यह एक लेखक का कमरा है Best Hindi Poem

1

Hindi Poems | Kavita | Famous Poetry in Hindi By Rajkumar Yadav

कोई शोर ना करना,
कुछ और ना करना,
यहीं पे बनते है प्यार के नगमे
और अफसाने,
यह एक लेखक का कमरा है
यह एक शायर का कमरा है.

कितने लैला-मजनूं निकले है यहां से,
चांद रोज आता है यहां उतरकर आसमां से,
इस कमरे की दिवारें बोलती है
इस कमरे का पंखा गजल सुनाता है .
इस मेज पे जो किताबें हैं,
उसमें कुछ पुरानी यादें हैं.
हर चीज नये -नये है
जो दिखे भले पुराने.
यह एक लेखक का कमरा है,
यह एक शायर का कमरा है.

रात के अंधेरों में और मद्धिम रोशनी में,
लिख जाती है रोज कहानियां डायरी में.
तुम कुछ भले ना समझो
हर मंजर कुछ न कुछ समझाता है,
यहां सागर है,मौजें हैं,
सिर्फ शब्दों की फौजें है.
और कबीर-सी फकीरी में
उड़ते परदे सुफियाने
यह एक लेखक का कमरा है
यह एक शायर का कमरा है.

कल्पनाएँ भरती है मन के अधूरेपन को
सन्नाटों से मिलता है संगीत जीवन को
सारे जगत से कटकर
कोई अपना नया संसार बनाता है
हरदम घटते है यहां चमत्कार
दिल से निकलती है चीत्कार
सारे घाव उतरते है कागज पे
जिसे दिया है दुनिया ने
यह एक लेखक का कमरा है
यह एक शायर का कमरा है

– राजकुमार यादव (Raj Kumar Yadav)

About Author

Raj Yadav is a Guest Post contributor at AchhiBaatein.Com, he also have published some other Hindi Kavita, He want to be a lyricist in Bollywood. He also run his Hindi Blog named as rozaana.wordpress.com.

नयी पोस्ट ईमेल द्वारा प्राप्त करने के लिए Sign Up करें।
Follow us on:
facebook twitter gplus pinterest rss

1 Comment

Leave A Reply