• Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
Facebook Twitter Instagram LinkedIn Reddit RSS
Most Liked Posts
  • तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
  • शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
  • शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
  • GyanKamao से पैसे कैसे कमाएं? GyanKamao क्या है और कैसे काम करता है?
  • Freelancing से पैसे कैसे कमाएं? Freelancer बनने की पूरी जानकारी
  • Facebook Ads से पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Bike Se Paise Kaise Kamaye? बाइक से पैसे कमाने के 12 तरीके
Facebook Twitter Instagram Pinterest LinkedIn Reddit RSS
AchhiBaatein.Com
  • Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
AchhiBaatein.Com
सफलता के मंत्र 12 Mins Read

कम्फर्ट जोन से बाहर कैसे निकलें? 7 आसान और Practical तरीके

Mahesh YadavBy Mahesh YadavUpdated:Aug 21, 2026No Comments12 Mins Read
Comfort Zone से Growth तक का सफर
साझा करें
Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp

क्या आपको लगता है कि आप अपनी जिंदगी में बदलाव करना चाहते हैं, लेकिन बार-बार उसी जगह लौट आते हैं? नई चीज शुरू करने का मन बनता है, फिर डर लगने लगता है। कभी असफलता का डर रोकता है, तो कभी यह सोच कि “अभी जो चल रहा है, ठीक ही तो है।”

इस लेख में
  • Comfort Zone क्या होता है?
  • क्या Comfort Zone हमेशा खराब होता है?
  • Comfort Zone हमें आगे बढ़ने से कैसे रोकता है?
  • Comfort Zone से बाहर कैसे निकलें?
    • 1. सबसे पहले अपना Comfort Zone पहचानें
    • 2. छोटे-छोटे कदम उठाएं
    • 3. हर दिन कुछ नया सीखें
    • 4. अपने लिए एक स्पष्ट Goal बनाएं
    • 5. डर को समझें, उससे भागें नहीं
    • 6. अच्छे और Growth-oriented लोगों के साथ रहें
    • 7. Progress को लगातार बनाए रखें
  • Comfort Zone छोड़ते समय किन गलतियों से बचें?
  • 7-Day Comfort Zone Challenge
  • Comfort Zone से बाहर निकलने का असली मतलब क्या है?
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
    • Comfort Zone क्या होता है?
    • Comfort Zone से बाहर कैसे निकलें?
    • क्या Comfort Zone छोड़ने के लिए बड़ा Risk लेना जरूरी है?
    • Comfort Zone से बाहर निकलने में डर क्यों लगता है?
    • क्या हर दिन Comfort Zone से बाहर निकलना चाहिए?
  • निष्कर्ष

यही स्थिति अक्सर Comfort Zone से जुड़ी होती है। कम्फर्ट जोन वह स्थिति है जिसमें हमें परिचित चीजों, लोगों और परिस्थितियों के बीच सुरक्षित और सहज महसूस होता है। इसमें रहना अपने आप में गलत नहीं है। समस्या तब शुरू होती है, जब यही सुविधा हमें सीखने, बदलने और आगे बढ़ने से रोकने लगे।

इस लेख में हम समझेंगे कि Comfort Zone क्या होता है, यह हमें आगे बढ़ने से कैसे रोक सकता है और कम्फर्ट जोन से बाहर कैसे निकलें। साथ ही, ऐसे practical तरीके भी देखेंगे जिन्हें आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में धीरे-धीरे अपना सकते हैं।

Comfort Zone क्या होता है?

Comfort Zone ऐसी स्थिति, दिनचर्या या वातावरण को कहा जा सकता है जिसमें व्यक्ति खुद को परिचित और सहज महसूस करता है। इसमें उसे हर चीज के बारे में पहले से कुछ जानकारी होती है। इसलिए अनिश्चितता कम महसूस होती है।

उदाहरण के लिए, अगर आप हमेशा एक ही तरह का काम करते हैं, उन्हीं लोगों से मिलते हैं और किसी नई जिम्मेदारी से बचते हैं, तो यह आपकी Comfort Zone का हिस्सा हो सकता है। इसी तरह, कोई विद्यार्थी केवल वही विषय पढ़ सकता है जिसमें उसे आसानी होती है और कठिन विषयों को टाल सकता है।

Comfort zone in hindi

एक बार एक कुत्ता बहुत रो रहा होता है, तो उसके पास से गुजर रहे एक आदमी ने उसके पड़ोसी से पूछा मैं अक्सर इस कुत्ते को सुबह सुबह ऐसा ही रोता देखता हूँ  – ये कुत्ता रोज़ रोता क्यों रहता है ? तो कुत्ते का पड़ोसी कहता है – इसके नीचे एक कील है, वह इसको बहुत चुभती है, इसलिए ये रोता है। आदमी ने कहा – अगर इतनी चुभ रही है, तो ये उठ क्यों नहीं जाता है।
पड़ोसी ने कहा – अभी इसे इतनी नहीं चुभ रही है कि ये उठने का कष्ट करे।

कई बार परेशानी हमें परेशान तो करती है, लेकिन उससे बाहर निकलने की कोशिश करने की तुलना में उसी परेशानी के साथ रहना आसान लगता है।

यही वजह है कि हम कई बार ऐसी आदतों और परिस्थितियों से जुड़े रहते हैं जिन्हें बदलना हमारे लिए बेहतर हो सकता है।

क्या Comfort Zone हमेशा खराब होता है?

नहीं। यह समझना जरूरी है कि Comfort Zone अपने आप में कोई बुरी चीज नहीं है। परिचित वातावरण हमें आराम करने, तनाव कम करने और अपनी ऊर्जा वापस पाने में मदद कर सकता है।

समस्या तब होती है जब हम हर नई चुनौती से बचने लगते हैं। अगर कोई व्यक्ति केवल इसलिए नया काम नहीं करता क्योंकि वह कठिन है, तो धीरे-धीरे उसकी सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है।

इसलिए लक्ष्य यह नहीं होना चाहिए कि आप हर समय अपने Comfort Zone से बाहर रहें। बेहतर तरीका यह है कि जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षित सीमा से थोड़ा आगे बढ़ें और फिर नई परिस्थिति को धीरे-धीरे अपना लें।

Comfort Zone हमें आगे बढ़ने से कैसे रोकता है?

नई चीज के सामने आने पर मन में कई सवाल उठ सकते हैं। “अगर मैं असफल हो गया तो?”, “लोग क्या कहेंगे?”, “अगर मैं यह नहीं कर पाया तो?” ऐसे विचार व्यक्ति को पहला कदम उठाने से रोक सकते हैं।

दूसरी ओर, पुरानी दिनचर्या आसान लगती है। हमें पता होता है कि उसमें क्या करना है और क्या उम्मीद करनी है। इसलिए बदलाव की अनिश्चितता से बचने के लिए हम पुराने तरीके को ही चुन लेते हैं।

मान लीजिए कोई व्यक्ति नौकरी के साथ अपना छोटा Business शुरू करना चाहता है। उसके सामने आर्थिक जोखिम, समय की कमी और असफलता का डर हो सकता है। ऐसे में वह तैयारी करने के बजाय केवल यह सोचता रह सकता है कि “कभी बाद में शुरू करूंगा।”

इसी तरह कोई विद्यार्थी नई skill सीखना चाहता है, लेकिन रोज वही काम करता रहता है। उसे पता है कि सीखने में मेहनत लगेगी। इसलिए वह शुरुआत को टाल देता है।

इस तरह Comfort Zone हमें हमेशा सीधे नुकसान नहीं पहुंचाता। कई बार वह केवल इतना करता है कि हमें जरूरी कदम उठाने से रोक देता है।

Comfort Zone से बाहर कैसे निकलें?

Comfort Zone से बाहर निकलने का सबसे अच्छा तरीका अचानक बहुत बड़ा बदलाव करना नहीं है। इसके बजाय छोटे और लगातार कदम उठाना ज्यादा practical तरीका है। नीचे दिए गए तरीकों से आप शुरुआत कर सकते हैं।

1. सबसे पहले अपना Comfort Zone पहचानें

बदलाव की शुरुआत पहचान से होती है। इसलिए खुद से पूछिए कि आपके जीवन में ऐसी कौन-सी चीजें हैं जिन्हें आप केवल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे आसान और परिचित हैं?

  • क्या आप किसी जरूरी काम को लगातार टालते हैं?
  • क्या आपको नई चीजें आजमाने में डर लगता है?
  • क्या आप लोगों के सामने अपनी बात रखने से बचते हैं?
  • क्या आप असफलता के डर से कोई नया काम शुरू नहीं करते?
  • क्या आप अपनी पुरानी आदतों को बदलना चाहते हैं, लेकिन शुरुआत नहीं कर पाते?

इन सवालों के जवाब लिखिए। जब आपको अपनी परेशानी स्पष्ट दिखाई देगी, तब उसके समाधान पर काम करना भी आसान होगा।

2. छोटे-छोटे कदम उठाएं

Comfort Zone छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि आपको एक ही दिन में पूरी जिंदगी बदल देनी है। वास्तव में, बहुत बड़ा लक्ष्य शुरुआत को और कठिन बना सकता है।

अगर आप पढ़ाई की आदत बनाना चाहते हैं, तो पहले दिन ही कई घंटे पढ़ने का दबाव न लें। शुरुआत 30 मिनट से की जा सकती है। फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।

इसी तरह अगर आप Public Speaking से डरते हैं, तो सीधे बड़े मंच पर जाने की जरूरत नहीं है। पहले अपने दोस्तों के सामने बोलिए। फिर छोटे समूह में अपनी बात रखिए। धीरे-धीरे confidence बढ़ेगा।

छोटा कदम छोटा जरूर होता है, लेकिन लगातार उठाया गया कदम आपको आगे ले जाता है।

3. हर दिन कुछ नया सीखें

नई चीज सीखना Comfort Zone को धीरे-धीरे expand करने का अच्छा तरीका है। इसके लिए आपको कोई बहुत बड़ी skill ही सीखनी जरूरी नहीं है।

आप रोज कुछ नया पढ़ सकते हैं। कोई useful course कर सकते हैं। नई language सीख सकते हैं। किसी विषय पर किताब पढ़ सकते हैं या किसी practical skill की शुरुआत कर सकते हैं।

आज Online learning और YouTube जैसे माध्यमों से सीखने के कई अवसर उपलब्ध हैं। हालांकि, केवल videos देखना पर्याप्त नहीं है। जो सीखें, उसका थोड़ा हिस्सा practice भी करें।

इस तरह learning केवल जानकारी तक सीमित नहीं रहेगी। धीरे-धीरे वह confidence में बदलने लगेगी।

4. अपने लिए एक स्पष्ट Goal बनाएं

जब जीवन में कोई स्पष्ट दिशा नहीं होती, तब पुरानी दिनचर्या में बने रहना आसान हो जाता है। इसलिए अपने लिए ऐसा Goal बनाएं जिसे आप वास्तव में हासिल करना चाहते हैं।

Goal बनाते समय केवल यह न सोचें कि दूसरे लोग आपसे क्या चाहते हैं। यह भी सोचिए कि आपकी रुचि किस काम में है और आप किस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

अगर आपको अपने रास्ते और अपनी रुचि को लेकर confusion है, तो अपने रास्ते खुद चुनने और अपनी strengths को पहचानने पर भी काम कर सकते हैं।

एक अच्छा Goal आपको हर दिन action लेने का कारण देता है। इसके अलावा, progress को track करना भी आसान हो जाता है।

5. डर को समझें, उससे भागें नहीं

कई बार Comfort Zone के पीछे असली कारण डर होता है। असफलता का डर, आलोचना का डर, बदलाव का डर या लोगों के opinion का डर।

डर को पूरी तरह खत्म करना जरूरी नहीं है। पहले यह समझना जरूरी है कि आपको डर किस बात से लग रहा है। इसके बाद सोचिए कि उस डर को कम करने के लिए आप कौन-सा छोटा कदम उठा सकते हैं।

उदाहरण के लिए, अगर आपको लोगों के सामने बोलने में डर लगता है, तो रोज कुछ मिनट बोलने की practice करें। अगर career बदलने से डर लगता है, तो पहले उस field की जानकारी लें और experienced लोगों से बात करें।

आप चाहें तो डर और उसके प्रभाव को समझने से जुड़ा हमारा लेख भी पढ़ सकते हैं।

इस तरह डर के सामने धीरे-धीरे action लेना आपको ज्यादा मजबूत बना सकता है।

6. अच्छे और Growth-oriented लोगों के साथ रहें

हमारे आसपास के लोग हमारी सोच और आदतों पर असर डाल सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों के साथ समय बिताना उपयोगी हो सकता है जो आपको सीखने, मेहनत करने और आगे बढ़ने के लिए encourage करें।

एक अच्छा दोस्त केवल आपकी तारीफ नहीं करता। जरूरत पड़ने पर वह आपकी गलती भी बताता है और आपको बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है।

इसके विपरीत, अगर आपका पूरा social circle हर नई कोशिश का मजाक उड़ाता है, तो आपके लिए पहला कदम उठाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अपनी संगति को भी ध्यान से देखें।

7. Progress को लगातार बनाए रखें

एक दिन motivation मिलने से जिंदगी नहीं बदलती। असली बदलाव तब आता है जब आप छोटे actions को लंबे समय तक दोहराते हैं।

अगर आपने कोई नया Goal बनाया है, तो उसके लिए daily या weekly routine बनाइए। अपनी progress लिखिए। जहां गलती हो, वहां तरीका बदलें। लेकिन एक छोटी असफलता के बाद पूरी कोशिश बंद न करें।

यही जगह है जहां जीवन में अनुशासन आपकी मदद करता है। Motivation कम होने के बाद भी routine आपको काम जारी रखने में सहायता करता है।

Comfort Zone से बाहर निकलना एक बार का काम नहीं है। यह एक continuous process है। इसलिए धीरे-धीरे अपने लिए नई challenges चुनते रहें।

Comfort Zone छोड़ते समय किन गलतियों से बचें?

बदलाव जरूरी है, लेकिन बदलाव का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कई लोग उत्साह में ऐसा लक्ष्य बना लेते हैं जिसे लंबे समय तक निभाना मुश्किल होता है।

इसलिए इन गलतियों से बचने की कोशिश करें:

  • एक साथ बहुत बड़ा बदलाव करना: शुरुआत manageable रखें।
  • दूसरों से अपनी तुलना करना: हर व्यक्ति की परिस्थिति अलग होती है।
  • असफलता को अंतिम परिणाम मान लेना: गलती से सीखकर तरीका बदला जा सकता है।
  • सिर्फ Motivation पर निर्भर रहना: Routine और discipline भी जरूरी हैं।
  • लोग क्या कहेंगे, इस पर ज्यादा ध्यान देना: अपनी priorities को समझें।
  • बिना तैयारी के बड़ा Risk लेना: Comfort Zone से बाहर निकलना और बिना सोचे जोखिम लेना एक ही बात नहीं है।

याद रखें, Growth का मतलब हर बार बड़ा Risk लेना नहीं है। कई बार सही दिशा में उठाया गया छोटा कदम ही सबसे अच्छा बदलाव होता है।

7-Day Comfort Zone Challenge

अगर आप इस लेख को पढ़ने के बाद तुरंत शुरुआत करना चाहते हैं, तो अगले सात दिनों के लिए एक छोटा challenge लें।

  1. Day 1: अपनी तीन ऐसी आदतें लिखें जिन्हें आप बदलना चाहते हैं।
  2. Day 2: कोई ऐसा छोटा काम करें जिसे आप काफी समय से टाल रहे हैं।
  3. Day 3: 30 मिनट किसी नई skill को सीखने में लगाएं।
  4. Day 4: किसी व्यक्ति से ऐसी बात करें जिसे कहने में आपको hesitation होती है।
  5. Day 5: अपने अगले एक महीने का एक स्पष्ट Goal लिखें।
  6. Day 6: अपने Goal के लिए एक practical action लें।
  7. Day 7: पूरे सप्ताह की progress देखें और अगले सप्ताह के लिए एक नया छोटा challenge तय करें।

आपको सात दिनों में अपनी पूरी जिंदगी बदलने की जरूरत नहीं है। इस challenge का उद्देश्य केवल इतना है कि आप सोचने से action लेने की तरफ बढ़ें।

Comfort Zone से बाहर निकलने का असली मतलब क्या है?

Comfort Zone से बाहर निकलने का अर्थ अपनी जिंदगी को हमेशा कठिन बनाना नहीं है। इसका मतलब है कि जहां जरूरी हो, वहां अपने डर और झिझक के बावजूद एक कदम आगे बढ़ाना।

कभी यह कदम नई skill सीखना हो सकता है। कभी अपनी बात रखना। कभी नया career option explore करना। कभी किसी गलत आदत को छोड़ना। वहीं, कभी यह सिर्फ इतना हो सकता है कि आप उस काम की शुरुआत कर दें जिसे कई दिनों से टाल रहे हैं।

इसलिए अपने आप से यह सवाल पूछें: “मेरी जिंदगी में कौन-सी एक चीज है जिसे बदलने के लिए मैं आज एक छोटा कदम उठा सकता हूं?”

शायद वही छोटा कदम आपके लिए एक नई शुरुआत बन जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Comfort Zone क्या होता है?

Comfort Zone वह परिचित स्थिति, वातावरण या दिनचर्या है जिसमें व्यक्ति खुद को सहज और सुरक्षित महसूस करता है। यह हमेशा खराब नहीं होता। समस्या तब होती है जब यह जरूरी बदलाव और growth में बाधा बनने लगे।

Comfort Zone से बाहर कैसे निकलें?

सबसे पहले अपना Comfort Zone पहचानें। फिर छोटे-छोटे challenges लें, नई चीजें सीखें, स्पष्ट Goal बनाएं और डर के बावजूद धीरे-धीरे action लेना शुरू करें।

क्या Comfort Zone छोड़ने के लिए बड़ा Risk लेना जरूरी है?

नहीं। Comfort Zone से बाहर निकलने के लिए बड़ा Risk लेना जरूरी नहीं है। छोटे और सोच-समझकर लिए गए कदम भी आपको आगे बढ़ा सकते हैं।

Comfort Zone से बाहर निकलने में डर क्यों लगता है?

नई परिस्थिति में uncertainty होती है। इसलिए असफलता, आलोचना या परिणाम को लेकर डर पैदा हो सकता है। तैयारी और छोटे कदम इस डर को संभालने में मदद कर सकते हैं।

क्या हर दिन Comfort Zone से बाहर निकलना चाहिए?

हर दिन कोई बड़ा challenge लेना जरूरी नहीं है। आराम और recovery भी जीवन का हिस्सा हैं। उद्देश्य यह होना चाहिए कि जरूरत पड़ने पर आप नई परिस्थितियों को स्वीकार करने और सीखने के लिए तैयार रहें।

निष्कर्ष

हम सभी का अपना एक Comfort Zone होता है। परिचित चीजों में रहना आसान लगता है। फिर भी, अगर यही सुविधा हमें नई चीजें सीखने, अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ने या जरूरी बदलाव करने से रोक रही है, तो उस सीमा को थोड़ा आगे बढ़ाना जरूरी है।

इसके लिए आपको एक ही दिन में अपनी जिंदगी बदलने की जरूरत नहीं है। पहले अपने Comfort Zone को पहचानिए। फिर एक छोटा कदम उठाइए। उसके बाद उस कदम को दोहराइए और धीरे-धीरे अपनी सीमा बढ़ाते जाइए।

आखिरकार, बदलाव केवल सोचने से नहीं आता। बदलाव तब शुरू होता है जब हम अपनी सोच को एक छोटे से action में बदलते हैं।

अगर आपको लगता है कि आपके जीवन में संघर्ष और चुनौतियां आपको रोक रही हैं, तो संघर्ष से आगे बढ़ने से जुड़ा लेख भी पढ़ सकते हैं।

अब आपकी बारी है: आपके जीवन का वह कौन-सा Comfort Zone है जिससे आप बाहर निकलना चाहते हैं? अपने विचार Comment में जरूर साझा करें।

Previous Articleपैसा उतना ही जरुरी है जितना कार में पेट्रोल न कम,न ज्यादा ~ Importance of Money
Next Article असफलता से सफलता की कहानी
Mahesh Yadav
  • Website
  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn

Mahesh Yadav is a software developer and the founder and author of AchhiBaatein.com , He holds a BE degree and an MBA in Operations Research and has extensive experience in software programming and web development. He writes about motivation, inspirational content, Hindi quotes, career, education and other useful topics for Hindi readers.

यह भी पढ़े

15 Mins Read

बिना कोचिंग के NEET की तैयारी कैसे करें? घर पर तैयारी करने का आसान तरीका

पूरा पढ़े
8 Mins Read

पढ़ाई में रुचि पैदा कैसे करें?

पूरा पढ़े
9 Mins Read

बहुत ज्यादा सोचने के कारण और फायदे | Avoid Overthinking

पूरा पढ़े

Leave A Reply Cancel Reply

Popular Posts
16 Mins ReadAug 11, 2026

Financial Planning Tips in Hindi: Business के लिए जरूरी Financial Planning

13 Mins ReadAug 10, 2026

भारत के 28 राज्य और राजधानी, मुख्यमंत्री, भाषा व ISO Code

17 Mins ReadAug 11, 2026

195 देशों की राजधानी और मुद्रा

10 Mins ReadAug 26, 2026

Blog और Blogging क्या हैं? क्या मुझे ब्लॉगिंग करनी चाहिए?

16 Mins ReadAug 20, 2026

Copyright, Patent और Trademark में अंतर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

Latest Posts
8 Mins ReadAug 8, 2026
तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
11 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
10 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
8 Mins ReadAug 9, 2026
Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
1 2 3 … 184 Next
Categories
  • Blogging Tips (8)
  • Book Summary (35)
  • Business Ideas & Earn Money (30)
  • General (13)
  • General Knowledge (55)
  • Health Tips (53)
  • Hindi Essay (2)
  • Hindi Quotes (59)
  • Hindi Thoughts (39)
  • Let's Laugh (8)
  • Motivational Hindi Songs (47)
  • Motivational Hindi Stories (25)
  • Personality Development (50)
  • Success Stories (17)
  • अमर कहानियाँ (7)
  • चाणक्य नीति (19)
  • चुटकुले (9)
  • जीवनी (63)
  • धार्मिक परंपरा व आस्था (12)
  • प्रेरक प्रसंग (10)
  • महत्वपूर्ण जानकारियां (9)
  • रोचक घटनाये (3)
  • रोचक तथ्य (8)
  • लोक व्यवहार (33)
  • श्रीमदभागवत गीता अंश (9)
  • सफलता के मंत्र (73)
  • सफलता के रहस्य (54)
  • हिंदी कहानियाँ (93)
  • हिंदी दोहे और उक्तिया (1)
  • हिंदी शेर और शायरी (6)
  • हिन्दी कविताएं (40)
About Us

अच्छी बातें डॉट कॉम

AchhiBaatein is a famous Hindi blog for Famous Quotes and Thoughts, Motivational & Inspirational Hindi Stories and Personality Development Tips

DMCA.com Protection Status

Recent Comment
  • Vijay Pal on आखिर जीवन का लक्ष्य क्या हैं?
  • Mahesh Yadav on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • kumar on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • puja on Top 10 successful profitable startups in India
Subscribe to Updates
सभी नए Posts अपने E-Mail पर तुरंत पाने के लिए यहाँ अपनी E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

कृपया यहाँ Subscribe करने के बाद अपनी E-mail ID खोलें तथा भेजे गये Verification लिंक पर Click करके Verify करें

Powered by ® Google Feedburner

Copyright © achhibaatein.com 2013 - 2026 . All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Advertise
  • Guest Column
  • Privacy Policy
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.