देश की सेवा का है जज्‍बा, तो केवल सेना ही नहीं हैं माध्यम

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दोस्तों, पाकिस्तान समय-समय पर हमारें देश में घुसपैठ करके आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा हैं और यह बात सब जानते हैं हर रोज हमारें कई भाई सीमा पर शहीद हो रहे हैं, काफी गुस्सा आता हैं यह सब सुनकर देखकर सोचते हैं ये करना चाहिए, सरकार को ऐसा कर देना चाहिए, ये होना चाहिए, सरकार को परमाणु बम का इस्तेमाल करना चाहिये, युद्ध करना चाहिये और भी बहुत कुछ।

हर एक पाकिस्तानी हमले के बाद सोशल मीडिया से लेकर चाय की चौपाल, गाँव शहर और जन सभाओं तक हर तरफ लोग एक ही तरह की बात करते हैं कि भारत को पाकिस्तान पर हमला कर देना चाहिये और सबक सीखना चाहिए।

….लेकिन क्या ऐसा होना चाहिये, यह बात हम से ज्यादा सरकार जानती हैं और बेहतर समझती हैं क्योकि वो बहुत सी बातें ऐसी जानती हैं जिनके बारें में हमको पता भी नहीं होता हैं खैर सीमा पर हमारें जवान दिन रात देश कि सेवा में लगे रहते हैं और अपने जीवन का बहुत ही अच्छा समय देश के लिए कुर्बान कर देते हैं।

अब मैं आपसे एक सवाल का जबाब जानना चाहूंगा क्या आप सेना की मदद करेंगे? क्या आप भी जंग के मैदान में अपना कुछ योगदान देना चाहेंगे?

मुझे यकीं ही नहीं पूरा विश्वास हैं के देश से प्रेम करने वाला हर व्यक्ति “हाँ” ही कहेगा।

क्या देश और सेना की मदद, देश की प्रगति में सहायता देश को आगे बदने में मदद केवल सेना में जाकर या पैसो के द्वारा ही की जा सकती हैं?

तो इसका जाबाब हैं नहीं, बिना पैसो के भी मैं अपने देश को आगे बढ़ने में सहायता कर सकता हूँ और यह बात बिल्कुल सही हैं दोस्तों। देश का हर एक नागरिक अपनी योग्यता, रुचि और अभिरुचि के अनुरूप व्यक्ति देश के बहुमुखी विकास में योगदान दे सकता है यह सहायता कैसे की जा सकती हैं आइये बात करते हैं।

देश किसी एक व्यक्ति से या उसके एक अच्छे काम से आगे नहीं बढ़ सकता। इसके लिए हम सबको आगे आना पड़ेगा,  देश अच्छा तभी होगा, जब हम सब मिलकर इसको अच्छा बनायेंगे।

देश के प्रति हमारें कुछ कर्तव्य हैं जिनका पालन करके भी हम देश कि सेवा कर सकते हैं और इसका लाभ देश को उतना ही मिलेगा, जितना कि देश के सीमा पर लगे जवान से मिलता हैं।

  1. आप अपने घर पर कचरा कहाँ पर फेंकते हैं और घर से बाहर कहाँ पर, अगर आप घर से बाहर कचरा सड़क पर फेकते हैं तो क्या आपका यह कदम सही हैं? कूड़ा कूड़ेदान में ही डाले, आपका यह कदम देश को एक कदम आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
  2. हमारे देश की सम्पति हमारी स्वयं की सम्पति हैं और उनकी हिफाजत करना भी देश सेवा ही हैं, इनकी दीवारों पर थूकना और इन पर कुछ लिखना, एक गलत कदम हैं, सरकारी इमारतों, पुरातत्व विभाग के भवन को किसी भी तरह क्षति न पहुचाएं।
  3. देश की अर्थव्यस्था में नोटों का प्रमुख स्थान हैं, और देश को इन्हें बनाने में काफी पैसा खर्च करना पड़ता हैं, इन पर कुछ लिखना मोड़ना, खराब करने की कोशिश करना, एक गलत कदम हैं हम यह जानते हैं कि नोट पर कुछ लिखने से हम नोट की आयु को कम कर रहे हैं और वह नोट जल्द खराब हो जायेगा, उसकी एवज में बैंक को दूसरा नोट छापना पड़ेगा, आशा हैं अगली बार नोट पर कुछ भी लिखने से पूर्व आप एक बार अवश्य सोचंगे।
  4. गाली देना, झगड़ा करना किसी को भला बुरा कहने से, तोड़-फोड़ करने से भी हम अपने देश को ही क्षति पहुँचते हैं अगर आप को किसी के कार्य में कोई आपति हैं तो अच्छा हैं आप उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत करवाएं।
  5. पानी एवम् लाइट बचाएँ, एक बहुत ही अच्छा जबाब मिलता हैं भाई पैसे मैं दे रहा हूँ, अगर ज्यादा use कर रहा हूँ तो ज्यादा पैसे दे रहा हूँ, नहीं ऐसा नहीं हैं पैसा आपका हैं परन्तु संसाधन को खराब करने का या व्यर्थ व्यय करने का अधिकार आपको नहीं हैं सरकार द्वारा प्रदान किये गए resource पर देश के सभी व्यक्ति का समान रूप से अधिकार हैं, अगर आप उन्हें बचाते हैं तो सरकार आपकी बचत से गरीबो को या इसको किसी अच्छी योजना में लगा सकती हैं।
  6. पर्यावरण की रक्षा करके भी देश की सेवा की जा सकती हैं, पौधे लगाएँ, जहाँ तक हो सके कम से कम पेपर प्रिंट करने की कोशिश करें, soft-copy भी उतनी ही valid हैं जितनी की hard copy।
  7. सरकार के द्वारा बनाये गए नियमो का पालन करें और औरो को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
  8. रोज़ माता पिता का आशीर्वाद लें, और अपने से बड़ो को सम्मान दे।
  9. समाज में महिलाओं का भी उतना ही योगदान हैं जितना कि पुरुषों का यह बात हम सभी जानते हैं कि बिना महिलाओं के देश क्या, समाज की भी परिकल्पना नहीं की जा सकती हैं अत: महिलाओं का सम्मान करें।
  10. एम्बुलेंस को रास्ता देकर भी देश की सेवा की जा सकती हैं।
  11. विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार देना भी देश सेवा में ही आता हैं सिर्फ तय पाठ्यक्रम की शिक्षा देने से ही शिक्षक का कर्तव्य पूरा नहीं हो जाता, विद्यार्थियों को अच्छा नागरिक बनने और जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए प्रेरित करना भी सबसे महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों में अच्छे संस्कारों का संचार करके शिक्षक देश सेवा में अपना योगदान दे सकता है।
  12. अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डालें, उन्हें देश के बारें में बताएं, और देश के प्रति अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित करें।
  13. हम सभी अपना जीवन व्यापन करने के लिए या तो नौकरी(प्राइवेट या सरकारी) करते हैं या फिर कोई व्यवसाय, आप अपने आप से कुछ सवाल करें और उनके जबाब दे, आपको स्वयं को अहसास अपने आप ही हो जायेगा कि आप अपने देश कि सेवा कितनी कर पा रहे हैं?
    • क्या आप अपना income-tax पूर्ण रूप से और समय पर दे रहे हैं?
    • क्या आपने कभी अपना काम करवाने कि लिए रिश्वत ली या दी हैं?
    • क्या आप समय पर ऑफिस पहुंचते हो?
    • क्या कभी अपने किसी सहकर्मी को किसी भी तरह से हानि पहुचाने की कोशिश करी हैं?
  14. किसी भी देश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधक हैं अशिक्षा, क्या आपने इस दिशा में कोई प्रयास किया या इस शिक्षा में गुणवत्ता लाने की दिशा में कोई कोशिश करी, या फिर सरकार द्वारा इस दिशा में उठायें गए क़दमों को पूरा करने में कोई सहायता करी हैं।
  15. इसके अलावा भी गलत सामाजिक मुद्दों को खत्म करना, लिंग समानता लाना, सभी के लिये आदर-भाव रखना, वोट डालने जाना, स्वस्थ्य युवा देने के लिये बाल श्रम को खत्म करना और भी बहुत से कार्य हैं जिन्हें करके हम अपने देश की सहायता कर सकते हैं।

लोगों को केवल सरकार पर चिल्लाने और दोषी ठहराने के स्थान पर देश के प्रति अपने कर्त्तव्यों को समझना चाहिये। हम सभी जानते हैं कि देश की वृद्धि एवं विकास के लिये सभी व्यक्ति व्यक्तिगत रुप से जिम्मेदार हैं

“हजारों कोसो की यात्रा एक कदम से शुरु होती हैं।”

आइये यह शुरुवात हम आज ही अपने आप से ही करते हैं, हम को यह कभी नहीं भूलना चाहिये कि कर्तव्य भावना के बिना अधिकार की मांग निरर्थक है। यदि इस समस्या का समाधान कर लिया जाए, तो देश की कई समस्याएं अपने आप हल हो जाएँगी, क्योंकि आज व्यक्ति अपने अधिकारों की कामना तो करता है, लेकिन कर्तव्य नहीं निभाना चाहता।

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Mahesh Yadav is a software developer by profession and like to posts motivational and inspirational Hindi Posts, before that he have completed BE and MBA in Operations Research. He have vast experience in programming and development.

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2 Comments

  1. महेश जी आपकी बातों से मैं पूरी तरह सहमत हूँ। देश भक्ति के लिए सेना में भर्ती होना ही जरूरी नहीं है। हमारे प्रतिदिन के छोटे-छोटे कार्यों में भी देशभक्ति छुपी हुई है।

  2. बहुत ही अच्छी बाते आपने इस लेख में बताई हैं महेश जी! हममे से कई सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें सिर्फ ये लगता हैं की जो जवान सीमा पर खड़ा हैं वो ही देश की सेवा कर रहा हैं वैसे इसमें कोई शक की बात नहीं हैं परन्तु यदि हमारे अंदर भी देश के लिए कुछ करने का जज्बा हैं तो हम में से कोई भी व्यक्ति देश की सेवा में अपना योगदान दे सकता हैं लेकिन ध्यान रखना होगा की हमे खुद से शुरुवात करनी होगी और वही उसी जगह से शुरुवात करनी होगी जहाँ पर हम अभी हैं. 🙂

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