बुरे वक़्त में भगवान् आपके साथ नहीं चलता क्योकि…

2

I’m not alone God is always with me
(Motivational Short Hindi Story)

एक भक्त था वह भगवान को बहुत मानता था, बड़े प्रेम और भाव से उनकी सेवा किया करता था, एक दिन भगवान से कहने लगा –

मैं आपकी इतनी भक्ति करता हूँ पर आज तक मुझे आपकी अनुभूति नहीं हुई।
मैं चाहता हूँ कि आप भले ही मुझे दर्शन ना दे पर ऐसा कुछ कीजिये की मुझे ये अनुभव हो की आप हो,
भगवान ने कहा ठीक है।

तुम रोज सुबह समुद्र के किनारे सैर पर जाते हो, जब तुम रेत पर चलोगे तो तुम्हे दो पैरो की जगह चार पैर दिखाई देगे,
दो तुम्हारे पैर होगे और दो पैरो के निशान मेरे होगे।
इस तरह तुम्हे मेरी अनुभूति होगी अगले दिन वह सैर पर गया, जब वह रे़त पर चलने लगा तो उसे अपने पैरों के साथ-साथ दो पैर और भी दिखाई दिये वह बड़ा खुश हुआ,  अब रोज ऐसा होने लगा।

एक बार उसे व्यापार में घाटा हुआ सब कुछ चला गया, वह रोड पर आ गया उसके अपनो ने उसका साथ छोड दिया।
देखो यही इस दुनिया की problem है, मुसीबत में सब साथ छोड देते है।
अब वह सैर पर गया तो उसे चार पैरों की जगह दो पैर दिखाई दिये,
उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि बुरे वक्त मे भगवन ने साथ छोड दिया।
धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा फिर सब लोग उसके पास वापस आने लगे।

एक दिन जब वह सैर पर गया तो उसने देखा कि चार पैर वापस दिखाई देने लगे।
उससे अब रहा नही गया, वह बोला-
भगवान जब मेरा बुरा वक्त था तो सब ने मेरा साथ छोड़ दिया था पर मुझे इस बात का गम नहीं था क्योकि इस दुनिया में ऐसा ही होता है, पर आप ने भी उस समय मेरा साथ छोड़ दिया था, ऐसा क्यों किया?

भगवान ने कहा –
तुमने ये कैसे सोच लिया कि मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूँगा, तुम्हारे बुरे वक्त में जो रेत पर तुमने दो पैर के निशान देखे वे
तुम्हारे पैरों के नहीं मेरे पैरों के थे, उस समय में तुम्हे अपनी गोद में उठाकर चलता था और आज जब तुम्हारा बुरा वक्त खत्म हो गया तो मैंने तुम्हे नीचे उतार दिया है, इसलिए तुम्हे फिर से चार पैर दिखाई दे रहे है।

अन्य कहानियां भी पढ़े, और अगर पसंद आये तो दोस्तों के साथ Share करें

————

Note: The above story is not my original creation; I have read it from one of the book & found it is very good to share with you.

Friends, सावधानी बरतने के बावजूद यदि “बुरे वक़्त में भगवान् आपके साथ नहीं चलता क्योकि..” कहानी में आपको कोई त्रुटि मिले तो कृपया क्षमा करें और comments के माध्यम से अवगत कराएं।

निवेदन: कृपया comments के माध्यम से यह भी बताएं कि कैसी लगी यह कहानी “बुरे वक़्त में भगवान् आपके साथ नहीं चलता क्योकि”, अगर आपको यह पसंद आए तो दोस्तों के साथ (Facebook, twitter, Google+) share जरुर करें।

Save

Share.

About Author

Mahesh Yadav is a software developer by profession and like to posts motivational and inspirational Hindi Posts, before that he have completed BE and MBA in Operations Research. He have vast experience in programming and development.

नयी पोस्ट ईमेल द्वारा प्राप्त करने के लिए Sign Up करें।
Follow us on:
facebook twitter gplus pinterest rss

2 Comments

  1. Tum ek budhu kism ke chootia kism ke gadhe ho…….kion tujhe bhagwan wali kahani par bharosa hi nahi to toone kahani share kion kia……….gadhe…..bhagwan naam ki koi chize hi nahi……isi liye tujhe bhi us par poora yakeen nahi………isi trah jab tujhe social trade par confident hi nahi to us ke bare meyn logon ko be-wakoof na bana

    • अवतार जी, आपके Comment को देख कर लगता हैं कि आप केवल POST के Title ही पढ़ते हो पूरी POST नहीं, AchhiBaatein.Com में केवल Title पढ़ लेने मात्र से पूरी POST के content का idea नहीं लगाया जा सकता, फिर भी अगर आपको को कुछ गलत लगा हो तो, माफ़ करना।

Leave A Reply

नयी पोस्ट ईमेल द्वारा प्राप्त करने के लिए Subscribe करें।

Signup for our newsletter and get notified when we publish new posts for free!