• Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
Facebook Twitter Instagram LinkedIn Reddit RSS
Most Liked Posts
  • तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
  • शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
  • शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
  • GyanKamao से पैसे कैसे कमाएं? GyanKamao क्या है और कैसे काम करता है?
  • Freelancing से पैसे कैसे कमाएं? Freelancer बनने की पूरी जानकारी
  • Facebook Ads से पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Bike Se Paise Kaise Kamaye? बाइक से पैसे कमाने के 12 तरीके
Facebook Twitter Instagram Pinterest LinkedIn Reddit RSS
AchhiBaatein.Com
  • Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
AchhiBaatein.Com
हिंदी कहानियाँ 6 Mins Read

Best Hindi Moral Story एक अदभुत बकरा

Mahesh YadavBy Mahesh YadavUpdated:Jul 25, 2020No Comments6 Mins Read
साझा करें
Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp

Hindi Moral Stories – Kahani : बकरे की तृप्ति ( हिंदी कहानी ) 

एक सम्राट था उसके पास एक बकरा था अदभुत बकरा – जो कभी तृप्त नहीं होता था, कितना भी खिलाओ कितना भी पिलाओ, पर उसकी भूख शांत नहीं होती थी। एक बार सम्राट ने नगर में घोषणा करवायी कि जो व्यक्ति मेरे बकरे को जंगल में चराकर, खिला-पिलाकर तृप्त कर देगा, उसे मैं अपना आधा-राज्य दे दूंगा किन्तु बकरा तृप्त हुआ या नहीं इसकी परीक्षा मैं स्वयं करूँगा।

घोषणा सुनकर नगरवासी बड़े प्रसन्न हुए, प्रसन्न होना स्वभाविक ही था जरा सी बात पर आधा राज्य जो मिल रहा था। प्रतियोगिता में शरीक होने पूरा नगर जो उमड़ रहा था, उसमे मुल्ला नसरुद्दीन सबसे आगे था।

राज्य दरबार में आकर मुल्ला नसरुद्दीन ने कहा – महाराज मैं आपके बकरे को तृप्त करा सकता हूं आप आज्ञा दे सम्राट ने कहा ठीक है, ये रहा बकरा ले जाओ, नसरुद्दीन बकरे को लेकर जंगल में चला गया पूरा दिन वह बकरे को हरी-हरी घास, मीठी म्रदु घास खिलाता रहा, ठंडा- ठंडा जल पिलाता रहा बकरा चरते चरते एक वृक्ष की छाया में बैठ गया तो मुल्ला नसरुद्दीन ने समझा की बकरा तृप्त हो गया हैं।

शाम को वह बकरे को लेकर सम्राट के समक्ष उपस्थित हुआ और बोला महाराज मैंने आपकी शर्त पूरी कर दी, आपका बकरा तृप्त हो गया है, आप मुझे आधा राज्य दे दे सम्राट ने कहा जल्दी न करो, अभी परीक्षा शेष हैं बकरा तृप्त हुआ या नहीं – इसकी परीक्षा होगी और सम्राट ने सिंहासन से उठ कर थोड़ी सी हरी घास बकरे के सामने डाल दी, सामने पड़ी घास देखते ही बकरे घास खाने लगा सम्राट ने कहा शर्त पूरी नहीं हुई, बकरा भूखा हैं तभी तो घास खा रहा हैं, तृप्त होता तो भला घास क्यों खाता? तुम्हे कोई राज्य नहीं मिलेगा।

अन्य सैकडो, हजारो लोगो ने भी अनेक प्रयत्न किये, बकरे को तृप्त करने के, पर वे भी असफल रहे बकरे को कितना ही खिलाओ पिलाओ, पर जब सम्राट परीक्षा के लिए घास डाले तो बकरा पुनः खाने लगे, सब परेशान सब चिन्तित, करे तो क्या करे? शुरू में घोषणा के समय लगा बड़ा सरल काम हैं—आसनी से राज्य मिल जायेगा लेकिन अब महसूस होने लगा की समस्या जटिल हैं, शर्त कठिन हैं शर्त का कठिन होना भी स्वभाविक हैं सम्राट यदि आधा राज्य देने की बात करता हैं तो बात में कुछ न कुछ दम तो होगा ही, वर्ना क्या सम्राट को किसी पागल कुत्ते ने काटा हैं जो जरा सी बात पर आधा राज्य दाव पर लगा दे।

उसी नगर ने एक व्यक्ति रहता था जिसका नाम था खट्टर काका, खट्टर काका अध्यात्म प्रेमी, तत्वज्ञानी व्यक्ति था। उसने सोचा सम्राट के इस ऐलान में जरुर कोई रहस्य हैं मुझे अधात्मिक धरातल पर खड़े होकर इसका समाधान सोचना होगा किसी युक्ति से ही समस्या पूर्ति सम्भव हैं और उसने आत्मचिंतन से समाधान भी खोज लिया।

वह बकरे को लेकर जंगल में गया वहां उसे दिन-भर भूखा-प्यासा रखा, न कुछ खाने को दिया न कुछ पीने को शाम को भूखे-प्यासे बकरे को लेकर खट्टर काका राज्य दरबार में सम्राट के समक्ष उपस्थित हुआ और आत्मविश्वास से कहा सम्राट आपका बकरा अब तृप्त हैं, तृप्त था नहीं उसका घुसा-घुसा पेट ही दिखा रहा था कि वह भूखा है और पूर्ण अतृप्त हैं लेकिन खट्टर काका ने कहा मैंने इसको पेट-भर खिला दिया हैं –इसका पेट भर दिया हैं इसे तृप्त कर दिया हैं अब यह पूर्ण तृप्त हैं कुछ भी नहीं खायेगा – आप चाहे तो परीक्षा भी कर सकते हैं खट्टर काका के चहरे पर आत्मविश्वास और ओज झलक रहा था।

सम्राट उठा, आगे बढ़कर बकरे के समक्ष कुछ हरी घास डाली, कुछ पत्तिया डाली लेकिन उस समय सभी लोगो के आश्चर्य का ठिकाना न रहा जब उन्होंने देखा कि बकरा घास खाना तो दूर उसे सूंघ भी नहीं रहा हैं, उस तरफ देख भी नहीं रहा हैं सम्राट भी आश्चर्यचकित रह गया, तुम विजयी हुए वचानुसार मैं तुम्हे आधा राज्य देता हूं, लेकिन तुम इतना अवश्य बता दो कि तुमने इस कभी न तृप्त होने वाले बकरे को तृप्त कैसे किया।

खट्टर काका ने कहा –तृप्त, मैंने इसको कुछ खिलाकर तृप्त नहीं किया हैं अपितु न खिलाकर तृप्त किया हैं। भुक्ति(भोजन) से यह तृप्त नहीं हुआ है, युक्ति से यह तृप्त हुआ हैं।

सम्राट ने पूछा वह युक्ति कौनसी हैं?

खट्टर काका ने कहा वह युक्ति, बस कुछ नहीं हैं, छोटी सी बात मैं इसे जंगल में ले गया वहां इसने घास देखी तो खाने को उद्धत हुआ, लेकिन ज्यो ही इसने घास खाने को मुह खोला तो मैंने इसके मुहं पर एक लकड़ी मारी जब-जब इसने खाने को मुह खोला, घास खाना चाहा तब-तब मैंने इसके मुह पर लकड़ी मारी दिन में कई मर्तबा ऐसा हुआ दिन भर में इसकी धारणा बन गई कि अगर मैं घास खाने को बढ़ा तो मेरी पिटाई होगी, मुझे मार पड़ेगी इसकी मज़बूत धारणा बन गई कि घास खाने से मार पड़ती हैं। यही कारण हैं कि अब वह घास नहीं खा रहा हैं, बिना खाए ही तृप्ति का अनुभव कर रहा हैं।

—

कहानी बड़ी सार्थक हैं वह सम्राट परमात्मा हैं तत्ज्ञानी खट्टर काका जीवात्मा हैं वह बकरा मनुष्य का मन हैं वह लकड़ी इच्छा-निरोध रूपी अंकुश हैं वह घास इन्द्रिय विषय रूपी घास हैं और वह मुल्ला नसरुद्दीन हम-सब है इन्द्रिया और मन का गुलाम संसारी प्राणी हैं।

परमात्मा घोषणा कर रहा हैं कि जो अपने मन रूपी बकरे को तृप्त कर देगा वही परमात्म-साम्राज्य का अधिकारी हो जायेगा परमात्मा के साम्राज्य को पाना हैं तो मन का तृप्त होना आवश्क हैं जिसका मन तृप्ति का अनुभव करने लगता हैं, वह मुक्ति का साम्राज्य प्राप्त कर लेता हैं जो मन को साध लेता हैं, वह मोक्ष को उपलब्ध हो जाता हैं।

अन्य कहानियां पढने के लिए नीचे दिए गए links पर click करें

  • इन्सान सिर्फ पैसे से अमीर नही बन सकता ~ Hindi Kahani
  • शून्य से शिखर तक पहुँचने की प्रेरणादायी कहानी
  • कंगाल होकर मैं कैसे जिन्दा रहूँगा : Motivational Hindi Kahani
  • Hindi Inspirational Story – मैं तुम्हे 10 लाख डॉलर का क़र्ज़ देने को तैयार हूँ
  • मांगों और तुम्हे मिलेगा, खोजो और तुम पा जाओगे
  • सवा सेर गेहूँ के लिए ज़िन्दगी भर गुलामी की बेडियां
  • बुरे वक़्त में भगवान् आपके साथ नहीं चलता क्योकि…
  • व्यापारी के हीरों का सच

—————

Note: The above story is not my original creation; I have read it from one of the book & found it is very good to share with you.

Comments के माध्यम से बताएं कि कैसी लगी “बकरे वाली स्टोरी”, दोस्तों अगर पसन्द आए तो अपने facebook wall पर friends के साथ शेयर करना न भूले

Save

Hindi Kahani Hindi Story Moral story
Previous Articleचाणक्य नीति Chapter 4 In Hindi | Chanakya Niti के महत्वपूर्ण विचार
Next Article महाभारत : यक्ष प्रश्न और युधिष्ठिर के उत्तर | Mahabharata Yaksha Prashna in Hindi
Mahesh Yadav
  • Website
  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn

Mahesh Yadav is a software developer and the founder and author of AchhiBaatein.com , He holds a BE degree and an MBA in Operations Research and has extensive experience in software programming and web development. He writes about motivation, inspirational content, Hindi quotes, career, education and other useful topics for Hindi readers.

यह भी पढ़े

9 Mins Read

नई बहू का मन ~ Hindi Kahani

पूरा पढ़े
10 Mins Read

बहू की सूनी गोद, कैसे गूंजेगी किलकारी ?

पूरा पढ़े
8 Mins Read

आखिर तलाक क्यों?

पूरा पढ़े

Leave A Reply Cancel Reply

Popular Posts
16 Mins ReadAug 11, 2026

Financial Planning Tips in Hindi: Business के लिए जरूरी Financial Planning

13 Mins ReadAug 10, 2026

भारत के 28 राज्य और राजधानी, मुख्यमंत्री, भाषा व ISO Code

17 Mins ReadAug 11, 2026

195 देशों की राजधानी और मुद्रा

10 Mins ReadAug 26, 2026

Blog और Blogging क्या हैं? क्या मुझे ब्लॉगिंग करनी चाहिए?

16 Mins ReadAug 20, 2026

Copyright, Patent और Trademark में अंतर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

Latest Posts
8 Mins ReadAug 8, 2026
तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
11 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
10 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
8 Mins ReadAug 9, 2026
Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
1 2 3 … 184 Next
Categories
  • Blogging Tips (8)
  • Book Summary (35)
  • Business Ideas & Earn Money (30)
  • General (13)
  • General Knowledge (55)
  • Health Tips (53)
  • Hindi Essay (2)
  • Hindi Quotes (59)
  • Hindi Thoughts (39)
  • Let's Laugh (8)
  • Motivational Hindi Songs (47)
  • Motivational Hindi Stories (25)
  • Personality Development (50)
  • Success Stories (17)
  • अमर कहानियाँ (7)
  • चाणक्य नीति (19)
  • चुटकुले (9)
  • जीवनी (63)
  • धार्मिक परंपरा व आस्था (12)
  • प्रेरक प्रसंग (10)
  • महत्वपूर्ण जानकारियां (9)
  • रोचक घटनाये (3)
  • रोचक तथ्य (8)
  • लोक व्यवहार (33)
  • श्रीमदभागवत गीता अंश (9)
  • सफलता के मंत्र (73)
  • सफलता के रहस्य (54)
  • हिंदी कहानियाँ (93)
  • हिंदी दोहे और उक्तिया (1)
  • हिंदी शेर और शायरी (6)
  • हिन्दी कविताएं (40)
About Us

अच्छी बातें डॉट कॉम

AchhiBaatein is a famous Hindi blog for Famous Quotes and Thoughts, Motivational & Inspirational Hindi Stories and Personality Development Tips

DMCA.com Protection Status

Recent Comment
  • Vijay Pal on आखिर जीवन का लक्ष्य क्या हैं?
  • Mahesh Yadav on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • kumar on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • puja on Top 10 successful profitable startups in India
Subscribe to Updates
सभी नए Posts अपने E-Mail पर तुरंत पाने के लिए यहाँ अपनी E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

कृपया यहाँ Subscribe करने के बाद अपनी E-mail ID खोलें तथा भेजे गये Verification लिंक पर Click करके Verify करें

Powered by ® Google Feedburner

Copyright © achhibaatein.com 2013 - 2026 . All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Advertise
  • Guest Column
  • Privacy Policy
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.