• Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
Facebook Twitter Instagram LinkedIn Reddit RSS
Most Liked Posts
  • तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
  • शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
  • शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
  • GyanKamao से पैसे कैसे कमाएं? GyanKamao क्या है और कैसे काम करता है?
  • Freelancing से पैसे कैसे कमाएं? Freelancer बनने की पूरी जानकारी
  • Facebook Ads से पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Bike Se Paise Kaise Kamaye? बाइक से पैसे कमाने के 12 तरीके
Facebook Twitter Instagram Pinterest LinkedIn Reddit RSS
AchhiBaatein.Com
  • Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
AchhiBaatein.Com
हिंदी कहानियाँ 8 Mins Read

एक महिला का आत्मसम्मान

Mahesh YadavBy Mahesh YadavUpdated:Jul 9, 2021No Comments8 Mins Read
Self Respect par Hindi Kahani
साझा करें
Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp

आत्मसम्मान की कहानी, Self respect story in Hindi

नमस्कार दोस्तों,
यूं तो सपना एक मिडिल क्लास परिवार की लड़की थी, जो हमेशा पढ़ाई में अव्वल रहती और लोगों का भरपूर प्यार भी उसे मिलता। अब तक जिंदगी में जितनी भी परेशानियां आई वह बड़ी ही आसानी से आगे की ओर बढ़ती चली जा रही थी। लेकिन उसे क्या पता कि वह एक ऐसे भंवर में फंसने वाली है जहां से निकलना उसके लिए थोड़ा मुश्किल होने वाला है।

Self Respect Hindi Kahani, Best Short Story On Self Respect

धीरे-धीरे उसके जीवन में समय ने करवट बदला और वह अपनी पढ़ाई पूरी करते हुए बैंकिंग की तैयारी करने लगी और वह दिन भी आया जब उसे खुशखबरी मिली की बैंक में उसका चयन हो गया है और इस बात से मानो वह फूली नहीं समा रही थी।

उसके साथ-साथ उसके माता पिता और छोटी बहन भी बहुत खुश रहते हैं। उन्हें ऐसा लगने लगा था कि अब उनके जीवन में कोई भी परेशानी नहीं होने वाली है।

लगभग 2 साल तक बैंक में नौकरी करते हुए उसे कई सारे ऐसे रिश्ते आए, जिससे ऐसा महसूस हुआ कि अब उसकी जिंदगी में एक नया पड़ाव आने ही वाला है। उन्हीं सारे रिश्तो में जतिन का रिश्ता सपना के लिए आया जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। दिखने में ऊंचा लंबा कद काठी का जतिन सभी को सपना के लिए पसंद आ गया था और कहीं ना कहीं सपना को भी जतिन पसंद था।

2 महीने के अंदर ही सपना और जतिन की शादी कर दी गई।

शुरु शुरु में तो जतिन ने सपना को बहुत अच्छे से रखा उसकी हर छोटी बड़ी ख्वाहिशों का पर ध्यान देना शुरू कर दिया। उसने सपना को हसीन सपने दिखाए जिस से सपना को ऐसा लगने लगा कि उसे सपनों का राजकुमार मिला है। एक दिन सपना और जतिन शॉपिंग करने मार्केट जाते हैं, तभी

सपना- अरे अखिल यहां क्या कर रहे हो?
सपना दौड़ कर अपने बचपन के दोस्त अखिल के पास जाती है और यह बात जतिन को बहुत बुरी लगती है। पीछे पीछे जतिन जाता है और गुस्से से सपना को देखते हुए कहता है- किसी अजनबी के लिए तुम इतना परेशान क्यों हो रही हो?

सपना- अरे जतिन यह अजनबी नहीं, यह तो मेरे बचपन का दोस्त है।
अखिल- हां हां मैं इस मोटी के बचपन का दोस्त हूं। अरे, तुम्हें पता है बचपन में मैं इसका पूरा होमवर्क करता था और इसे गुड मिला करता था। [मजाक में हंसते हुए]

जतिन- देखो बचपन की बातें बचपन तक ही रहने दो, और सपना तुम्हें याद नहीं घर में मेहमान आने वाले हैं चलो जल्दी घर।

हाथ पकड़कर जतिन सपना को कार में बैठा देता है, जिसे सपना की चूड़ियां टूट जाती है और उसे दर्द होने लगता है लेकिन इस बात का जतिन को बिल्कुल भी असर नहीं पड़ता और वह घर चले जाता है।

घर पर जाने के बाद जतिन जोर-जोर से सपना की ओर देखकर चिल्लाने लगता है जिससे सपना डर जाती है और अपने कमरे में जाकर रोने लगती हैं। अब तो जतिन का व्यवहार काफी बदल चुका होता है वह ना तो किसी से भी सपना को मिलने देता और ना ही किसी को घर ही आने देता।

सपना के फोन में भी बैलेंस नहीं डलवाता कि वह किसी से बात ना कर सके। जतिन का बदलता हुआ रूप देखकर सपना को और भी डर लगने लगता और वह चाहकर भी अपने घरवालों को इस बारे में नहीं बता पा रही थी।

एक दिन सपना की पड़ोसन सुकन्या उससे मिलने के लिए आती है और जैसे ही वह कॉल बेल बजाने वाली होती है कि सुकन्या को बाहर से ही जतिन के चिल्लाने की आवाज आती है।

सुकन्या खिड़की में आ कर देखती है, तो वह यह देखकर सहम जाती है कि सीधा-साधा दिखने वाला जतिन सपना के ऊपर हाथ उठा रहा है और उसे गंदी गालियां दे रहा है। अब सुकन्या के घर की कॉल बेल बजाती है लेकिन यह कह कर जतिन, सुकन्या को वहां से जाने के लिए कहता है कि सपना अभी सो रही है।

कुछ दिनों के बाद ही जतिन ने सपना की बैंक की नौकरी छूड़वा दी और उसे घर में ही रहने की सलाह दी। अगर सपना कुछ भी कहती तो फिर से जतिन उसके साथ गलत व्यवहार करता। रोज-रोज होने वाले इस झगड़े से वह बहुत परेशान हो चुकी थी और वह अब इस समस्या का हल निकालना चाहती थी।

बैठे-बैठे उसने मन में सोचा कि ना जाने आज तक कितने उतार-चढ़ाव उसने अपने जीवन में देखें लेकिन जिस इंसान से उसे सबसे ज्यादा उम्मीदें थी उसने ही उसे बेगाना कर दिया। बार-बार सपना को अपने माता-पिता की याद आने लगी।

1 दिन बाद दोपहर में बैठी हुई थी तभी उसे खिड़की से अंदर की ओर एक चिट्ठी आते हुए दिखाई देती है और वह दौड़ कर उस कागज को उठाकर पढ़ने लगी जिसमें लिखा हुआ था-

“तुम जैसी समझदार और पढ़ी-लिखी लड़की इस प्रकार से दुखी देखना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। तुम एक आत्म सम्मानी लड़की हो तुम्हारे माता-पिता की दी गई शिक्षा क्या तुम इस तरह से बर्बाद कर दोगी? उठो और अपने हक के लिए लड़ो। तुम अकेली नहीं हो। अपना सम्मान करना तुम्हारे अपने हाथों में हैं।”

सपना उस चिट्ठी को आगे पीछे घुमा कर देखने लगी लेकिन उसने उसे किसी का भी नाम नजर नहीं आया लेकिन इसको पढ़ने के बाद उसके अंदर एक अलग ही आत्मविश्वास देखने को मिला। अब वह अपना बैग जमाने लगी, उसी समय वहां जतिन आ जाता है और उससे सवाल जवाब करने लगता है।

सपना की लाल होती आंखों को देख कर जतिन के मन में एक अजीब सा डर सामा गया और सपना ने उसे घूरते हुए कहा-

“अपने सवाल जवाब अपने तक ही सीमित रखो और मुझ से उलझने की कोशिश बिल्कुल मत करो। जीवन में चल रहे तूफान का किनारा अब मैं ही बनूंगी।”

सपना की आत्मविश्वास वाली बातों को सुनकर जतिन को अजीब सा एहसास हुआ लेकिन उसके कुछ कहने से पहले ही सपना अपना बैग उठाकर वहां से चली गई।

सपना वहां से सीधे ही अपने माता-पिता के पास गई और उसकी आंखों में आंसू आ गए। सपना ने अपने माता-पिता को अपने साथ होने वाले सारे दुर्व्यवहार के बारे में बताया, जिस से माता-पिता को भी बहुत दुख होता है और

वे लोग अपनी बेटी का साथ देते हुए कहते हैं कि “उसे वहां से कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है। सपना भी खुश होते हुए कहती है कि – अब वह आजाद महसूस कर रही है और जल्द से जल्द इस रिश्ते को खत्म करके अपने आगे की जिंदगी को सुखी बनाना चाहती है। ”

सपना अपने माता-पिता से कहती है- “मेरे अंदर जो भी आत्मविश्वास आया है वह उस चिट्ठी की बदौलत ही आया है लेकिन मुझे यह समझ नहीं आया कि आखिर वह चिट्ठी मुझे भेजी किसने?” मन में चिंता लिए सपना बैठी हुई थी कि तभी उसे सुकन्या अंदर आते हुए दिखाई देती है और वह हंसते हुए कहती है- “तुम्हारी वह गुमनाम दोस्त और कोई नहीं बल्कि मैं हूं।

मैंने जतिन को देख लिया था कि वह किस तरह से तुम्हें परेशान कर रहा था लेकिन तुम कुछ कर नहीं पा रही और इसी वजह से मैंने तुम्हारा अदृश्य रूप से साथ देने की बात सोची। लेकिन अब मैं बहुत खुश हूं कि तुम यहां आकर पहले से ज्यादा खुश और आजाद हो।” सुकन्या की बात सुनकर अपना रोते हुए उसे गले से लगाती है और बार-बार उसका धन्यवाद करने लगती है।

सपना आए इस बदलाव से खुद को स्थापित करना चाहती है जिससे किसी के आगे भी उसे झुकना ना पड़े। अब फिर से बैंक की तैयारी करके एक अच्छे पोस्ट पर आ जाती है अपने जीवन में चल रही उथल-पुथल को खत्म करके उसने अपने जीवन को बचा लिया।

दोस्तों, हमारे आसपास कई प्रकार की महिलाएं होती हैं, जो सक्षम होते हुए भी एक सही फैसला नहीं उठा पाती। अगर हमारे समाज की महिलाएं जागरूक होती हैं, तो इससे समाज की भलाई होती है।

आज हर महिला को समाज से पहले खुद के बारे में सोचने की आवश्यकता है ताकि कभी भी उसे किसी गलत भावना के सामने झुकने की आवश्यकता ना हो। जिसमें सबसे ज्यादा योगदान शिक्षा का है इसीलिए हर महिला को शिक्षित होना जरूरी माना गया है।

एक बात और गौर करने वाली है कि प्यार ही सब कुछ नहीं होता है। प्यार और सेल्फ respect में कभी किसी को एक चुनने का मौका मिले तो हमेशा प्यार को साइड कर के सेल्फ respect को प्राथमिकता देनी चाहिए।

माना कि जीवन जीने के लिए प्यार सही है लेकिन आत्म सम्मान उससे भी कहीं अधिक जरूरी है और एक महिला के लिए पढ़ा लिखा होना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि एक पढ़ी लिखी महिला ही अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद कर सकती है, और अपने आत्मसम्मान के लिए लड़ती है।

जैसे कि इसी कहानी में हम लोगों ने देखा कि सपना का पति उससे प्यार तो करता था लेकिन बाद में शक करने लगता है उसे मारने लगता है। शारीरिक प्रताड़ना करता है, लेकिन बाद में जो कदम सपना अपने आत्म सम्मान के लिए उठाती है, वो एक बहुत सराहनीय कदम होता है।

कहानी पसंद आने पर लाइक, कमेंट और शेयर करना ना भूले।

Previous Articleसिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी पार नहीं कर सकते
Next Article कितने पैसे हमारे लिए काफी होंगे?
Mahesh Yadav
  • Website
  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn

Mahesh Yadav is a software developer and the founder and author of AchhiBaatein.com , He holds a BE degree and an MBA in Operations Research and has extensive experience in software programming and web development. He writes about motivation, inspirational content, Hindi quotes, career, education and other useful topics for Hindi readers.

यह भी पढ़े

9 Mins Read

नई बहू का मन ~ Hindi Kahani

पूरा पढ़े
10 Mins Read

बहू की सूनी गोद, कैसे गूंजेगी किलकारी ?

पूरा पढ़े
8 Mins Read

आखिर तलाक क्यों?

पूरा पढ़े

Leave A Reply Cancel Reply

Popular Posts
16 Mins ReadAug 11, 2026

Financial Planning Tips in Hindi: Business के लिए जरूरी Financial Planning

13 Mins ReadAug 10, 2026

भारत के 28 राज्य और राजधानी, मुख्यमंत्री, भाषा व ISO Code

17 Mins ReadAug 11, 2026

195 देशों की राजधानी और मुद्रा

10 Mins ReadAug 26, 2026

Blog और Blogging क्या हैं? क्या मुझे ब्लॉगिंग करनी चाहिए?

16 Mins ReadAug 20, 2026

Copyright, Patent और Trademark में अंतर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

Latest Posts
8 Mins ReadAug 8, 2026
तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
11 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
10 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
8 Mins ReadAug 9, 2026
Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
1 2 3 … 184 Next
Categories
  • Blogging Tips (8)
  • Book Summary (35)
  • Business Ideas & Earn Money (30)
  • General (13)
  • General Knowledge (55)
  • Health Tips (53)
  • Hindi Essay (2)
  • Hindi Quotes (59)
  • Hindi Thoughts (39)
  • Let's Laugh (8)
  • Motivational Hindi Songs (47)
  • Motivational Hindi Stories (25)
  • Personality Development (50)
  • Success Stories (17)
  • अमर कहानियाँ (7)
  • चाणक्य नीति (19)
  • चुटकुले (9)
  • जीवनी (63)
  • धार्मिक परंपरा व आस्था (12)
  • प्रेरक प्रसंग (10)
  • महत्वपूर्ण जानकारियां (9)
  • रोचक घटनाये (3)
  • रोचक तथ्य (8)
  • लोक व्यवहार (33)
  • श्रीमदभागवत गीता अंश (9)
  • सफलता के मंत्र (73)
  • सफलता के रहस्य (54)
  • हिंदी कहानियाँ (93)
  • हिंदी दोहे और उक्तिया (1)
  • हिंदी शेर और शायरी (6)
  • हिन्दी कविताएं (40)
About Us

अच्छी बातें डॉट कॉम

AchhiBaatein is a famous Hindi blog for Famous Quotes and Thoughts, Motivational & Inspirational Hindi Stories and Personality Development Tips

DMCA.com Protection Status

Recent Comment
  • Vijay Pal on आखिर जीवन का लक्ष्य क्या हैं?
  • Mahesh Yadav on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • kumar on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • puja on Top 10 successful profitable startups in India
Subscribe to Updates
सभी नए Posts अपने E-Mail पर तुरंत पाने के लिए यहाँ अपनी E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

कृपया यहाँ Subscribe करने के बाद अपनी E-mail ID खोलें तथा भेजे गये Verification लिंक पर Click करके Verify करें

Powered by ® Google Feedburner

Copyright © achhibaatein.com 2013 - 2026 . All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Advertise
  • Guest Column
  • Privacy Policy
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.