भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान देश के लिए असाधारण सेवा या किसी भी क्षेत्र में सर्वोच्च स्तर के योगदान के लिए दिया जाता है।
भारत रत्न से जुड़ी कई बातें सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस लेख में हम भारत रत्न क्या है, इसकी शुरुआत कब हुई, किसे दिया जा सकता है, इसकी सिफारिश कैसे होती है और इसके पदक का स्वरूप कैसा है जैसे महत्वपूर्ण सवालों के जवाब आसान भाषा में जानेंगे।
साथ ही, पुराने लेख में मौजूद कुछ जानकारी को वर्तमान आधिकारिक नियमों के अनुसार अपडेट किया गया है, ताकि आपको सही और उपयोगी जानकारी मिल सके।
भारत रत्न क्या है?
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान किसी व्यक्ति को किसी भी क्षेत्र में असाधारण सेवा या सर्वोच्च स्तर के प्रदर्शन के लिए दिया जा सकता है।
वर्तमान नियमों के अनुसार भारत रत्न किसी व्यक्ति की जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के आधार पर सीमित नहीं है। किसी भी व्यक्ति को यह सम्मान दिया जा सकता है, यदि उसका योगदान निर्धारित स्तर का हो।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि भारत रत्न केवल कला, साहित्य, विज्ञान या सार्वजनिक सेवा के लिए ही दिया जाता है। वर्तमान नियम इसे मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र में असाधारण योगदान से जोड़ते हैं।
भारत रत्न की शुरुआत कब हुई?
भारत रत्न की स्थापना 2 जनवरी 1954 को हुई थी। यह भारत सरकार द्वारा स्थापित सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
भारत रत्न से जुड़े मूल नियमों में समय के साथ बदलाव हुए हैं। उदाहरण के लिए, शुरुआत में मरणोपरांत पुरस्कार देने का प्रावधान नहीं था। बाद में 1955 के संशोधित नियमों में इसे शामिल किया गया।
भारत रत्न किन क्षेत्रों में दिया जाता है?
भारत रत्न के लिए कोई छोटी और निश्चित क्षेत्र-सूची नहीं है। वर्तमान नियमों के अनुसार यह सम्मान किसी भी क्षेत्र में exceptional service या performance of the highest order के लिए दिया जा सकता है।
इसका अर्थ है कि कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक जीवन, खेल और अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्ति इस सम्मान के योग्य हो सकते हैं।
भारत रत्न से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
- इसकी स्थापना 2 जनवरी 1954 को हुई थी।
- भारत रत्न किसी भी क्षेत्र में असाधारण सेवा या सर्वोच्च स्तर के प्रदर्शन के लिए दिया जा सकता है।
- एक वर्ष में अधिकतम तीन भारत रत्न दिए जा सकते हैं।
- हर वर्ष भारत रत्न देना अनिवार्य नहीं है।
- भारत रत्न मरणोपरांत भी दिया जा सकता है।
- इस पुरस्कार के साथ कोई नकद धनराशि नहीं दी जाती।
- प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित Sanad और पदक दिया जाता है।
- भारत रत्न को व्यक्ति के नाम के आगे या पीछे उपाधि के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
भारत सरकार की आधिकारिक योजना के अनुसार भारत रत्न के लिए प्रधानमंत्री स्वयं राष्ट्रपति को नामों की सिफारिश करते हैं। इसके लिए किसी औपचारिक recommendation की आवश्यकता नहीं होती।
भारत रत्न की सिफारिश कौन करता है?
भारत रत्न के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को सिफारिश करते हैं। इस पुरस्कार के लिए किसी औपचारिक recommendation की आवश्यकता नहीं होती।
इसके बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मान प्रदान किया जाता है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्ति का नाम भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया जाता है।
एक वर्ष में कितने लोगों को भारत रत्न दिया जा सकता है?
आधिकारिक नियमों के अनुसार किसी एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को भारत रत्न दिया जा सकता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर वर्ष तीन या कोई भी व्यक्ति इस सम्मान से सम्मानित हो।
क्या भारत रत्न मरणोपरांत दिया जा सकता है?
हां। भारत रत्न मरणोपरांत भी दिया जा सकता है। यह प्रावधान 1955 के संशोधित नियमों में शामिल किया गया था।
मरणोपरांत भारत रत्न पाने वालों में लाल बहादुर शास्त्री, जयप्रकाश नारायण, सरदार वल्लभभाई पटेल और कई अन्य महान व्यक्तित्व शामिल हैं।
क्या विदेशी नागरिक को भारत रत्न दिया जा सकता है?
भारत रत्न के नियम किसी व्यक्ति की जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के आधार पर पुरस्कार को सीमित नहीं करते। आधिकारिक नियमों में स्पष्ट है कि “Any person” इस सम्मान के लिए पात्र हो सकता है।
इसी कारण भारत रत्न केवल भारतीय नागरिकों तक सीमित नहीं रहा है। अब तक विदेशी नागरिकों को भी यह सम्मान दिया गया है।
खान अब्दुल गफ्फार खान को 1987 में और नेल्सन मंडेला को 1990 में भारत रत्न दिया गया था।
भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
भारत रत्न की शुरुआत 1954 में हुई। पहले वर्ष तीन महान व्यक्तित्वों को यह सम्मान दिया गया था:
- चक्रवर्ती राजगोपालाचारी
- डॉ. सी. वी. रमन
- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
इसलिए यह कहना सही नहीं है कि भारत रत्न का पहला पुरस्कार केवल एक व्यक्ति को दिया गया था। 1954 में तीन लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
पहला मरणोपरांत भारत रत्न किसे दिया गया?
लाल बहादुर शास्त्री को 1966 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
उनका नाम भारत के उन महान नेताओं में शामिल है जिन्हें देश की सेवा के लिए मरणोपरांत यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला।
भारत रत्न का पदक कैसा होता है?
भारत रत्न के पदक का वर्तमान डिजाइन पीपल के पत्ते के आकार का है। यह कांस्य से बना होता है और इसके सामने वाले हिस्से पर सूर्य की आकृति तथा नीचे “भारत रत्न” लिखा होता है।
पदक के पीछे भारत का राजकीय प्रतीक और आदर्श वाक्य “सत्यमेव जयते” अंकित होता है। पदक को सफेद फीते के साथ गले में पहना जाता है।
भारत रत्न के साथ कितनी धनराशि मिलती है?
भारत रत्न के साथ कोई नकद पुरस्कार नहीं दिया जाता है। प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित एक Sanad और पदक प्रदान किया जाता है।
इसलिए भारत रत्न के साथ पेंशन, वेतन का प्रतिशत या निश्चित आर्थिक भत्ते मिलने वाली जानकारी को सही नहीं माना जाना चाहिए। पुराने इंटरनेट लेखों में ऐसी कई बातें मिलती हैं, लेकिन आधिकारिक Bharat Ratna scheme में ऐसी monetary grant का प्रावधान नहीं बताया गया है।
भारत रत्न के साथ कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
भारत रत्न को लेकर इंटरनेट पर कई ऐसी जानकारियां मिलती हैं, जिनमें मुफ्त हवाई यात्रा, मुफ्त प्रथम श्रेणी रेल यात्रा, पेंशन, Z-कैटेगरी सुरक्षा और VVIP दर्जे जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया जाता है। हालांकि, इन सुविधाओं को भारत रत्न की आधिकारिक योजना के निर्धारित लाभ के रूप में नहीं बताया गया है।
भारत सरकार की आधिकारिक Bharat Ratna Scheme के अनुसार, पुरस्कार प्रदान किए जाने पर प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित Sanad (प्रमाण-पत्र) और एक Medallion (पदक) दिया जाता है। आधिकारिक योजना यह भी स्पष्ट करती है कि इस पुरस्कार के साथ कोई monetary grant नहीं दी जाती।
भारत रत्न के आधिकारिक रूप से मिलने वाले सम्मान
- राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित Sanad (प्रमाण-पत्र)।
- भारत रत्न का Medallion (पदक)।
- यह भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
इसलिए भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं को प्रधानमंत्री के वेतन के आधार पर पेंशन, मुफ्त प्रथम श्रेणी हवाई यात्रा, मुफ्त प्रथम श्रेणी रेल यात्रा, स्वतः Z-कैटेगरी सुरक्षा या VVIP दर्जा मिलने की जानकारी को आधिकारिक Bharat Ratna benefits के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
नोट: किसी व्यक्ति को उसकी अलग संवैधानिक, सरकारी, सुरक्षा या अन्य भूमिका के कारण मिलने वाली कोई सुविधा और भारत रत्न पुरस्कार से मिलने वाली सुविधा एक ही बात नहीं है। इसलिए दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
क्या भारत रत्न नाम के आगे लगाया जा सकता है?
नहीं। संविधान के अनुच्छेद 18(1) के अनुसार भारत रत्न जैसी राष्ट्रीय उपाधि को व्यक्ति के नाम के आगे या पीछे prefix या suffix के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
हालांकि, कोई व्यक्ति अपने परिचय में यह लिख सकता है कि उसे राष्ट्रपति द्वारा भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।
भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों में अंतर
भारत रत्न और पद्म पुरस्कार दोनों राष्ट्रीय सम्मान हैं, लेकिन दोनों एक जैसे नहीं हैं।
| सम्मान | महत्व |
|---|---|
| भारत रत्न | भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान |
| पद्म विभूषण | असाधारण और विशिष्ट सेवा |
| पद्म भूषण | उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा |
| पद्म श्री | किसी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा |
पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। ये भारत रत्न से अलग श्रेणी के राष्ट्रीय सम्मान हैं।
अब तक कितने लोगों को भारत रत्न मिला है?
भारत सरकार और आधिकारिक Padma Awards portal के अनुसार अब तक 53 व्यक्तियों को भारत रत्न प्रदान किया जा चुका है।
2024 में किन लोगों को भारत रत्न मिला?
2024 में भारत रत्न से पांच व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया:
- कर्पूरी ठाकुर — मरणोपरांत
- लालकृष्ण आडवाणी
- पी. वी. नरसिम्हा राव — मरणोपरांत
- चौधरी चरण सिंह — मरणोपरांत
- डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन — मरणोपरांत
भारत सरकार के अनुसार 2024 में इन पांच व्यक्तित्वों को भारत रत्न प्रदान किया गया। इनमें चार को 30 मार्च 2024 के Investiture Ceremony में और लालकृष्ण आडवाणी को 31 मार्च 2024 को उनके निवास पर सम्मान प्रदान किया गया।
भारत रत्न से सम्मानित सभी व्यक्तित्वों की वर्षवार सूची देखने के लिए आप भारत रत्न द्वारा सम्मानित व्यक्तित्वों की पूरी सूची पढ़ सकते हैं।
भारत रत्न से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर
भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान कौन सा है?
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
भारत रत्न की शुरुआत कब हुई?
भारत रत्न की स्थापना 2 जनवरी 1954 को हुई थी।
भारत रत्न किस क्षेत्र में दिया जाता है?
वर्तमान नियमों के अनुसार भारत रत्न मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र में असाधारण सेवा या सर्वोच्च स्तर के प्रदर्शन के लिए दिया जा सकता है।
भारत रत्न के लिए सिफारिश कौन करता है?
भारत रत्न के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को सिफारिश करते हैं। इसके लिए किसी औपचारिक recommendation की आवश्यकता नहीं होती।
एक साल में कितने भारत रत्न दिए जा सकते हैं?
एक वर्ष में अधिकतम तीन भारत रत्न दिए जा सकते हैं।
क्या भारत रत्न मरणोपरांत दिया जा सकता है?
हां, भारत रत्न मरणोपरांत भी दिया जा सकता है।
क्या भारत रत्न के साथ नकद राशि मिलती है?
नहीं। भारत रत्न के साथ कोई monetary grant नहीं दी जाती। प्राप्तकर्ता को Sanad और पदक दिया जाता है।
भारत रत्न का पदक किस आकार का है?
भारत रत्न का वर्तमान पदक पीपल के पत्ते के आकार का है। इसके सामने सूर्य और “भारत रत्न” लिखा होता है।
भारत रत्न पाने वाले पहले तीन व्यक्ति कौन थे?
1954 में सी. राजगोपालाचारी, डॉ. सी. वी. रमन और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारत रत्न दिया गया था।
क्या विदेशी व्यक्ति को भारत रत्न दिया जा सकता है?
भारत रत्न के नियम किसी व्यक्ति की nationality के आधार पर पुरस्कार को सीमित नहीं करते। खान अब्दुल गफ्फार खान और नेल्सन मंडेला इसके विदेशी प्राप्तकर्ताओं में शामिल हैं।
भारत रत्न से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
- भारत रत्न की स्थापना 1954 में हुई थी।
- 1954 में पहले वर्ष तीन व्यक्तियों को यह सम्मान दिया गया था।
- भारत रत्न के लिए किसी एक पेशे या क्षेत्र की अनिवार्य सूची नहीं है।
- एक वर्ष में अधिकतम तीन लोगों को यह सम्मान दिया जा सकता है।
- भारत रत्न मरणोपरांत भी दिया जा सकता है।
- भारत रत्न के साथ कोई monetary grant नहीं दी जाती।
- इस सम्मान को नाम के आगे या पीछे title की तरह नहीं लगाया जा सकता।
- अब तक 53 व्यक्तियों को भारत रत्न प्रदान किया जा चुका है।
- 2024 में पांच व्यक्तित्वों को भारत रत्न दिया गया था।
निष्कर्ष
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान किसी एक पेशे तक सीमित नहीं है। वर्तमान नियमों के अनुसार मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र में असाधारण सेवा या सर्वोच्च स्तर का प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति को यह सम्मान दिया जा सकता है।
इस लेख में हमने भारत रत्न की शुरुआत, पात्रता, पुरस्कार प्रक्रिया, पदक, मरणोपरांत सम्मान और इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को आसान भाषा में समझा।
अगर आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो भारत रत्न के साथ इसके प्राप्तकर्ताओं की वर्षवार सूची भी पढ़ना उपयोगी रहेगा। इसके लिए आप भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं की पूरी सूची देख सकते हैं।
अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के साथ जरूर शेयर करें।

6 Comments
बहुत अच्छी जानकारी आपने दी है। इसके लिए धन्यवाद!
bahut hi gyanbardhk jankari dene ke liye dhanyabad sir ji
आप की दी हुई सभी जानकारीयाॅ महत्वपूर्ण है, धन्यवाद
Vari nice inforation
Bhart rathan ke bare me jankery dane ke ley Thanks
thank you for providing
us a gud information