Chanakya Niti In Hindi चाणक्य नीति : Chapter 5

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Chanakya Neeti पांचवा अध्याय, Chanakya Niti in Hindi, Chankaya Quotes thoughts in Hindi & English

चाणक्य नीति, वर्तमान दौर की सामाजिक संरचना, भूमंडलीकृत अर्थव्यवस्था और शासन-प्रशासन को सुचारू ढंग चलने के लिए अत्यधिक कारगर सिद्ध हो सकती हैं। चाणक्य नीति के पंचम अध्याय से यहाँ प्रस्तुत हैं कुछ अंश, आशा हैं आपको पसंद आयेंगे

Chanakya Niti : Fifth Chapter

ब्राह्मणों को अग्नि की पूजा करनी चाहिए, दुसरे लोगों को ब्राह्मण की पूजा करनी चाहिए, पत्नी को पति की पूजा करनी चाहिए तथा दोपहर के भोजन के लिए जो अतिथि आए उसकी सभी को पूजा करनी चाहिए।

Agni is the worshipable person for the twice born, the brahmana for the other castes, the husband for the wife, and the guest who comes for food at the midday meal for all.

सोने की जाँच चार प्रकार से की जाती हैं –उसे कसौटी पर घिसा जाता हैं, काट कर देखा जाता हैं, तपाया और कूटा-पीटा जाता हैं इसी प्रकार मनुष्य के कुल अर्थात् अथार्त श्रेष्ठता की जाँच भी चार प्रकार – त्याग, शील, गुण और उसके द्वारा किये जाने वाले कार्यो से होती हैं।

As gold is tested in four ways by rubbing, cutting, heating and beating same as a man should be tested by these four things: his renunciation, his conduct, his qualities and his actions.

बुद्धिमान व्यक्ति को तब तक ही भय से डरना या घबराना चाहिए, जब तक भय उसके सामने नहीं आ जाता, जब एक बार भय अथवा या कष्ट आ ही जाए तो उसका डट कर मुकाबला करना चाहिए भय के सामने आ जाने पर शंकित होना अथवा घबराना समझदारी का काम नहीं।

A thing may be dreaded as long as it has not overtaken you, but once it has come upon you, try to get rid of it without hesitation.

एक ही नक्षत्र अथवा समय में और एक ही माँ के गर्भ से उत्पन्न जुड़वाँ बच्चे भी समान स्वभाव के नहीं होते, उदाहरण के लिए बेर के वृक्ष में बेर के फल भी उत्पन्न होते हैं और कांटे भी उगते हैं, पर उन दोनों का स्वभाव भिन्न हैं फल तो लोगो को स्वाद और तृप्ति देते हैं परन्तु कांटे चुभन पैदा करने के रूप में दुःख देते हैं।

Though persons are born from the same womb and under the same stars, they do not become alike in disposition as the thousand fruits of the badari tree.

वह व्यक्ति जिसके हाथ स्वच्छ है वह कार्यालय में काम नहीं करना चाहता अर्थात् उसे किसी पद की चाहत नहीं हैं, जिस ने अपनी कामनाओ को खत्म कर दिया है वह शारीरिक श्रंगार नहीं करता, मुर्ख पुरुष प्रिय और मधुर वचन नहीं बोल पाता, स्पष्ट बोलने वाला कभी धोखेबाज, धूर्त और मक्कार नहीं होता।

He whose hands are clean does not like to hold an office, he who desires nothing cares not for bodily decorations, he who is only partially educated cannot speak agreeably, and he who speaks out plainly cannot be a deceiver.

यह संसार की रीति हैं कि पंडितों से मुर्ख ईर्ष्या करते हैं, निर्धन बड़े बड़े धनिकों से अकारण द्वेष करते हैं वैश्याए तथा व्यभिचारिणी स्त्रिया पतिव्रताओ से तथा सौभाग्यवती स्त्रियों से विधवाएं द्वेष करती हैं।

The learned are envied by the foolish, rich men by the poor, chaste women by adulteresses; and beautiful ladies by ugly ones.

आलस्य के कारण तथा अभ्यास के अभाव में प्राप्त विद्या भी नष्ट हो जाती हैं, दुसरे के हाथ में गया हुआ धन काम नहीं आता और न लौट कर वापस ही आता हैं, थोडा बीज डालने से खेत फलता-फूलता नहीं है तथा सेनापतिरहित सेना विजयी नहीं होती।

Indolent application ruins study, money is lost when entrusted to others, a farmer who sows his seed sparsely is ruined, and an army is lost for want of a commander.

निरंतर अभ्यास से विद्या की रक्षा होती हैं, सदाचार के संरक्षण से कुल का नाम उज्जवल होता हैं, गुणों के धारण करने से श्रेष्ठता का परिचय मिलता हैं तथा नेत्रों से क्रोध की जानकारी मिलती हैं।

Learning is retained through putting into practice, family prestige is maintained through good behavior, a respectable person is recognized by his excellent qualities, and anger is seen in the eyes.

धर्म की रक्षा धन के द्वारा, विधा की रक्षा निरन्तर अभ्यास के द्वारा, राजनीति की रक्षा कोमल और दयापूर्ण व्यवहार के द्वारा तथा घर-गृहस्थी की रक्षा कुलीन स्त्री के द्वारा होती हैं।

Religion is preserved by wealth, knowledge by diligent practice, a king by conciliatory words, and a home by a dutiful housewife.

वेदों के तत्वज्ञान को, शास्त्रों के विधान और सदाचार को तथा सन्तो के उत्तम चरित्र को मिथ्या कहकर कलंकित करने वाले लोक-परलोक में भारी कष्ट उठाते हैं।

Those who blaspheme Vedic wisdom, who ridicule the life style recommended in the satras, and who deride men of peaceful temperament, come to grief unnecessarily.

दान से दरिद्रता का, सदाचार से दुर्गति का, उत्तम बुद्धि से अज्ञान का तथा सदभावना से भय का नाश होता हैं।

Charity puts and ends to poverty, righteous conduct to misery, discretion to ignorance; and scrutiny to fear.

इस संसार में कामवासना के समान कोई भयंकर रोग नहीं हैं काम एक ऐसा रोग हैं जो मनुष्य के शरीर को खोखला करके उसे सवर्था अशक्त बना देता हैं, मोह जैसा कोई अजेय-शत्रु नहीं, क्रोध जैसी कोई दूसरी आग नहीं ज्ञान से बढ़कर कोई सुख नहीं।

There is no disease (so destructive) as lust, no enemy like infatuation, no fire like wrath and no happiness like spiritual knowledge.

व्यक्ति संसार में अकेला ही जन्म लेता हैं तथा अकेला ही मरता हैं उसके द्वारा कमाई हुई धन-सम्पति, भाई बन्धु सब यही रह जाते हैं इस संसार में न कोई किसी के साथ आता हैं और न ही किसी के साथ जाता हैं भला-बुरा सब-कुछ व्यक्ति को अपने आप भुगतना पड़ता हैं इसमें कोई किसी का साथ नहीं देता।

A man is born alone and dies alone and he experiences the good and bad consequences of his karma alone and he goes alone to hell or the Supreme abode.

जिस आदमी को ब्रह्म-ज्ञान हैं उसके लिए स्वर्ग भी तुच्छ हैं, शूरवीर व्यक्ति के लिए जीवन का कोई मोह नहीं, इसी प्रकार इन्द्रियों को वश में रखने वाले व्यक्ति के लिए नारी का कोई महत्व नहीं, इसी प्रकार निः-स्परह (आसक्तिरहित) व्यक्ति के लिए संसार के भरपूर सुन्दर खज़ाने तथा अन्य वस्तुए तिनके के समान तुच्छ होती हैं।

Heaven is but a straw to him who knows spiritual life (Krsna consciousness), so is life to a valiant man, a woman to him who has subdued his senses, and the universe to him who is without attachment for the world.

विदेश में रहने वाले व्यक्तियों का सच्चा मित्र उनकी विद्या होती हैं, अपने घर में रहने वाले के लिए उसका सच्चा मित्र उसकी पतिव्रता स्त्री होती हैं, रोगी व्यक्ति के लिए उसका मित्र औषधि होती हैं और मृतु-शैया पर पड़े व्यक्ति का मित्र उसका धर्म और जीवन मैं किये गए सत्कर्म हैं।

Learning is a friend on the journey, a wife in the house, medicine in sickness, and religious merit is the only friend after death.

समुंद्र में बादलो का बरसना व्यर्थ हैं, जिसका पेट भरा हुआ हो ऐसे आदमी को भोजन कराना बेकार हैं, धनी व्यक्ति को दान देना व्यर्थ हैं और सूर्य के प्रकाश में दिन में दीपक जलाना व्यर्थ हैं।

Rain which falls upon the sea is useless, so is food for one who is satiated, in vain is a gift for one who is wealthy, and a burning lamp during the daytime is useless.

बादलो से बरसते हुए जल के समान कोई दूसरा स्वच्छ पानी नहीं होता, आत्मबल के समान कोई दूसरा बल नहीं होता, आँखों की ज्योति के समान कोई दूसरा उत्कृष्ट प्रकाश नहीं होता तथा अन्न के समान कोई दूसरा कोई भोज्य पदार्थ रुचिकर नहीं हो सकता।

There is no water like rainwater, no strength like one’s own, no light like that of the eyes and no wealth more dear than food grain.

निर्धन व्यक्ति धन की कामना करते हैं और पशु बोलने की शक्ति चाहते हैं, मनुष्य स्वर्ग की इच्छा रखता हैं और स्वर्ग में रहने वाला देवता मोक्ष –प्राप्ति की इच्छा करते हैं।

The poor wish for wealth, animals for the faculty of speech, men wish for heaven and godly persons for liberation.

पृथ्वी सत्य के बल पर ही स्थिर हैं, सत्य की शक्ति से ही सूर्य मैं ताप हैं तेज हैं, सत्य की शक्ति से ही दिन और रात वायु चलती हैं इस प्रकार सारी सृष्टि टिकी हुई हैं।

The earth is supported by the power of truth, it is the power of truth that makes the sunshine and the winds blow, indeed all things rest upon truth.

इस संसार मैं लक्ष्मी अस्थिर हैं, प्राण अनित्य हैं, जीवन भी सदा रहने वाला नहीं, घर परिवार भी नष्ट हो जाने वाला हैं सब पदार्थ अनित्य और नश्वर हैं केवल धर्म ही नित्य और शाश्वत हैं।

The Goddess of wealth is unsteady (chanchala), and so is the life breath. The duration of life is uncertain, and the place of habitation is uncertain; but in all this inconsistent world religious merit alone is immovable.

मनुष्यों में नाई, पक्षियों में कौआ, पशुओ में गीदड़ और स्त्रियों में मालिन को धूर्त माना गया हैं ये चारो अकारण ही दुसरो का कम बिगाड़ते हैं एक-दुसरे को लड़ाते हैं और परेशानी में डालते हैं।

Among men the barber is cunning, among birds the crow, among beasts the jackal and among women, the malin (flower girl).

मानव को जन्म देने वाला, यज्ञोपवित संस्कार करने वाला पुरोहित, विद्या देने वाला आचार्य, अन्न देने वाला व्यक्ति तथा भय से मुक्ति दिलाने अथवा रक्षा करने वाला, ये पांचो पिता के समान माने जाते हैं।

These five are your fathers, he who gave you birth, girdled you with sacred thread, teaches you, provides you with food, and protects you from fearful situations.

राजा की पत्नी, गुरु की पत्नी, मित्र की पत्नी, पत्नी की माता इन सबको अपनी माता के समान मानना चाहिए।

These five should be considered as mothers, the king’s wife, the preceptor’s wife, the friend’s wife, your wife’s mother, and your own mother.

References : चाणक्य नीति [ हिंदी में ] : पांचवा अध्याय : http://www.hindisahityadarpan.in

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Friends, चाणक्य नीति के उसी क्रम में “Chanakya quotes in hindi and English: fifth chapter” share रहा हूं। आशा है आपको बहुत सी बातें सीखने को मिलेगी।

Note: Friends, सावधानी बरतने के बावजूद यदि ऊपर दिए गए किसी भी Quote (Hindi or English) में आपको कोई त्रुटि मिले तो कृपया क्षमा करें और comments के माध्यम से अवगत कराएं।

निवेदन: कृपया comments के माध्यम से यह बताएं कि Chanakya Niti : Pancham Adhayaya आपको कैसा लगा अगर आपको यह पसंद आए तो दोस्तों के साथ share जरुर करें।

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Mahesh Yadav is a software developer by profession and like to posts motivational and inspirational Hindi Posts, before that he had completed BE and MBA in Operations Research. He have vast experience in software programming & development.

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