तुम शायद मुझसे रूठी हो

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Hindi Poems | Hindi Kavita | Famous Poetry in Hindi By Rajkumar Yadav

तुम शायद मुझसे रूठी हो,
इसलिए तो इतनी दूर बैठी हो।

सांस मिलता है तुझसे मेरी मौजूदगी को,
जिंदगी मिलती है तुझसे मेरी जिंदगी को।

दिल करता है मैं तेरे पास जाऊँ,
तेरे कानों में वहीं पंक्तियां गाऊँ।
जिसको लिखा था तेरी मेरी खुशी ने,
दिन के उजालों ने ,रात की चांदनी ने।

दिल करता है मैं अब हवा हो जाऊँ,
तुझके मैं छूके इस तरह लापता हो जाऊँ।
आऊँ ना नजर मैं फिर कहीं पे,
न तेरे शहर में,न तेरे जमीं पे।

दिल करता है मैं तेरा होके रह जाऊँ,
तुम बनती रहो,सजती रहो, मैं ढह जाऊँ।
तुम आकर बैठी रहना सपनों में,
मैं बसा लूंगा तुझे अपने ही आँखों में।

– राजकुमार यादव (Raj Kumar Yadav)

About Author

Raj Yadav is a Guest Post contributor at AchhiBaatein.Com, he also have published some other Hindi Kavita, He want to be a lyricist in Bollywood. He also run his Hindi Blog named as rozaana.wordpress.com.

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