• Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
Facebook Twitter Instagram LinkedIn Reddit RSS
Most Liked Posts
  • तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
  • शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
  • शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
  • GyanKamao से पैसे कैसे कमाएं? GyanKamao क्या है और कैसे काम करता है?
  • Freelancing से पैसे कैसे कमाएं? Freelancer बनने की पूरी जानकारी
  • Facebook Ads से पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Bike Se Paise Kaise Kamaye? बाइक से पैसे कमाने के 12 तरीके
Facebook Twitter Instagram Pinterest LinkedIn Reddit RSS
AchhiBaatein.Com
  • Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
AchhiBaatein.Com
Let's Laugh हिंदी कहानियाँ 7 Mins Read

हट पगले, तू माता से भी मजाक करता है | तेनालीरमन की कहानी

Mahesh YadavBy Mahesh YadavUpdated:Aug 26, 20263 Comments7 Mins Read
तेनालीराम की कहानी में माता दुर्गा के सामने रामलिंगम
साझा करें
Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp

Tenali Raman Story in Hindi की यह कहानी रामलिंगम की हाजिरजवाबी और हास्य-बुद्धि पर आधारित है। यह एक लोकप्रिय कहानी है, जिसमें बताया गया है कि सही हास्य और सूझ-बूझ से लोगों को खुश किया जा सकता है। साथ ही, अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल दूसरों को दुख देने के बजाय उनकी भलाई के लिए करना चाहिए।

इस लेख में
  • विजयनगर साम्राज्य और राजा कृष्णदेव राय
  • तेनाली गांव का बुद्धिमान बालक रामलिंगम
  • रामलिंगम माता दुर्गा के मंदिर पहुंचा
  • माता दुर्गा को देखकर रामलिंगम क्यों हंसा?
  • “हट पगले, तू माता से भी मजाक करता है!”
  • रामलिंगम को मिला माता का आशीर्वाद
  • इस Tenali Raman Story in Hindi से क्या सीख मिलती है?
  • हाजिरजवाबी के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी है
  • तेनालीराम की कहानियां क्यों पसंद की जाती हैं?
  • कहानी का सार

विजयनगर साम्राज्य और राजा कृष्णदेव राय

बात सैकड़ों वर्षों पुरानी है। उन दिनों विजयनगर का साम्राज्य पूरे विश्व में प्रसिद्ध था। विदेशी आक्रमणों के कारण प्रजा के सामने कई तरह के संकट और परेशानियां थीं।

हर तरफ लोगों में दुख, चिंता और डर था। हालांकि, विजयनगर के प्रतापी राजा कृष्णदेव राय की शासन-व्यवस्था, न्यायप्रियता और प्रजा-वत्सलता के कारण वहां के लोग खुश रहते थे।

राजा कृष्णदेव राय ने प्रजा में मेहनत और सद्गुणों के साथ अपनी संस्कृति और देश के प्रति स्वाभिमान की भावना भी पैदा की थी। इसलिए विजयनगर एक मजबूत साम्राज्य के रूप में खड़ा था।

वहां साहित्य और कलाओं से प्रेम करने वाले लोग भी थे। साथ ही, लोगों को हंसी-मजाक और परिहास भी पसंद था।

तेनाली गांव का बुद्धिमान बालक रामलिंगम

उन्हीं दिनों विजयनगर के तेनाली गांव में एक बहुत बुद्धिमान और प्रतिभाशाली किशोर रहता था। उसका नाम रामलिंगम था।

रामलिंगम बहुत हंसमुख और हाजिरजवाब था। उसकी मजेदार बातें और चतुर जवाब गांव के लोगों को खूब पसंद आते थे।

रामलिंगम खुद ज्यादा नहीं हंसता था। लेकिन वह धीरे से ऐसी चतुर बात कह देता कि सुनने वाले हंसते-हंसते लोटपोट हो जाते।

उसकी बातों में हास्य के साथ-साथ व्यंग्य और सूझ-बूझ भी होती थी। इसलिए अगर वह किसी का मजाक भी उड़ाता, तो सामने वाला बुरा मानने के बजाय दूसरों के साथ हंसने लगता।

राह चलते लोग भी रामलिंगम की कोई चतुर बात सुन लेते, तो हंसे बिना नहीं रह पाते थे।

धीरे-धीरे गांव के लोग कहने लगे, “यह बालक तो बहुत अद्भुत है। हमें लगता है कि यह रोते हुए लोगों को भी हंसा सकता है।”

रामलिंगम ने एक दिन मुस्कुराते हुए कहा, “पता नहीं, रोते हुए लोगों को हंसा सकता हूं या नहीं। लेकिन सोते हुए लोगों को जरूर जगा सकता हूं।”

यह सुनकर आसपास खड़े लोग जोर-जोर से हंसने लगे।

तेनाली गांव में बाहर से आने वाले लोग भी रामलिंगम के किस्से अपने गांव ले जाते थे। वे वहां भी उसके अजब-गजब किस्से सुनाते और लोग खूब हंसते थे।

एक गांव के बुजुर्ग ने तो मजाक में यहां तक कह दिया, “मुझे तो लगता है कि रामलिंगम जंगल में जाता होगा, तो पेड़-पौधे और फूल-पत्ते भी उसे देखकर हंस पड़ते होंगे।”

रामलिंगम माता दुर्गा के मंदिर पहुंचा

एक बार रामलिंगम घूमते-घूमते माता दुर्गा के एक प्राचीन मंदिर में पहुंच गया। उस मंदिर की काफी मान्यता थी। दूर-दूर से लोग वहां माता दुर्गा के दर्शन करने आते थे।

रामलिंगम मंदिर के अंदर गया। वहां माता दुर्गा की अद्भुत मूर्ति देखकर वह मंत्रमुग्ध हो गया। माता के मुख-मंडल से प्रकाश फूट रहा था। कुछ देर के लिए रामलिंगम जैसे ध्यान में डूब गया।

फिर उसने माता दुर्गा को प्रणाम किया और वहां से जाने लगा।

माता दुर्गा को देखकर रामलिंगम क्यों हंसा?

तभी अचानक उसके मन में एक बात आई। उसने माता दुर्गा की मूर्ति को ध्यान से देखा। माता के चार मुख और आठ भुजाएं थीं।

यह देखकर अचानक रामलिंगम को जोर से हंसी आ गई।

रामलिंगम को हंसता देखकर माता दुर्गा को बड़ा कौतुक हुआ। तभी वे मूर्ति से बाहर प्रकट हुईं और रामलिंगम के सामने आकर बोलीं, “बालक, क्यों इतनी हंसी आई तुझे?”

माता दुर्गा को अपने सामने देखकर रामलिंगम कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गया। फिर उसने हंसते हुए कहा, “क्षमा करें माता, एक बात याद आ गई। इसीलिए हंस रहा हूं।”

माता दुर्गा ने पूछा, “कौन-सी बात? बता!”

रामलिंगम ने स्वाभाविक अंदाज में कहा, “माता, मेरी तो सिर्फ एक ही नाक है। जब मुझे जुकाम हो जाता है, तो बहुत परेशानी होती है। आपके तो चार-चार मुख हैं और भुजाएं भी आठ हैं। इसलिए जब आपको जुकाम होता होगा, तो आपको मुझसे भी ज्यादा परेशानी होती होगी!”

“हट पगले, तू माता से भी मजाक करता है!”

रामलिंगम की बात पूरी होने से पहले ही माता दुर्गा खिलखिलाकर हंस पड़ीं। उन्होंने कहा, “हट पगले, तू माता से भी मजाक करता है!”

इसके बाद माता दुर्गा ने हंसते हुए कहा, “आज मैं समझ गई हूं कि तुझमें हास्य की एक अनोखी सिद्धि है।”

उन्होंने आगे कहा कि अपनी सूझ-बूझ और हास्य के बल पर रामलिंगम बहुत नाम कमाएगा और बड़े-बड़े काम करेगा।

लेकिन माता दुर्गा ने उसे एक महत्वपूर्ण बात भी समझाई। उन्होंने कहा कि अपनी हास्य-वृत्ति का इस्तेमाल किसी को दुख देने के लिए नहीं करना चाहिए।

इसके बजाय, उसे लोगों को हंसाना चाहिए और दूसरों की भलाई के लिए काम करना चाहिए।

फिर माता दुर्गा ने रामलिंगम से कहा कि वह राजा कृष्णदेव राय के दरबार में जाए। वहां उसकी प्रतिभा का पूरा सम्मान किया जाएगा।

रामलिंगम को मिला माता का आशीर्वाद

उस दिन रामलिंगम माता दुर्गा के प्राचीन मंदिर से वापस लौटा। उसका मन बहुत हल्का और प्रसन्न था।

घर पहुंचकर उसने अपनी माता को मंदिर में हुई यह अनोखी घटना बताई। उसकी माता यह सुनकर बहुत चकित हुईं।

धीरे-धीरे पूरे तेनाली गांव में यह बात फैल गई कि रामलिंगम को माता दुर्गा ने अद्भुत वरदान दिया है। लोगों को विश्वास हो गया कि वह आगे चलकर बड़ा नाम कमाएगा और बड़े-बड़े काम करेगा।

इसके साथ ही लोगों को यह भी लगने लगा कि रामलिंगम के कारण तेनाली गांव का नाम भी ऊंचा होगा।

इस Tenali Raman Story in Hindi से क्या सीख मिलती है?

इस कहानी में रामलिंगम की हास्य-बुद्धि और हाजिरजवाबी दिखाई देती है। लेकिन कहानी की सबसे महत्वपूर्ण सीख केवल हंसने और हंसाने की नहीं है।

हास्य का इस्तेमाल किसी को दुख पहुंचाने के लिए नहीं करना चाहिए। अगर हमारी बात से किसी को खुशी मिलती है, तो वही हास्य ज्यादा अच्छा है।

इसके अलावा, रामलिंगम हमें यह भी सिखाता है कि सूझ-बूझ और सही समय पर दिया गया जवाब व्यक्ति की खास पहचान बन सकता है।

अपनी प्रतिभा को पहचानना जरूरी है। लेकिन उससे भी जरूरी है कि उस प्रतिभा का सही इस्तेमाल किया जाए।

हाजिरजवाबी के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी है

किसी को हंसाना एक अच्छी कला है। हालांकि, मजाक करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारी बात सामने वाले को चोट न पहुंचाए।

रामलिंगम की कहानी में माता दुर्गा भी उसे यही सीख देती हैं। वह अपनी हास्य-वृत्ति का इस्तेमाल दूसरों की भलाई और खुशी के लिए करे।

इसी तरह जीवन में भी हमारी प्रतिभा तभी ज्यादा उपयोगी बनती है, जब उससे दूसरों को लाभ मिले। अपनी गलतियों और व्यवहार पर विचार करना सीखने के लिए आप आत्मनिरीक्षण और खुद की गलतियों से सीखने से जुड़ी हमारी पोस्ट पढ़ सकते हैं।

तेनालीराम की कहानियां क्यों पसंद की जाती हैं?

तेनालीराम की कहानियों में बुद्धिमानी, हास्य और चतुराई का अच्छा मेल देखने को मिलता है। यही कारण है कि ऐसी कहानियां बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आती हैं।

अगर आपको इस तरह की मजेदार और बुद्धिमानी से भरी कहानियां पसंद हैं, तो आप हमारी अकबर-बीरबल के कुछ रोचक और मजेदार किस्से भी पढ़ सकते हैं।

कहानी का सार

अपनी प्रतिभा और हास्य-बुद्धि का इस्तेमाल दूसरों को खुशी देने के लिए करें, दुख पहुंचाने के लिए नहीं।

रामलिंगम की हाजिरजवाबी उसे खास बनाती थी। लेकिन उसकी सबसे बड़ी खूबी यह थी कि उसके हास्य में सूझ-बूझ भी थी। माता दुर्गा ने भी उसे यही संदेश दिया कि अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए करना चाहिए।

इसलिए जीवन में हमें भी अपनी प्रतिभा को पहचानना चाहिए। साथ ही, उसका सही और सकारात्मक इस्तेमाल करना चाहिए।

आपको यह Tenali Raman Story in Hindi कैसी लगी? अगर कहानी पसंद आई हो, तो अपने विचार कमेंट में जरूर बताएं।

Previous Articleकमजोर खिलाड़ी को जिंदगी जीने की कला सिखाने वाला “गुरु”
Next Article Best Hindi Love Poem ~ एक लड़का था अनजाना सा अक्सर मुझसे कहता था
Mahesh Yadav
  • Website
  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn

Mahesh Yadav is a software developer and the founder and author of AchhiBaatein.com , He holds a BE degree and an MBA in Operations Research and has extensive experience in software programming and web development. He writes about motivation, inspirational content, Hindi quotes, career, education and other useful topics for Hindi readers.

यह भी पढ़े

9 Mins Read

नई बहू का मन ~ Hindi Kahani

पूरा पढ़े
10 Mins Read

बहू की सूनी गोद, कैसे गूंजेगी किलकारी ?

पूरा पढ़े
8 Mins Read

आखिर तलाक क्यों?

पूरा पढ़े

3 Comments

  1. Hindi Blog on Jul 1, 2020 6:06 pm

    Bahut Acchi Post Hai. Thanks for Shering with us….

    Reply
  2. Jyoti on Jul 9, 2020 9:04 pm

    तेनालीराम सीरियल में यह सब बहुत अच्छे से दिखाया गया है।

    Reply
    • Mahesh Yadav on Jul 9, 2020 10:29 pm

      हाँ, सही कहा ज्योतिजी, तेनालीराम अपनी सूझ-बुझ से सबको आकर्षित कर लेते थे

      Reply

Leave A Reply Cancel Reply

Popular Posts
16 Mins ReadAug 11, 2026

Financial Planning Tips in Hindi: Business के लिए जरूरी Financial Planning

13 Mins ReadAug 10, 2026

भारत के 28 राज्य और राजधानी, मुख्यमंत्री, भाषा व ISO Code

17 Mins ReadAug 11, 2026

195 देशों की राजधानी और मुद्रा

10 Mins ReadAug 26, 2026

Blog और Blogging क्या हैं? क्या मुझे ब्लॉगिंग करनी चाहिए?

16 Mins ReadAug 20, 2026

Copyright, Patent और Trademark में अंतर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

Latest Posts
8 Mins ReadAug 8, 2026
तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
11 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
10 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
8 Mins ReadAug 9, 2026
Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
1 2 3 … 184 Next
Categories
  • Blogging Tips (8)
  • Book Summary (35)
  • Business Ideas & Earn Money (30)
  • General (13)
  • General Knowledge (55)
  • Health Tips (53)
  • Hindi Essay (2)
  • Hindi Quotes (59)
  • Hindi Thoughts (39)
  • Let's Laugh (8)
  • Motivational Hindi Songs (47)
  • Motivational Hindi Stories (25)
  • Personality Development (50)
  • Success Stories (17)
  • अमर कहानियाँ (7)
  • चाणक्य नीति (19)
  • चुटकुले (9)
  • जीवनी (63)
  • धार्मिक परंपरा व आस्था (12)
  • प्रेरक प्रसंग (10)
  • महत्वपूर्ण जानकारियां (9)
  • रोचक घटनाये (3)
  • रोचक तथ्य (8)
  • लोक व्यवहार (33)
  • श्रीमदभागवत गीता अंश (9)
  • सफलता के मंत्र (73)
  • सफलता के रहस्य (54)
  • हिंदी कहानियाँ (93)
  • हिंदी दोहे और उक्तिया (1)
  • हिंदी शेर और शायरी (6)
  • हिन्दी कविताएं (40)
About Us

अच्छी बातें डॉट कॉम

AchhiBaatein is a famous Hindi blog for Famous Quotes and Thoughts, Motivational & Inspirational Hindi Stories and Personality Development Tips

DMCA.com Protection Status

Recent Comment
  • Vijay Pal on आखिर जीवन का लक्ष्य क्या हैं?
  • Mahesh Yadav on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • kumar on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • puja on Top 10 successful profitable startups in India
Subscribe to Updates
सभी नए Posts अपने E-Mail पर तुरंत पाने के लिए यहाँ अपनी E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

कृपया यहाँ Subscribe करने के बाद अपनी E-mail ID खोलें तथा भेजे गये Verification लिंक पर Click करके Verify करें

Powered by ® Google Feedburner

Copyright © achhibaatein.com 2013 - 2026 . All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Advertise
  • Guest Column
  • Privacy Policy
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.