• Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
Facebook Twitter Instagram LinkedIn Reddit RSS
Most Liked Posts
  • तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
  • शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
  • शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
  • GyanKamao से पैसे कैसे कमाएं? GyanKamao क्या है और कैसे काम करता है?
  • Freelancing से पैसे कैसे कमाएं? Freelancer बनने की पूरी जानकारी
  • Facebook Ads से पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Bike Se Paise Kaise Kamaye? बाइक से पैसे कमाने के 12 तरीके
Facebook Twitter Instagram Pinterest LinkedIn Reddit RSS
AchhiBaatein.Com
  • Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
AchhiBaatein.Com
जीवनी 9 Mins Read

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक संक्षिप्त जीवन परिचय

Mahesh YadavBy Mahesh YadavUpdated:Jan 5, 2023No Comments9 Mins Read
Bal gangadhar tilak was popularly known as Kesri Newspaper
साझा करें
Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp

आधुनिक भारत के निर्माता कहे जाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने हमारे देश को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाल गंगाधर तिलक को “लाल बाल पाल” के बाल के रूप में भी जाना जाता है। बाल गंगाधर तिलक को लोग लखनऊ समझौता के लिए भी स्मरण करते हैं।

इस लेख में
  • बाल गंगाधर तिलक व्यक्तिगत परिचय
  • बाल गंगाधर तिलक का प्रारंभिक जीवन
  • बाल गंगाधर तिलक की शिक्षा
  • बाल गंगाधर तिलक जी का कैरियर
  • बाल गंगाधर जी का राजनीतिक कैरियर
  • बाल गंगाधर तिलक की जेल यात्रा
  • होम रुल लीग की स्थापना
  • बाल गंगाधर समाज सुधारक के तौर पर
  • बाल गंगाधर तिलक जी को प्राप्त सम्मान
  • बाल गंगाधर तिलक जी की मृत्यु

केसरी अखबार में प्रकाशित की गई पत्रिकाओं के लिए बाल गंगाधर तिलक का नाम इतिहास के पन्नों पर अमर है। बाल गंगाधर तिलक ने अंग्रेजो से भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए “ स्वराज हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर ही रहूंगा ” का नारा दिया था। इस लेख में हम आपको बाल गंगाधर तिलक की जीवनी के द्वारा उनके जीवन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे।

Bal Gangadhar Tilak: Punjab Kesari, Lokmanya

बाल गंगाधर तिलक को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक कहा जाता था। इन्होंने डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी का निर्माण किया था, साथ ही इन्होंने दो अखबारों को भी चालू किया था जिनके नाम “केसरी” और “मह्रात्ता” थे‌।

आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बाल गंगाधर तिलक अपने जीवन में गौरवशाली कार्यों को करने की वजह से आज भी देशवासियों द्वारा जाने जाते है।

बाल गंगाधर तिलक व्यक्तिगत परिचय

पूरा नामबाल गंगाधर तिलक
जन्मतिथि23 जुलाई, 1856, रत्नागिरी, महाराष्ट्र
पिता का नामगंगाधर तिलक
माता का नामपार्वती बाई
शिक्षाबी.ए. एल.एल. बी
पुरस्कारलोकमान्य
पत्नी का नामतापिबाई (सत्यभामा बाई)
बच्चों के नामरमा बाई वैद्य, पार्वती बाई केलकर, विश्वनाथ बलवंत तिलक,

रामभाऊ बलवंत तिलक, श्रीधर बलवंत तिलक और रमाबाई साणे

मृत्यु1 अगस्त, 1920, मुंबई, महाराष्ट्र

बाल गंगाधर तिलक का प्रारंभिक जीवन

एक ब्राह्मण परिवार में वर्ष 1856 में महाराष्ट्र के रत्नागिरी में 23 जुलाई को बाल गंगाधर तिलक का जन्म हुआ था। बाल गंगाधर के पिताजी रत्नागिरी मे संस्कृत भाषा के प्रचलित शिक्षक थे।

इनके पिताजी का नाम गंगाधर तिलक था। इसीलिए बाल शब्द इनके नाम के साथ जुड़ा है, अतः इनका पूर्ण नाम नाम बाल गंगाधर तिलक होता है। बाल गंगाधर की माता जी का नाम पार्वती बाई गंगाधर था, जब बाल गंगाधर जी के पिता का ट्रांसफर हुआ, तो तबादला होने के बाद वह महाराष्ट्र के पुणे शहर जाकर रहने लगे।

पुणे शहर में ही तापीबाई से साल 1971 में बाल गंगाधर की शादी उनके पिताजी ने करवाई और आगे चलकर उनकी पत्नी तपिबई सत्यभामा बाई के नाम से फेमस हुई‌।

बाल गंगाधर तिलक की शिक्षा

बाल्यकाल से ही बाल गंगाधर तिलक कुशाग्र बुद्धि के थे। उनका पसंदीदा विषय गणित था। उन्होंने अपनी शुरुआती एजुकेशन अपने पिताजी के घर से ही प्राप्त की थी और आगे की शिक्षा बाल गंगाधर तिलक ने ए़गलो-वर्नाकुलर स्कूल से प्राप्त की थी, जो कि पुणे शहर में स्थित है।

बाल गंगाधर के माता-पिता ज्यादा दिन तक जीवित नहीं रह सके थे, जिसके कारण इन्हें अपनी जिंदगी में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था, परंतु उन्होंने कठिनाइयों से हार नहीं मानी और हर कठिनाई का सामना करते हुए अपनी जिंदगी में लगातार आगे बढ़ते रहें‌।

साल 1877 में बाल गंगाधर तिलक जी ने पुणे शहर में ही स्थित डेक्कन कॉलेज से गणित और संस्कृत सब्जेक्ट से बैचलर ऑफ आर्ट की डिग्री को प्राप्त करने में सफलता हासिल की।

इसके बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए बाल गंगाधर तिलक मुंबई चले गए, जहां पर उन्होंने मुंबई के एक कॉलेज में एलएलबी मे एडमिशन लिया और एलएलबी की पढ़ाई करते हुए साल 1879 में बाल गंगाधर तिलक बैचलर ऑफ लॉ की डिग्री प्राप्त करने में सफल हो गए।

बाल गंगाधर तिलक जी का कैरियर

अपनी ग्रेजुएशन के पश्चात् पुणे शहर में बाल गंगाधर तिलक ने एक प्राइवेट स्कूल में उन्होंने एक टीचर के पद पर जॉइनिंग प्राप्त की और कुछ दिनों तक छात्रों को अध्ययन करने के बाद उन्होंने स्कूल को छोड़ दिया और स्कूल छोड़ने के बाद वह जर्नलिस्ट यानी की पत्रकार बन गए।

जब बाल गंगाधर तिलक जी ने एक पत्रकार का पद संभाला, तो उस समय देश के जो हालात थे,उससे वह काफी ज्यादा दुखी थे। इसलिए वह देश के हालात के प्रति चिंता व्यक्त करने के लिए पुरजोर तरीके से अपनी आवाज को उठाना चाहते थे।

बाल गंगाधर तिलक जी पाशचात्य शिक्षा प्रणाली के खिलाफ थे,क्योंकि वह ऐसा मानते थे कि वेस्टर्न एजुकेशन सिस्टम में भारत और भारत की संस्कृति को नीचा दिखाने का काम किया जाता है और इस प्रकार वह इस नतीजे पर पहुंचे कि भारत के व्यक्ति तभी एक अच्छे भारतीय बन सकेंगे, जब उन्हें भारतीय इतिहास और भारतीयता से संबंधित अच्छी शिक्षा प्राप्त होगी।

इसलिए बाल गंगाधर तिलक ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर के “डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी” का निर्माण किया और उसी साल बाल गंगाधर तिलक जी ने दो न्यूज़पेपर का भी निर्माण आरंभ किया, जिनमें से एक का नाम था “केसरी” जोकि मराठी लैंग्वेज में पब्लिश होता था और दूसरे का नाम था “मह्रात्ता” जोकि अंग्रेजी लैंग्वेज में पब्लिश होता था।

बाल गंगाधर तिलक जी के द्वारा शुरू किए गए यह दोनों न्यूज़पेपर काफी कम समय में भारतीय लोगों के बीच अच्छे खासे लोकप्रिय होने लगे, क्योंकि बाल गंगाधर तिलक जी इन समाचार पेपरों में भारत की दुर्दशा पर काफी अच्छे और ज्ञानवर्धक आर्टिकल लिखते थे।

वह भारत के लोगों की दिक्कतों को इस पेपर में छापने का काम करते थे।

इसलिए अपनी स्तिथि से मेल खाते अखबार को पढ़ना लोगों की बेहद पसंद आता था‌। बाल गंगाधर तिलक जी अपने अखबार में ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते थे, ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो।

बाल गंगाधर जी का राजनीतिक कैरियर

राजनीति में इंटरेस्ट होने के कारण साल 1890 में बाल गंगाधर तिलक जी ने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन कर लिया। कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद बाल गंगाधर तिलक ने स्वशासन पर पार्टी के उदारवादी मतों का काफी जोरदार तरीके से विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद गोपाल कृष्ण गोखले के खिलाफ पार्टी ने उन्हें खड़ा कर दिया।

बाल गंगाधर तिलक थोड़े क्रोधी स्वभाव के थे‌। इसीलिए लोग उन्हें गरम दल का नेता कहते थे। बाल गंगाधर तिलक जल्द से जल्द अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने के लिए एक हथियारबंद विद्रोह को चाहते थे, इसलिए उन्होंने जब बंगाल का बंटवारा हुआ, तब ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया और इसके लिए लोगों को समझाया तथा लोगों को यह भी बताया कि उन्हें स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करने पर ज्यादा जोर देना है।

कांग्रेस पार्टी और बाल गंगाधर तिलक की विचारधारा आपस में मेल नहीं खाती थी। इसलिए कई लोग बाल गंगाधर तिलक को चरमपंथी विंग के तौर पर जानते थे।

कांग्रेस पार्टी में जुड़े रहने के दौरान ही एक दिन बाल गंगाधर तिलक की मुलाकात पंजाब के लाला लाजपत राय और बंगाल के राष्ट्रवादी बिपिन चंद्र पाल से हुई और आगे चलकर इन तीनों की ही जोड़ी को लाल-बाल- पाल कहा जाने लगा और यह काफी ज्यादा इसी नाम से प्रसिद्ध होने लगे।

बाल गंगाधर तिलक की जेल यात्रा

बाल गंगाधर तिलक अक्सर अपने अखबारों के द्वारा अंग्रेज गवर्नमेंट के खिलाफ लेख लिखते थे। और उनके द्वारा लिखे गए लेख से ही मोटिवेशन प्राप्त करके साल 1897 में चाफेकर बंधुओं ने 22 जून को अंग्रेजी अधिकारी कमिश्चनर रैंड औरो लेफ्टडिनेंट आयर्स्ट का मर्डर कर दिया।

चाफेकर बंधुओं द्वारा इस मर्डर को करने के बाद इसका सारा इल्जाम बाल गंगाधर तिलक पर आ गया और उनके ऊपर राष्ट्रद्रोह का केस पंजीकृत किया गया और बाल गंगाधर तिलक को तकरीबन 6 साल के लिए देश से निकालने का आर्डर अदालत ने सुनाया।

इस प्रकार साल 1908 से लेकर सन 1914 तक बाल गंगाधर तिलक को वर्मा की मांडले जेल में रखा गया, जहां पर कई भारतीय कैदी पहले से ही मौजूद थे। हालांकि जेल जाने के बाद भी उन्होंने लिखने के काम को बंद नहीं किया और उन्होंने जेल में रहते हुए ही “गीता रहस्य” नाम की किताब को लिखा।

होम रुल लीग की स्थापना

साल 1908 से लेकर साल 1914 तक बर्मा की मांडले जेल में सजा काटने के बाद बाल गंगाधर तिलक जब साल 1915 में वापस अपने देश लौटे, तो उनके लौटने पर उनके समर्थकों ने काफी खुशी मनाई।

1915 में भारत लौटने के बाद एक बार फिर से बाल गंगाधर तिलक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। जिसके बाद बाल गंगाधर तिलक ने एनी बेसेंट, मोहम्मद अली जिन्ना और यूसुफ तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर साल 1916 में 28 अप्रैल के दिन पूरे इंडिया भर में होमरूल लीग को स्थापित किया।

बाल गंगाधर समाज सुधारक के तौर पर

अंग्रेजों का विरोध करने के साथ-साथ बाल गंगाधर समाज सुधार के काम भी करते थे। उन्होंने अपने स्तर से समाज में फैली हुई जाति प्रथा और बाल विवाह तथा अन्य बुराइयों का काफी खुलकर विरोध किया और वह महिलाओं को अच्छी एजुकेशन देने के भी पक्षधर थे।

बाल गंगाधर तिलक जी को प्राप्त सम्मान

महाराष्ट्र राज्य के पुणे सिटी में तिलक रंगा मंदिर नाम का एक थिएटर ऑडिटोरियम इनके नाम पर मौजूद है।

साल 2007 में इंडियन गवर्नमेंट ने बाल गंगाधर तिलक जी की याद में एक सिक्का भी जारी किया था।

बाल गंगाधर तिलक जी की जीवन गाथा के ऊपर “लोकमान्य: एक युगपुरुष” नाम से फिल्म भी बन चुकी है।

बाल गंगाधर तिलक जी की मृत्यु

जलियांवाला बाग कांड के बाद बाल गंगाधर तिलक जी की तबीयत काफी ज्यादा खराब रहने लगती थी और वह डायबिटीज की बीमारी की गिरफ्त में भी आ गए थे, जिसके बाद साल 1920 में 1 अगस्त को इनकी मृत्यु हो गई।

बाल गंगाधर तिलक ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने भारतीय लोगों में एकता लाने के लिए गणेश उत्सव और शिवाजी उत्सव जैसे कार्यक्रम को आरंभ किया था।

इनकी जीवनी भी पढ़ें

  • सर्वाधिक प्रखर कुटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य की जीवनी
  • विज्ञान का जनक गैलीलियो गैलिली का जीवन परिचय
  • पल्लवी जोशी जीवनी ~ Pallavi Joshi Biography in Hindi
  • CDS Bipin Rawat Biography चीनी सेनाओं को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था
  • अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला कल्पना चावला जीवनी
  • संस्कृत के प्रसिद्ध शास्त्रीय महाकवि कालिदास का जीवन परिचय
Previous Articleखड़ी बोली हिन्दी के प्रथम कवि अमीर खुसरो का जीवन परिचय
Next Article सर्वश्रेष्ठ गायिका : लता मंगेशकर का जीवन परिचय
Mahesh Yadav
  • Website
  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn

Mahesh Yadav is a software developer and the founder and author of AchhiBaatein.com , He holds a BE degree and an MBA in Operations Research and has extensive experience in software programming and web development. He writes about motivation, inspirational content, Hindi quotes, career, education and other useful topics for Hindi readers.

यह भी पढ़े

12 Mins Read

पल्लवी जोशी जीवनी ~ Pallavi Joshi Biography in Hindi

पूरा पढ़े
11 Mins Read

CDS Bipin Rawat Biography चीनी सेनाओं को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था

पूरा पढ़े
8 Mins Read

दुनिया के सबसे जुगाडू इन्सान बिजनेस मैग्नेट Richard Branson जीवनी

पूरा पढ़े

Leave A Reply Cancel Reply

Popular Posts
16 Mins ReadAug 11, 2026

Financial Planning Tips in Hindi: Business के लिए जरूरी Financial Planning

13 Mins ReadAug 10, 2026

भारत के 28 राज्य और राजधानी, मुख्यमंत्री, भाषा व ISO Code

17 Mins ReadAug 11, 2026

195 देशों की राजधानी और मुद्रा

10 Mins ReadAug 26, 2026

Blog और Blogging क्या हैं? क्या मुझे ब्लॉगिंग करनी चाहिए?

16 Mins ReadAug 20, 2026

Copyright, Patent और Trademark में अंतर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

Latest Posts
8 Mins ReadAug 8, 2026
तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
11 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
10 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
8 Mins ReadAug 9, 2026
Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
1 2 3 … 184 Next
Categories
  • Blogging Tips (8)
  • Book Summary (35)
  • Business Ideas & Earn Money (30)
  • General (13)
  • General Knowledge (55)
  • Health Tips (53)
  • Hindi Essay (2)
  • Hindi Quotes (59)
  • Hindi Thoughts (39)
  • Let's Laugh (8)
  • Motivational Hindi Songs (47)
  • Motivational Hindi Stories (25)
  • Personality Development (50)
  • Success Stories (17)
  • अमर कहानियाँ (7)
  • चाणक्य नीति (19)
  • चुटकुले (9)
  • जीवनी (63)
  • धार्मिक परंपरा व आस्था (12)
  • प्रेरक प्रसंग (10)
  • महत्वपूर्ण जानकारियां (9)
  • रोचक घटनाये (3)
  • रोचक तथ्य (8)
  • लोक व्यवहार (33)
  • श्रीमदभागवत गीता अंश (9)
  • सफलता के मंत्र (73)
  • सफलता के रहस्य (54)
  • हिंदी कहानियाँ (93)
  • हिंदी दोहे और उक्तिया (1)
  • हिंदी शेर और शायरी (6)
  • हिन्दी कविताएं (40)
About Us

अच्छी बातें डॉट कॉम

AchhiBaatein is a famous Hindi blog for Famous Quotes and Thoughts, Motivational & Inspirational Hindi Stories and Personality Development Tips

DMCA.com Protection Status

Recent Comment
  • Vijay Pal on आखिर जीवन का लक्ष्य क्या हैं?
  • Mahesh Yadav on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • kumar on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • puja on Top 10 successful profitable startups in India
Subscribe to Updates
सभी नए Posts अपने E-Mail पर तुरंत पाने के लिए यहाँ अपनी E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

कृपया यहाँ Subscribe करने के बाद अपनी E-mail ID खोलें तथा भेजे गये Verification लिंक पर Click करके Verify करें

Powered by ® Google Feedburner

Copyright © achhibaatein.com 2013 - 2026 . All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Advertise
  • Guest Column
  • Privacy Policy
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.