Azim Premji Quotes in Hindi उन लोगों के लिए प्रेरणादायक हैं जो सफलता, नेतृत्व, मेहनत, शिक्षा, चरित्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझना चाहते हैं। अज़ीम प्रेमजी ने एक छोटे से vegetable oil business को आगे बढ़ाकर Wipro को एक global technology company बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा philanthropy और सामाजिक विकास के कार्यों के लिए समर्पित किया।
Azim Premji का जीवन केवल business success की कहानी नहीं है। 21 वर्ष की उम्र में पिता की मृत्यु के बाद उन्हें अपनी पढ़ाई से लौटकर पारिवारिक व्यवसाय संभालना पड़ा। इसके बाद उन्होंने कंपनी का विस्तार किया और बदलते technology landscape को पहचानते हुए Wipro को धीरे-धीरे IT और technology की दिशा में आगे बढ़ाया।
अज़ीम प्रेमजी का संक्षिप्त जीवन परिचय
Azim Hasham Premji का जन्म 24 जुलाई 1945 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता Mohamed Hasham Premji एक सफल व्यापारी थे और उन्होंने 1945 में महाराष्ट्र के जलगांव जिले के Amalner में Western India Vegetable Products Limited की स्थापना की थी। कंपनी शुरुआत में vegetable और refined oils तथा बाद में consumer products के कारोबार से जुड़ी थी।
अज़ीम प्रेमजी ने Stanford University में Electrical Engineering की पढ़ाई शुरू की। वर्ष 1966 में उनके पिता की अचानक मृत्यु हो गई और केवल 21 वर्ष की उम्र में उन्हें भारत लौटकर family business संभालना पड़ा। उस समय उनकी Stanford engineering degree पूरी नहीं हुई थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी degree की आवश्यकताओं को पूरा किया और अपनी engineering degree हासिल की।
इस अचानक आए बदलाव ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। जिस युवा का भविष्य engineering और technology में हो सकता था, उसने पारिवारिक business की जिम्मेदारी संभाली और आने वाले दशकों में उसी business को पूरी तरह बदल दिया।
Azim Premji और Wipro की Success Story
जब अज़ीम प्रेमजी ने business संभाला, उस समय कंपनी मुख्य रूप से cooking oil और consumer products का व्यवसाय करती थी। उन्होंने धीरे-धीरे कंपनी के business portfolio को diversify किया और नए अवसर तलाशे।
उन्होंने यह समझ लिया था कि भारत में technology और computing का भविष्य बहुत बड़ा हो सकता है। इसी सोच के कारण Wipro ने 1980 के आसपास IT business में प्रवेश किया और आगे चलकर hardware, software development, research और IT services के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा।
Wipro की यह transformation भारतीय corporate history की उल्लेखनीय business success stories में से एक बन गई—एक ऐसी कंपनी जो vegetable oil manufacturing से शुरू हुई और बाद में global information technology company के रूप में स्थापित हुई।
Wipro का तेल व्यवसाय से IT कंपनी तक का सफर
Wipro की शुरुआत 1945 में एक vegetable oil company के रूप में हुई थी। आगे चलकर कंपनी ने soaps, consumer products, lighting, engineering और अन्य क्षेत्रों में diversification किया। इसके बाद 1980 के दशक में technology और IT products में प्रवेश ने कंपनी के भविष्य को बदल दिया।
उस समय भारत में technology industry अभी शुरुआती दौर में थी। IBM के 1978 में भारत से बाहर होने के बाद technology market में नए भारतीय players के लिए अवसर भी बने। Wipro ने इस बदलते वातावरण में computing और technology business को आगे बढ़ाया।
यही दूरदृष्टि अज़ीम प्रेमजी की leadership की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक मानी जाती है—उन्होंने केवल उस business पर निर्भर रहने के बजाय भविष्य के अवसरों को पहचानकर company को बदलने का निर्णय लिया।
अज़ीम प्रेमजी का परोपकार और Azim Premji Foundation
अज़ीम प्रेमजी के जीवन का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष उनका philanthropy work है। उन्होंने वर्ष 2001 में Azim Premji Foundation की स्थापना की। Foundation की शुरुआत भारत की school education system को मजबूत करने और विशेष रूप से government schools में education quality सुधारने के उद्देश्य से हुई थी।
आज Foundation education के साथ-साथ health और livelihoods जैसे क्षेत्रों में भी काम करता है और सरकारों तथा विभिन्न organisations के साथ सहयोग करता है।
“गुणवत्तायुक्त सार्वभौमिक शिक्षा जो एक न्यायसंगत, निष्पक्ष, मानवीय और संवहनीय समाज की स्थापना में मददगार हो।”
अज़ीम प्रेमजी के philanthropy का केंद्र यह विचार रहा है कि आर्थिक रूप से privileged लोगों को समाज के कमजोर वर्गों के लिए meaningful contribution करना चाहिए।
The Giving Pledge और अज़ीम प्रेमजी
The Giving Pledge Warren Buffett और Bill Gates से जुड़े उस global philanthropic initiative का नाम है जिसमें अत्यंत संपन्न लोग अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा charitable causes के लिए देने की commitment करते हैं। अज़ीम प्रेमजी ने वर्ष 2013 में Giving Pledge join किया। उनके pledge में wealth को समाज के बेहतर भविष्य और कम privileged लोगों के हित में उपयोग करने की स्पष्ट भावना व्यक्त की गई थी।
उनका philanthropy work उनकी इस सोच को दर्शाता है कि wealth केवल व्यक्तिगत सुविधा का साधन नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक जिम्मेदारी हो सकती है।
पुरस्कार और सम्मान
अज़ीम प्रेमजी को business और philanthropy के क्षेत्र में अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले हैं। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2005 में Padma Bhushan और वर्ष 2011 में Padma Vibhushan से सम्मानित किया।
Azim Premji Quotes in Hindi | अज़ीम प्रेमजी के 25 अनमोल विचार
1. शिक्षा और अवसर
आज लाखों बच्चे हैं जो कि स्कूल नहीं जा पाते हैं, जबकि इस देश(भारत) में आगे बढ़ने का एकमात्र जरिया शिक्षा ही है।
2. व्यवसाय को केवल फैशन न बनाएं
आप व्यवसाय/Business में इसके फैशन के लिए नहीं जा सकते।
3. लड़कियों की शिक्षा
अगर एक बच्ची थोड़ी सी भी शिक्षित है, तो वह परिवार नियोजन, स्वास्थ्य की देखभाल और परिणामस्वरूप अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक होती है।
4. उपलब्धियों पर आत्मचिंतन
कभी-कभी अपने जीवन में इतना कुछ हासिल हो जाता है कि आप सोचने लगते हैं, क्या मैं इसका योग्य हूँ भी या नहीं?
5. चरित्र और ईमानदारी
चरित्र एक घटक है जो हमारे सभी कार्यों और निर्णयों का मार्गदर्शन करेगा। हमनें सम्पूर्ण अखंडता में निवेश किया है जो हमें व्यापार के कुछ अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में कठिन निर्णय लेने मे सहायता करता है।
6. बदलाव के साथ बदलना
जब बाहर परिवर्तन की दर अंदर की तुलना में अधिक है, तो सुनिश्चित कर ले कि अंत निकट है।
7. अपनी कमियों और गुणों को पहचानें
जब हमें यह मालूम हो कि हम में क्या कमियां हैं, वहीं यह भी बेहद जरूरी है कि हमें अपने अंदर छुपे उन गुणों का और उर्जा का भी पूरा अहसास होना चाहिए जोकि ऊपर वाले ने हर एक को नवाज रखा है।
8. Leadership की असली पहचान
नेतृत्व अपने से अधिक कुशल व्यक्ति के साथ कार्य करने के आत्मविश्वास का नाम है।
9. उदारीकरण
पश्चिमी दुनिया के लोग उदारीकरण से प्यार करते है उन्हें किसी भी तरह की कोई लालसा प्रभावित नहीं कर सकती है।
10. सफलता और विफलता
बुद्धिमान से बुद्धिमान छात्र भी सौ से ज्यादा अंक नहीं ला सकता। Life, Success और विफलता के बीच घुमाव का ही नाम है… कभी आप सफल होते हो तो कभी असफल।
11. शिक्षक प्रशिक्षण
भारत में 600 जिले हैं। भारत के हर जिले में एक शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थान है।
12. धन और सामाजिक जिम्मेदारी
हममें से जिन्हें धन प्राप्ति का विशेष सौभाग्य प्राप्त है, उन्हें उन प्रयासों मे महत्वपूर्ण योगदान करना चाहिए जिससे लाखों लोगों के लिए एक बेहतर दुनिया बन सके, जो इस विशेष सौभाग्य से वंचित हैं।
13. लोकतंत्र
मुझे लगता है कि लोकतंत्र का लाभ यह है कि यह हम “नेताओं के समूह” पर कम निर्भर होते है।
14. गरीबी की व्यापक समझ
मुद्रास्फीति गरीबी रेखा को ऊपर उठा रही है,लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना हैं कि गरीबी केवल आर्थिक नहीं बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा के माध्यम से भी परिभाषित होती है।
15. मेहनत से कमाई
मेहनत से कमाया हुआ एक रुपया अपनी क़दर व क़ीमत में उन दस रुपयों से बेहतर है जो हमें बिना प्रयास के मिल जाएं।
16. बड़े लक्ष्य
यदि लोग आपके लक्ष्यों पर हँस नहीं रहे हैं, तो इसका मतलब यह हैं कि आपके लक्ष्य बहुत छोटे हैं।
17. मेहनत और उपलब्धि
यह हकीक़त है कि अपनी मेहनत और प्रयास से हासिल किए हुए पुरस्कार से बेहतर कोई खुशी नहीं होती, विरासत या लाटरी से मिले धन न तो स्थायी होते हैं और न ही आपको वास्तविक खुशियां दे सकते हैं।
18. सफलता का विश्वास
जीत उन्हीं के भाग्य में होती है जिन्हें अपने जीतने का विश्वास हो… आज नहीं तो कल, लोग अपनी सफलता की कुंजी खुद ही होते है।
19. असफलता से सीखना
विफलता के मामले में अपने आप को या किसी और को दोष देने से बेहतर है कि उसे दिल से स्वीकार करें और विचार करें कि उस विफलता में आप का हिस्सा कितना है।
20. सफलता पहले मन में
सफलता दो बार प्राप्त की जाती है, एक बार मन में और दूसरी बार वास्तविक दुनिया में।
21. सफलता और अहंकार
सफलता बहुत खुशी का कारण होती है लेकिन हमें इसे अपने ऊपर इस तरह हावी नहीं करना चाहिए कि वह अहंकार बन जाए।
22. रणनीति और उत्कृष्टता
हम इस संयोजन का विश्वास रखते है कि संचालन में उत्कृष्टता और रणनीति का मजबूत निष्पादन हमारी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। हम भविष्य में भी दोनों पर ध्यान देना जारी रखेंगे।
23. जिम्मेदारी देकर नेतृत्व विकसित करना
हम लोगों को बड़ी जिम्मेदारियां देते हैं भले ही वे केवल 60 प्रतिशत ही क्यों ना तैयार हो। हमारा अनुभव यह है कि जब आप उन्हें जिम्मेदारी देते हैं तो लोग बहुत ही सामंजस्य करते हैं और वे नौकरी के साथ तेजी से बढ़ते हैं।
24. संकल्प का महत्व
हमेशा इस बात को ध्यान में रखिए कि सफल होने के लिए हमारे स्वयं का संकल्पित होना किसी भी अन्य चीज की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है।
25. Talent और training
प्रतिभा की उचित उपलब्धता में कमी हर विप्रो में, हम गैर-इंजीनियर्स को इंजीनियर बनने के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं।
अज़ीम प्रेमजी के बारे में कुछ अन्य तथ्य
- अज़ीम प्रेमजी के पिता ने 1945 में Western India Vegetable Products Ltd. की स्थापना की थी, जो आगे चलकर Wipro के रूप में विकसित हुई।
- 1966 में केवल 21 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद family business संभाला।
- उन्होंने Stanford University में Electrical Engineering की पढ़ाई शुरू की और बाद में अपनी degree पूरी की।
- Wipro ने vegetable oil business से शुरुआत करके consumer products, engineering और आगे चलकर IT services तक का सफर तय किया।
- Azim Premji Foundation की स्थापना 2001 में हुई और इसका प्रारंभिक focus school education था।
- अज़ीम प्रेमजी ने 2013 में The Giving Pledge join किया और philanthropy को अपने जीवन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना।
- भारत सरकार ने उन्हें Padma Bhushan और Padma Vibhushan से सम्मानित किया।
- Wipro में उनके लंबे नेतृत्व ने कंपनी को एक छोटे consumer business से global technology organisation में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- Wipro के official profile के अनुसार वे अब Founder Chairman और Non-Executive, Non-Independent Director हैं; वे 30 July 2019 तक कंपनी के Chairman रहे।
अज़ीम प्रेमजी से हमें क्या सीख मिलती है?
पहली सीख — बदलाव को पहचानना: जब business environment बदल रहा हो, तब पुराने तरीके से चिपके रहने के बजाय आने वाले अवसरों को पहचानना जरूरी है। Wipro का transformation इसका अच्छा उदाहरण है।
दूसरी सीख — नेतृत्व का अर्थ सबसे ज्यादा जानना नहीं है: एक अच्छा leader अपने आसपास अपने से अधिक कुशल लोगों को भी काम करने और आगे बढ़ने का अवसर देता है।
तीसरी सीख — असफलता से भागना नहीं चाहिए: failure को स्वीकार करके यह समझना अधिक उपयोगी है कि उसमें हमारी अपनी भूमिका क्या थी।
चौथी सीख — सफलता के साथ humility: उपलब्धियां बड़ी हों तो भी अहंकार को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए।
पाँचवीं सीख — wealth के साथ responsibility: अज़ीम प्रेमजी की philanthropy यह विचार सामने रखती है कि आर्थिक सफलता का उपयोग समाज के व्यापक हित के लिए भी किया जा सकता है।
निष्कर्ष
Azim Premji Quotes in Hindi का यह collection केवल motivational thoughts की सूची नहीं है। अज़ीम प्रेमजी की वास्तविक प्रेरणा उनकी पूरी journey में दिखाई देती है—21 वर्ष की उम्र में अचानक family business की जिम्मेदारी संभालने से लेकर Wipro के global transformation और फिर बड़े पैमाने पर philanthropy तक।
उनका जीवन बताता है कि सफल होने के लिए केवल धन या अवसर पर्याप्त नहीं होते। सही समय पर बदलाव को पहचानना, लोगों पर विश्वास करना, निरंतर सीखना, कठिन निर्णय लेना और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उम्मीद है कि अज़ीम प्रेमजी के ये 25 अनमोल विचार आपको मेहनत, नेतृत्व, शिक्षा, सफलता और सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करेंगे।
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2 Comments
सही कहा आपने अजीम प्रेमजी को भारत का बिल गेट्स कहा जाता हैं
बहुत ही अच्छी ज्ञान से जुडी जानकारी आप ने दी
धन्यवाद भाई
Sir Aapka yah post kafi achha laga. Azim Premji ke vicharo ke bare me bahut hi badhya sasngrah aapne post kiya hain is post ke liye Dhnyabad.