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Hindi Quotes 11 Mins Read

Subhash Chandra Bose Quotes in Hindi: सुभाष चंद्र बोस के 38 प्रेरक विचार

Mahesh YadavBy Mahesh YadavUpdated:Sep 6, 20263 Comments11 Mins Read
Subhash Chandra Bose Quotes in Hindi और सुभाष चंद्र बोस के प्रेरक विचार
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Subhash Chandra Bose Quotes में देशभक्ति, स्वतंत्रता, साहस, संघर्ष, आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना दिखाई देती है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन प्रमुख नेताओं में थे, जिन्होंने अपने विचारों और संघर्ष से देश के लोगों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया।

इस लेख में
  • Subhash Chandra Bose: संक्षिप्त परिचय
  • सुभाष चंद्र बोस के 39 विचार
    • 1. सैनिक के लिए प्रशिक्षण और आत्मबल
    • 2. राष्ट्रवाद के उच्च आदर्श
    • 3. अपने लक्ष्य पर अडिग रहें
    • 4. अन्याय के साथ समझौता न करें
    • 5. खुशामद से दूर रहें
    • 6. जीवन की अनिश्चितता से न घबराएं
    • 7. आजाद हिंद फौज का साहस
    • 8. स्वतंत्रता के लिए बलिदान
    • 9. स्वतंत्रता की रक्षा की जिम्मेदारी
    • 10. विजय पर विश्वास
    • 11. राष्ट्रवाद की सृजनात्मक शक्ति
    • 12. देश की प्रमुख समस्याओं का समाधान
    • 13. उपलब्ध साधनों से रास्ता निकालना
    • 14. संघर्ष से आत्मविश्वास
    • 15. कष्टों का नैतिक मूल्य
    • 16. संघर्ष और समाधान से आगे बढ़ना
    • 17. कठिन रास्ते से पीछे न हटें
    • 18. श्रद्धा का महत्व
    • 19. संघर्ष जीवन को अर्थ देता है
    • 20. समय से पहले परिपक्वता
    • 21. बचपन और युवावस्था में संयम
    • 22. जीवन का उद्देश्य
    • 23. जीवन भी एक परीक्षा है
    • 24. आशा की किरण
    • 25. विचार से आगे बढ़कर कार्य
    • 26. सैनिक के तीन आदर्श
    • 27. अपनी ताकत पर भरोसा रखें
    • 28. मां के प्रेम की गहराई
    • 29. स्वतंत्रता के लिए संघर्ष
    • 30. चरित्र निर्माण का महत्व
    • 31. कर्म ही हमारा कर्तव्य है
    • 32. कर्म के बंधन को समझें
    • 33. समय व्यर्थ न गंवाएं
    • 34. भावना और चिंतन का संतुलन
    • 35. उत्तर खोजने में धैर्य रखें
    • 36. स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा
    • 37. राजनीतिक सौदेबाजी
    • 38. विचार की शक्ति
  • सुभाष चंद्र बोस के विचारों से मिलने वाली सीख
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विचारधारा की विशेषता
  • निष्कर्ष

इस पोस्ट में सुभाष चंद्र बोस के 38 विचार दिए गए हैं। इनमें उनके जीवन, संघर्ष, स्वतंत्रता आंदोलन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्रवाद से जुड़े विचार शामिल हैं।

Subhash Chandra Bose: संक्षिप्त परिचय

सुभाष चंद्र बोस, जिन्हें नेताजी के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक, ओडिशा में हुआ था। उनके पिता जानकीनाथ बोस प्रसिद्ध वकील थे और उनकी माता प्रभावती देवी थीं। बचपन से ही सुभाष चंद्र बोस पढ़ाई में बहुत अच्छे थे। उन्होंने रेवेंशॉ कॉलेजिएट स्कूल, कटक से शिक्षा प्राप्त की और आगे की पढ़ाई कलकत्ता में की।

उनके पिता चाहते थे कि वे भारतीय सिविल सेवा (ICS) में जाएं। सुभाष चंद्र बोस इंग्लैंड गए और 1920 में ICS परीक्षा में सफल होकर चौथा स्थान प्राप्त किया। लेकिन भारत की स्वतंत्रता के लिए काम करने की इच्छा के कारण उन्होंने अप्रैल 1921 में ICS से इस्तीफा दे दिया और भारत लौट आए।

इसके बाद वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। वे 1938 और 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए। बाद में राजनीतिक मतभेदों के कारण उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और स्वतंत्रता के लिए अधिक सक्रिय संघर्ष का रास्ता अपनाया।

1941 में वे भारत से निकलकर जर्मनी पहुंचे और बाद में जापान गए। 1943 में उन्होंने इंडियन नेशनल आर्मी (आजाद हिंद फौज) की कमान संभाली। INA का गठन उनसे पहले हो चुका था, इसलिए यह कहना अधिक सही है कि नेताजी ने 1943 में इसका नेतृत्व संभाला और इसे स्वतंत्रता संघर्ष के लिए संगठित किया।

नेताजी के प्रसिद्ध आह्वान “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” ने स्वतंत्रता आंदोलन में नई ऊर्जा पैदा की। 4 जुलाई 1944 के उनके प्रसिद्ध भाषण से यह संदेश जुड़ा है।

नेताजी की मृत्यु 18 अगस्त 1945 को ताइवान में विमान दुर्घटना के बाद होने की बात आधिकारिक जांचों और सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है, लेकिन उनकी मृत्यु की परिस्थितियों को लेकर लंबे समय से विवाद और अलग-अलग मत रहे हैं। इसलिए इस विषय को केवल “रहस्य” या केवल “निश्चित विमान दुर्घटना” के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

सुभाष चंद्र बोस के 39 विचार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के भाषण से जुड़ा वीडियो

1. सैनिक के लिए प्रशिक्षण और आत्मबल

एक सच्चे सैनिक को सैन्य-प्रशिक्षण और आध्यात्मिक प्रशिक्षण दोनों की ही जरूरत होती है।

2. राष्ट्रवाद के उच्च आदर्श

राष्ट्रवाद मानवजाति के उच्चतम आदर्शों, सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम् से प्रेरित है।

3. अपने लक्ष्य पर अडिग रहें

मेरे पास एक लक्ष्य है जिसे मुझे हर हाल में पूरा करना है। मेरा जन्म उसी के कारण हुआ है और मुझे नैतिक विचारों की धारा में नहीं बहना है।

4. अन्याय के साथ समझौता न करें

अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना, एक बड़ा अपराध है।

5. खुशामद से दूर रहें

अपने पूरे जीवन में मैंने कभी खुशामद नहीं की है। दूसरों को अच्छी लगने वाली बातें करना मुझे नहीं आता।

6. जीवन की अनिश्चितता से न घबराएं

जीवन की अनिश्चितता से मैं जरा भी नहीं घबराता।

7. आजाद हिंद फौज का साहस

जब आजाद हिंद फौज खड़ी होती है तो वह ग्रेनाइट की दीवार की तरह होती है, जब आजाद हिंद फौज मार्च करती है तो स्टीमर की तरह होती है।

8. स्वतंत्रता के लिए बलिदान

तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।

यह नेताजी के सबसे प्रसिद्ध आह्वानों में से एक है। उनके 4 जुलाई 1944 के भाषण में स्वतंत्रता की कीमत बलिदान से चुकाने और “Give me blood” का आह्वान मिलता है।

9. स्वतंत्रता की रक्षा की जिम्मेदारी

यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं। हमें अपने बलिदान और परिश्रम से जो आजादी मिलेगी, हमारे अंदर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए।

10. विजय पर विश्वास

मुझे यह नहीं मालूम कि स्वतंत्रता के इस युद्ध में हममें से कौन-कौन जीवित बचेंगे, परन्तु मैं यह जानता हूँ कि अंत में विजय हमारी ही होगी।

11. राष्ट्रवाद की सृजनात्मक शक्ति

भारत में राष्ट्रवाद ने एक ऐसी सृजनात्मक शक्ति का संचार किया है, जो सदियों से लोगों के अंदर सुप्त-सी पड़ी थी।

नेताजी के 1928 के “Vision of a Free India” भाषण में राष्ट्रवाद को संकीर्ण या स्वार्थी न मानते हुए सत्य, शुभ और सुंदर से जोड़ने की बात मिलती है।

12. देश की प्रमुख समस्याओं का समाधान

मेरे मन में किसी भी प्रकार का संदेह नहीं है कि हमारे देश की प्रमुख समस्याओं जैसे गरीबी, अशिक्षा, बीमारी, कुशल उत्पादन एवं वितरण का समाधान सिर्फ समाजवादी तरीके से ही किया जा सकता है।

13. उपलब्ध साधनों से रास्ता निकालना

मध्या भावे गुडं दद्यात — अर्थात जहाँ शहद का अभाव हो, वहाँ गुड़ से ही शहद का कार्य निकालना चाहिए।

इस विचार का सरल अर्थ है कि परिस्थितियां अनुकूल न हों, तब भी उपलब्ध साधनों का समझदारी से उपयोग करके रास्ता निकालने की कोशिश करनी चाहिए।

14. संघर्ष से आत्मविश्वास

संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया और मुझमें आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ, जो पहले नहीं था।

15. कष्टों का नैतिक मूल्य

कष्टों का निस्संदेह एक आंतरिक नैतिक मूल्य होता है।

16. संघर्ष और समाधान से आगे बढ़ना

हम संघर्षों और उनके समाधानों द्वारा ही आगे बढ़ सकते हैं।

जीवन में आने वाली कठिनाइयों से निपटने और उनके समाधान खोजने के बारे में आप कठिनाइयों का सामना कैसे करें यह लेख भी पढ़ सकते हैं।

17. कठिन रास्ते से पीछे न हटें

हमारी राह भले ही भयानक और पथरीली हो, हमारी यात्रा चाहे कितनी भी कष्टदायक हो, फिर भी हमें आगे बढ़ना ही है। सफलता का दिन दूर हो सकता है, लेकिन उसका आना अनिवार्य है।

18. श्रद्धा का महत्व

श्रद्धा की कमी ही सारे कष्टों और दुखों की जड़ है।

19. संघर्ष जीवन को अर्थ देता है

अगर संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े, तब जीवन का आधा स्वाद स्वतः ही समाप्त हो जाता है।

20. समय से पहले परिपक्वता

समय से पूर्व की परिपक्वता अच्छी नहीं होती, चाहे वह किसी वृक्ष की हो या व्यक्ति की, और उसकी हानि आगे चलकर भुगतनी ही होती है।

21. बचपन और युवावस्था में संयम

निस्संदेह बचपन और युवावस्था में पवित्रता और संयम अति आवश्यक है।

22. जीवन का उद्देश्य

मैंने अमूल्य जीवन का इतना समय व्यर्थ ही नष्ट कर दिया, यह सोचकर बहुत ही दुःख होता है। कभी-कभी यह पीड़ा असह्य हो उठती है। मनुष्य जीवन पाकर भी जीवन का अर्थ समझ में नहीं आया। यदि मैं अपनी मंजिल पर नहीं पहुँच पाया तो यह जीवन व्यर्थ है, इसकी क्या सार्थकता है?

23. जीवन भी एक परीक्षा है

परीक्षा का समय निकट देखकर हम बहुत घबराते हैं, लेकिन एक बार भी नहीं सोचते कि जीवन का प्रत्येक पल परीक्षा का है। यह परीक्षा ईश्वर और धर्म के प्रति है। स्कूल की परीक्षा तो दो दिन की है, परन्तु जीवन की परीक्षा तो अनंत काल के लिए देनी होगी और उसका फल हमें लंबे समय तक भोगना पड़ेगा।

24. आशा की किरण

मेरे जीवन के अनुभवों में एक यह भी है कि मुझे आशा है कि कोई-न-कोई किरण उबार लेती है और जीवन से दूर भटकने नहीं देती।

25. विचार से आगे बढ़कर कार्य

इतिहास में कभी भी विचार-विमर्श से कोई ठोस परिवर्तन हासिल नहीं किया है।

केवल विचार करना ही पर्याप्त नहीं होता। सही समय पर निर्णय लेकर उस पर काम करना भी जरूरी है। इसी विषय पर आप सफल लोगों की सोच से जुड़ा लेख भी पढ़ सकते हैं।

26. सैनिक के तीन आदर्श

एक सैनिक के रूप में आपको हमेशा तीन आदर्शों को संजोना और उन पर जीना होगा—सच्चाई, कर्तव्य और बलिदान। जो सिपाही हमेशा अपने देश के प्रति वफादार रहता है और अपना जीवन बलिदान करने के लिए तैयार रहता है, वह अजेय है। अगर तुम भी अजेय बनना चाहते हो तो इन तीन आदर्शों को अपने हृदय में समाहित कर लो।

27. अपनी ताकत पर भरोसा रखें

जो अपनी ताकत पर भरोसा करते हैं, वे आगे बढ़ते हैं और उधार की ताकत वाले घायल हो जाते हैं।

28. मां के प्रेम की गहराई

मां का प्यार सबसे गहरा होता है—स्वार्थरहित। इसको किसी भी तरह से मापा ही नहीं जा सकता।

29. स्वतंत्रता के लिए संघर्ष

आजादी मिलती नहीं बल्कि इसे छीनना पड़ता है।

30. चरित्र निर्माण का महत्व

चरित्र निर्माण ही छात्रों का मुख्य कर्तव्य है।

नेताजी के विचारों में युवा पीढ़ी और चरित्र निर्माण को विशेष महत्व दिखाई देता है। इसलिए यह विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।

31. कर्म ही हमारा कर्तव्य है

हमें केवल कार्य करने का अधिकार है, कर्म ही हमारा कर्तव्य है, कर्म के फल का स्वामी वह भगवान है, हम नहीं।

कर्म और उसके फल से जुड़ा यह विचार भगवद्गीता की जीवन-सीख से भी जुड़ता है।

32. कर्म के बंधन को समझें

कर्म के बंधन को तोड़ना बहुत कठिन कार्य है।

33. समय व्यर्थ न गंवाएं

व्यर्थ की बातों में समय खोना मुझे जरा भी अच्छा नहीं लगता।

34. भावना और चिंतन का संतुलन

भावना के बिना चिंतन असंभव है। यदि हमारे पास केवल भावना की पूंजी है तो चिंतन कभी भी फलदायक नहीं हो सकता। बहुत सारे लोग आवश्यकता से अधिक भावुक होते हैं, परन्तु वे कुछ सोचना नहीं चाहते।

35. उत्तर खोजने में धैर्य रखें

हमें अधीर नहीं होना चाहिए और न ही यह आशा करनी चाहिए कि जिस प्रश्न का उत्तर खोजने में न जाने कितने ही लोगों ने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया, उसका उत्तर हमें एक-दो दिन में प्राप्त हो जाएगा।

36. स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा

स्वामी विवेकानंद का यह कथन बिल्कुल सत्य है—यदि तुम्हारे पास लौह-शिराएं हैं और कुशाग्र बुद्धि है, तो तुम सारे विश्व को अपने चरणों में झुका सकते हो।

सुभाष चंद्र बोस स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रभावित थे। उनके विचारों और व्यक्तित्व को समझने के लिए आप स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचार भी पढ़ सकते हैं।

37. राजनीतिक सौदेबाजी

राजनीतिक सौदेबाजी का एक रहस्य यह भी है कि जो आप वास्तव में हैं, उससे अधिक मजबूत दिखें।

38. विचार की शक्ति

एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद भी एक हजार जीवन में खुद को अवतार लेगा।

सुभाष चंद्र बोस के विचारों से मिलने वाली सीख

नेताजी के विचारों को केवल स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में पढ़ना जरूरी नहीं है। इनमें आज के जीवन के लिए भी कई महत्वपूर्ण सीख दिखाई देती हैं।

  • लक्ष्य स्पष्ट रखें: जब लक्ष्य स्पष्ट होता है तो कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की दिशा बनी रहती है।
  • अन्याय के सामने समझौता न करें: गलत को केवल सुविधा के लिए स्वीकार करना उचित नहीं है।
  • संघर्ष से घबराएं नहीं: कठिन परिस्थितियां व्यक्ति के आत्मविश्वास और क्षमता को मजबूत कर सकती हैं।
  • अपनी ताकत पर भरोसा रखें: आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास किसी भी बड़े लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • समय का सम्मान करें: व्यर्थ की बातों में समय गंवाने के बजाय उसे उद्देश्यपूर्ण कार्य में लगाना चाहिए।
  • चरित्र निर्माण को महत्व दें: शिक्षा के साथ चरित्र और अनुशासन भी जरूरी हैं।
  • विचारों को कार्य में बदलें: केवल चर्चा करने के बजाय सही दिशा में कदम उठाना आवश्यक है।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विचारधारा की विशेषता

सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता को केवल राजनीतिक लक्ष्य के रूप में नहीं देखते थे। उनके विचारों में राष्ट्रीय सम्मान, आत्मनिर्भरता, अनुशासन, संगठन और बलिदान की भावना प्रमुख थी। उन्होंने युवाओं को सक्रिय भूमिका निभाने और देश की स्वतंत्रता के लिए कठिनाइयों का सामना करने के लिए प्रेरित किया।

उनका राजनीतिक दृष्टिकोण अपने समय के कई अन्य नेताओं से अलग था। वे अधिक उग्र और समाजवादी आर्थिक दृष्टिकोण के समर्थक थे तथा ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता को तत्काल लक्ष्य मानते थे। उनके नेतृत्व में INA ने स्वतंत्रता आंदोलन की कल्पना को भारत की सीमाओं से बाहर भी पहुंचाया।

निष्कर्ष

सुभाष चंद्र बोस का जीवन साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पण का उदाहरण है। उनके विचारों में कठिन परिस्थितियों से पीछे न हटने, अपने लक्ष्य पर टिके रहने और आवश्यकता पड़ने पर कठिन निर्णय लेने की भावना दिखाई देती है।

आज भी Subhash Chandra Bose Quotes in Hindi पढ़ते समय हमें केवल उनके प्रसिद्ध शब्दों को याद करने के बजाय उनके पीछे छिपी भावना को समझने की कोशिश करनी चाहिए। स्वतंत्रता, आत्मसम्मान, साहस और जिम्मेदारी से जुड़े उनके विचार आज भी युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर होने और कठिन परिस्थितियों में डटे रहने की प्रेरणा दे सकते हैं।

यदि आपको स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े अन्य महान व्यक्तित्वों के विचार पढ़ना पसंद है, तो लाल बहादुर शास्त्री के विचार, लाल बहादुर शास्त्री के 23 विचार और नेल्सन मंडेला के विचार भी पढ़ सकते हैं।

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Mahesh Yadav
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Mahesh Yadav is a software developer and the founder and author of AchhiBaatein.com , He holds a BE degree and an MBA in Operations Research and has extensive experience in software programming and web development. He writes about motivation, inspirational content, Hindi quotes, career, education and other useful topics for Hindi readers.

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3 Comments

  1. JAGDISH KUMAWAT on Feb 25, 2020 11:44 am

    very nice quotes … inspiring thoughts

    Reply
  2. Yogendra Singh on Apr 12, 2020 5:17 am

    Gumnami baba ka sambandh inse jodne ka kya matlab hai. Ye samajh me nahi aata.

    Reply
    • Mahesh Yadav on Apr 12, 2020 3:00 pm

      मैंने ऐसा कोई वर्णन नहीं किया हैं POST में, परन्तु नेतीजी सुभाषचन्द्र बोस की मृत्यु रहस्यमयी अवश्य थी, ऐसा कहा जाता हैं कि नेताजी ने ही गुमनामी बाबा बनकर अपनी ज़िंदगी के आखिरी वक्त फैजाबाद में गुमनाम ज़िंदगी के तौर पर गुज़ारी थी, परन्तु इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं

      Reply

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