्रेरक अनमोल विचार
  • Barack Obama Quotes in Hindi – बराक ओबामा के अनमोल विचार
  • Warren Buffett Quotes in Hindi – वॉरेन बफे के अनमोल विचार
  • Mahatma Gandhi Quotes in Hindi – महात्मा गांधी के विचार
  • Mark Zuckerberg Quotes in Hindi – मार्क ज़ुकेरबर्ग के प्रेरक विचार
  • Marie Curie Quotes in Hindi – मैरी क्यूरी के अनमोल वचन
  • Mother Teresa Quotes in Hindi – मदर टेरेसा के अनमोल विचार

नोट: सावधानी के बावजूद यदि ऊपर दिए गए किसी quote की wording या attribution में आपको कोई त्रुटि दिखाई दे, तो कृपया comment के माध्यम से हमें अवगत कराएं।

Freedom Fighter inspirational quotes Iron Man Vallabhbhai Patel
Previous Articleभारत के शीर्ष धन कुबेरपति Wealthiest Indian Billionaires (Forbes)
Next Article निष्ठा रखकर समझो रमज़ान, समझ जाओगे
Mahesh Yadav
  • Website
  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn

Mahesh Yadav is a software developer and the founder and author of AchhiBaatein.com , He holds a BE degree and an MBA in Operations Research and has extensive experience in software programming and web development. He writes about motivation, inspirational content, Hindi quotes, career, education and other useful topics for Hindi readers.

यह भी पढ़े

8 Mins Read

नव वर्ष को जीवन का बेहतरीन साल बनाने के तरीके

पूरा पढ़े
8 Mins Read

कोरोना वायरस ने दुनिया वालोंं को क्या-क्या सबक दिए हैं?

पूरा पढ़े
8 Mins Read

जीवन में Motivation क्यों जरुरी है?

पूरा पढ़े

2 Comments

  1. Emotional pillar on Jan 8, 2018 4:51 am

    good job

    Reply
  2. Achhilekh on Apr 7, 2020 8:11 am

    अच्छी जानकारी, अनमोल विचार

    Reply

Leave A Reply Cancel Reply

Popular Posts
16 Mins ReadAug 11, 2026

Financial Planning Tips in Hindi: Business के लिए जरूरी Financial Planning

13 Mins ReadAug 10, 2026

भारत के 28 राज्य और राजधानी, मुख्यमंत्री, भाषा व ISO Code

17 Mins ReadAug 11, 2026

195 देशों की राजधानी और मुद्रा

10 Mins ReadAug 26, 2026

Blog और Blogging क्या हैं? क्या मुझे ब्लॉगिंग करनी चाहिए?

16 Mins ReadAug 20, 2026

Copyright, Patent और Trademark में अंतर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

Latest Posts
8 Mins ReadAug 8, 2026
तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
11 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
10 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
8 Mins ReadAug 9, 2026
Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
1 2 3 … 184 Next
Categories
  • Blogging Tips (8)
  • Book Summary (35)
  • Business Ideas & Earn Money (30)
  • General (12)
  • General Knowledge (54)
  • Health Tips (53)
  • Hindi Essay (2)
  • Hindi Quotes (59)
  • Hindi Thoughts (39)
  • Let's Laugh (8)
  • Motivational Hindi Songs (47)
  • Motivational Hindi Stories (25)
  • Personality Development (50)
  • Success Stories (17)
  • अमर कहानियाँ (7)
  • चाणक्य नीति (19)
  • चुटकुले (9)
  • जीवनी (63)
  • धार्मिक परंपरा व आस्था (12)
  • प्रेरक प्रसंग (10)
  • महत्वपूर्ण जानकारियां (9)
  • रोचक घटनाये (3)
  • रोचक तथ्य (8)
  • लोक व्यवहार (33)
  • श्रीमदभागवत गीता अंश (9)
  • सफलता के मंत्र (73)
  • सफलता के रहस्य (54)
  • हिंदी कहानियाँ (93)
  • हिंदी दोहे और उक्तिया (1)
  • हिंदी शेर और शायरी (6)
  • हिन्दी कविताएं (40)
About Us

अच्छी बातें डॉट कॉम

AchhiBaatein is a famous Hindi blog for Famous Quotes and Thoughts, Motivational & Inspirational Hindi Stories and Personality Development Tips

DMCA.com Protection Status

Recent Comment
  • Vijay Pal on आखिर जीवन का लक्ष्य क्या हैं?
  • Mahesh Yadav on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • kumar on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • puja on Top 10 successful profitable startups in India
Subscribe to Updates
सभी नए Posts अपने E-Mail पर तुरंत पाने के लिए यहाँ अपनी E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

कृपया यहाँ Subscribe करने के बाद अपनी E-mail ID खोलें तथा भेजे गये Verification लिंक पर Click करके Verify करें

Powered by ® Google Feedburner

Copyright © achhibaatein.com 2013 - 2026 . All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Advertise
  • Guest Column
  • Privacy Policy
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.