How to Get Pregnant गर्भधारण और गर्भावस्था के दौरान ये ध्यान रखें

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How To Get Pregnant In Hindi, Healthy During Pregnancy, Health Tips for Pregnant Women, गर्भावस्था में इन कामो से बचे, गर्भावस्था के लिए कुछ टिप्स, गर्भावस्था में ध्यान देने योग्य बाते

माँ बनना हर महिला के जीवन का बेहद सुखमयी सपना और मुश्किलों से भरा पड़ाव होता है। ऐसे में जो महिलाएं पहली बार माँ बनने की Planing कर रही है, उनके लिए तो यह चुनौतीभरा पल हो सकता है। अक्सर गर्भधारण और गर्भवस्था Pregnancy के दौरान कुछ ऐसी जाने-अनजाने में गलतियां हो जाती है जिनका अगर पहले ही ज्ञान बटोर लिया जाए तो बेहतर होगा और इसके साथ-साथ गर्भपात Abortion, शिशु में विकृति आदि बहुत सी बातों से बचा जा सकता है।

गर्भावस्था वह समय है जब एक महिला को सबसे ज्यादा देखभाल और परहेज की जरूरत होती है यह सच है कि गर्भावस्था में महिला जो भी कुछ खाती है और जिस तरह से रहती है उसका सीधा-सीधा असर उसके होने वाले बच्चे पर पड़ता है।

इसलिए ग़र्भधारण के बाद पहले माह से महिला को शरीर में होने वाली गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस समय सामान्य जीवनशैली पूरी तरह से अलग हो रही होती है गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। जरूरी नहीं है कि ये बातें सिर्फ खान-पान और रहन-सहन से संबंध रखती हों, चलने-फिरने से लेकर शारीरिक संबंध बनाना, व्यायाम, लोगों से बातचीत आदि भी इनमें शामिल है इन सभी बातों का ध्यान रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि इन सभी हरकतों और गतिविधियों का सीधा असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। इसलिए समय पर चिकित्सक की सलाह से Tests भी कराने चाहिए।

बच्चे के जन्म के पहले बनाए योजना।

1. Pregnancy की जानकारी रखें

महिलाओं को पहले से यह पता नहीं होता कि प्रेगनेंसी के पहले या उस दौरान क्या होता है। शरीर में किस तरह के हार्मोनल बदलाव होते है, क्या करना चाहिए और क्या नहीं, किन लक्षणों को सामान्य लें और किन्हें नहीं। इसके लिए आप Market से प्रेगनेंसी में देखभाल करने की किताबें खरीद सकती है अगर ऐसा नहीं कर पा रहीं है तो Internet पर आपको बहुत कुछ मिल जाएगा बस आपको सही प्लेटफॉर्म तलाश करने की आवश्यकता है। साथ ही Baby Plan करने से पहले अपने बजट को मेन्टेन रखने की योजना बनाए ताकि भविष्य में आपको जीवन व्यतीत करने में कोई परेशानी ना झेलनी पड़े। प्रेगनेंसी से पहले, उस समय और बाद में टीकाकरण अहम होता है जन्म के एक घंटे के भीतर बच्चे को माँ का दूध पिलाना बेहद जरूरी है यही उसका पहला टीकाकरण होता है ताकि उन बीमारियों से स्वंय और बच्चे को बचाया जा सके जो, Future में दोनों की ज़िन्दगी का रोड़ा बन सकती है।

2. सभी Test करवाएं

Pregnancy से पहले और बाद में जरूरी Tests को अवश्य करवाएं। ऐसा करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि कई बार महिला को पता नहीं होता कि वह किन-किन रोगों से घिरी हुई है और इस समय होने वाले Medical Tests में सामने भी आ जाता है कि वह कौन-कौन से रोगों से ग्रस्त है इसका फायदा यह होता है कि अगर माँ को कोई बीमारी हो तो बच्चे को उस बीमारी से बचाया जा सकता हैं।

स्वस्थ गर्भवस्था Pregnancy के लिए सबसे अच्छे उपाय

1. प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहें

यदि आप गर्भवती हैं या गर्भवती होने के बारे में सोच रहीं हैं, तो शायद आप अपने और बच्चे की देखभाल करने के बारे में कुछ बुनियादी गर्भावस्था सलाह जानते ही होंगें है जैसे-  धूम्रपान न करें या दूसरे धुएं के आसपास न जाएं, एल्कोहल का सेवन न करें और आराम को प्राथमिकता दें। आगे हम जानेंगें की प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ कैसे रहा जाए कुछ बेहतरीन उपायों के जरिए।

2. व्यायाम (Exercise)

अपने सामान्य स्वास्थ्य के लिए सक्रिय रहना महत्वपूर्ण है और तनाव को कम करने, अपने वजन को नियंत्रित करने, परिसंचरण में सुधार करने, अपनी मनोदशा को बढ़ावा देने और बेहतर नींद में मदद कर सकता है। एक गर्भावस्था व्यायाम क्लास Join करें या गर्मियों में गर्मी को कम करने के लिए ठंडा, छायांकित क्षेत्रों या घर के अंदर रहें, रोजाना मध्यम गति से कम से कम 15-20 मिनट चलें। अधिकांश गर्भवती महिलाओं के लिए पिलेट्स योग, तैराकी और पैदल भी बहुत अच्छी गतिविधियां हैं, लेकिन किसी भी व्यायाम गतिविधि को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह मशविरा करना बेहद जरूरी है। सप्ताह के अधिकांश दिनों में व्यायाम के 30 मिनट के लिए एक लक्ष्य रखें। हालांकि, अपने शरीर की सुनो, और इससे अधिक न करें।

3. बच्चे की तारीख की गणना करें

बच्चे के नियत तारीख यानी आपके प्रेगनेंसी की शुरुआत किस दिन से हुई है, इस बात को हमेशा दिमाग में रखें। मासिक धर्म के रुकने के बाद से प्रेग्नेंसी की शुरुआत होती है इसलिए इस तारीख को याद रखना काफी महत्वपूर्ण होता है।

4. Vitamins का सेवन

जब भी आप गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे हैं, तभी से प्रसवपूर्व Vitamins का सेवन करना बेहतर है। आपके बच्चे की तंत्रिका कॉर्ड, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी बनती है, गर्भावस्था के पहले महीने के भीतर विकसित होती है, इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आपको आवश्यक शुरुआत से फोलिक एसिड, कैल्शियम और लौह जैसे आवश्यक पोषक तत्व मिलें। अधिकांश दवा मेडिकल्स पर प्रसवपूर्व विटामिन उपलब्ध हैं, या आप उन्हें अपने डॉक्टर की पर्ची से खरीद सकते हैं। अगर उन्हें लेने से आपको अच्छा महसूस नहीं होता है, तो उन्हें रात में या हल्के स्नैक के साथ लेने का प्रयास करें।

5. अपने आप को शिक्षित करें

यहां तक कि यदि यह आपका पहला बच्चा नहीं है, तो प्रसव के लिए Classes में भाग लेने से आपको प्रसव के लिए और अधिक तैयार होने में मदद मिलेगी। इससे न केवल आपको प्रसव और शिशु देखभाल के बारे में अधिक जानने का मौका मिलेगा, लेकिन आप विशिष्ट प्रश्न पूछ सकते हैं और अपने प्रश्न का आंसर जान सकती है। ताकि आप प्रेगनेंसी में और अधिक मुक़्क़मल हो पाएं।

6. केगल्स का अभ्यास करें

केगेल व्यायाम श्रेणी तल की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जो आपके मूत्राशय, आंतों और गर्भाशय को स्वस्थ रखता है। यदि आप इसे सही ढंग से करते है तो यह सरल अभ्यास आपकी डिलीवरी को आसान बनाने में मदद कर सकता है और बाद में असंतुलन समस्याओं को रोक सकता है। इसका सबसे अच्छा हिस्सा: कोई भी नहीं बता सकता कि आप उन्हें कर रहे हैं, इसलिए आप कार में केगल्स का अभ्यास कर सकते हैं, जबकि आप अपनी मेज पर बैठे हैं, या किराने की दुकान में भी खड़े हैं। यहां उन्हें सही तरीके से करने का तरीका बताया गया है। जब आप बाथरूम का उपयोग करते हैं तो आप मूत्र के प्रवाह को रोकने का प्रयास करें जैसे कि-

तीन सेकंड के लिए रोको, फिर तीन सेकंड के लिए आराम करो, ऐसा 10 बार दोहराएं।

7. रोजाना के कामों में बदलाव करें

बाथरूम में स्क्रबिंग या पालतू जानवरों, के बाद सफाई करने जैसे रोजमर्रा के काम भी गर्भवती होने पर जोखिम भरे हो सकते हैं। जहरीले रसायनों का एक्सपोजर, भारी वस्तुओं को उठाना, या बैक्टीरिया से संपर्क में आने से आप और आपके बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है। जैसे कठोर रसायनों का उपयोग करना, भार उठाना, सीढ़ियों पर चढ़ाई, लंबे समय तक खड़े रहना विशेष रूप से गर्म स्टोव या गैस चूल्हे के पास। इसके अलावा, दस्ताने पहनें यदि आप यार्ड में काम कर रहे हैं जहां बिल्लियां हैं,और कच्चे मांस को संभालने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें।

8. Folate से भरपूर आहार का सेवन करें

प्रत्येक दिन 8-10 गिलास पानी पीने के अलावा, आपको पांच या छह अच्छी तरह से संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए, जिसमें बहुत से फोलेट समृद्ध खाद्य पदार्थ जैसे फोर्टिफाइड अनाज, शतावरी, दाल, गेहूं , संतरे, और नारंगी का रस होना चाहिए। फीड द बेली के लेखक फ्रांसिस लार्जमन-रोथ कहते हैं, “फोलिक एसिड बच्चे के तंत्रिका ट्यूब के उचित विकास के लिए महत्वपूर्ण है (यह रीढ़ की हड्डी को ढंकता है), और यह नए लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।

9. मछली का सेवन

2007 में 12,000 से अधिक बच्चों के अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन युवाओं ने गर्भावस्था के दौरान सबसे अधिक मछलियों को खाया था, उनमें IQ अधिक था। साथ ही उनमें बेहतर कौशल संचार था, उनके मुकाबले जिनकी माताओं ने मछली नहीं खाई थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि मछली में ओमेगा 3s की मात्रा अधिक होती है, यह मस्तिष्क के विकास के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। कुछ प्रकार की मछलियों में पारा होता है, जो दोनों माँ और बच्चे के लिए जहरीला हो सकता है।

10. प्रशिक्षित डॉक्टर चुनें

सही चिकित्सक का चुनाव प्रेगनेंसी में अहम होता है। ये प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों, जरूरतों आदि को समझकर माँ और बच्चे दोनों का ख्याल रखती है। इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए वरना नुकसान हो सकता है।

11. Doctor से कब संपर्क करें

गर्भवती होने से Confusing हो सकता है, खासकर यदि आप पहली बार प्रेगनेंसी का सामना कर रही है। आप कैसे जानोगे कि कौन सा क्षण सामान्य है और कौन सा नहीं है ? रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के अनुसार, यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण है तो आपको अपने डॉक्टर को कॉल करना चाहिए।

  • किसी भी तरह का दर्द
  • मजबूत ऐंठन
  • 20 मिनट के अंतराल पर संकुचन
  • योनि रक्तस्राव या द्रव की लीकिंग
  • चक्कर आना या झुकाव
  • साँसों की कमी
  • दिल की घबराहट
  • लगातार मतली और उल्टी
  • चलने में परेशानी, एडीमा (जोड़ों की सूजन)
  • बच्चे द्वारा घटित गतिविधि

इन बातों का ख़ास ख्याल रखें।

1. ज्यादा भारी काम न करें

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को ध्यान रखना चाहिए कि भारी समान न उठाएं। साथ ही पेट के बल लगकर कोई काम न करें, उकड़ू बैठने से बचें, झुकने से परहेज करें, किसी भी कार्य को करते समय ज्यादा देर तक खड़ी न रहें, ज्यादा व्यायाम न करें आदि सभी बातों को ग़र्भवती महिला को ध्यान में रखने की आवश्यकता है।

2. गलत Position में शारीरिक संबंध न बनाएं

जब कभी भी महिला और पुरुष गर्भवस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाते है तो उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी स्थिति में महिला के पेट पर दबाव नहीं आना चाहिए। ऐसा बिलकुल नहीं है कि इस दौरान सेक्सुअल संबंध बनाने की मनाही होती है बल्कि इसका एक बेहतरीन फायदा यह होता है कि बच्चे के जन्म के समय महिला को ज्यादा पीड़ा के दौर से नहीं गुजरना पड़ता। लेकिन पहले के तीन महीनों में खासतौर पर Position को ध्यान में रखकर शारीरिक संबंध बनाना जरूरी है।

3. पहले तीन महीनों में सावधानी बरतें

अक्सर प्रेगनेंसी से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आते है जिनमें महिलाएं पहले तीन महीनों तक किसी से अपने प्रेगनेंसी को शेयर नहीं करती है। लेकिन ऐसा करना बिलकुल गलत है गर्भवस्था से जुडी जितनी भी जटिलताएं है फिर चाहे वह गर्भपात की हो या कमज़ोर या विकृत बचे के जन्म लेने की हो, पहले तीन महीनों में इन परेशानियों का समाधान सम्भव होता है। इसलिए पहले तीन महीनों में चिकित्सक के Touch में रहें।

4. पेट दर्द को अनदेखा न करें

ग़र्भवस्था के दौरान पेट दर्द होना कुछ महिलाओं में नार्मल होता है। लेकिन यदि यह Pain बार-बार या तीव्रता से हो, तो सतर्क हो जाना चाहिए। कई बार यह पेट दर्द ग़र्भपात की आशंका को भी बढ़ा देता है। बिना डॉक्टरी सलाह के Pain killer दर्द निवारक दवा न लें।

4. अस्थाई (Irregular) रूप से कोई भी दवा न लें

Pregnancy के दौरान छोटी-छोटी तकलीफें होती रहती है। ऐसे में ज्यादा दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। खासतौर पर जब तक आपको चिकित्सक न बोलें। इनसे होने वाले दुष्प्रभाव शरीर को काफी हद तक नुक्सान पहुंचा सकते है। यदि आप पहले से किसी बीमारी से ग्रसित है जैसे थॉयरॉइड, Diabetes, हाइपरटेंशन, एनीमिया आदि, तो गर्भवस्था के दौरान किसी भी दवा का सेवन करने से पहले Doctor से सलाह जरूर लें।

जरूरी सूचना

कुछ माह पहले भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गर्भवती महिलाओं के लिए एक योजना का आगाज किया था जिसके अंतगर्त भारत सरकार गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 6000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस योजना में निम्न बिंदुओं पर ज़ोर दिया जाएगा-

  • इस योजना के तहत भारत सरकार महिलाओं को 6000 Rs. की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
  • इस योजना का लाभ पुरे भारत की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं उठा पाएंगी।
  • राशि महिला के Bank Account में Direct जमा कर दी जाएगी।

इस योजना का आप कैसे फायदा उठा पाएंगी ?

आपको 6000 रूपए की राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी।

  • पहली राशि जब आप अपने गर्भवती होने का पंजीकरण (Registration) करवाएंगी।
  • दूसरी राशि गर्भवती होने के 6 महीने बाद।
  • और तीसरी राशि बच्चे के जन्म के पश्चात (बाद) मिलेगी।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए आप अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में संपर्क करके गर्भवती महिला योजना के लिए फॉर्म अप्लाई कर सकते है।

Conclusion

सभी पहलुओं को जानकर अब आपको ज्ञात हो ही चुका होगा कि गर्भवती महिला प्रेगनेंसी में अपनी देखभाल कैसे रख सकती है। गर्भवस्था में हर महिला को पौष्टिक आहार सेवन करने की दरखास्त की जाती है ताकि डिलीवरी के समय आपको और आपके नवजात शिशु को डाइट से जुडी परेशानी से ना जूझना पड़े। अंत: हम अपने Article को विश्राम देते है। आपको ये (गर्भधारण और गर्भावस्था के दौरान ये ध्यान रखें ) लेख कैसा लगा अपने Opinion Comment Box में अवश्य बताएं। हम मिलेगें आपसे फिर किसी नायाब Article में तब तक के लिए खुश रहें और स्वस्थ रहें।

धन्यवाद।

NOTE : यह लेख POST मात्र जानकारी के उद्देश्य से Publish किया गया है यह किसी भी प्रकार से Medical Advice नहीं है और अपनी सेहत और Pregnancy के बारें में अधिक जानकरी के लिए अपने नजदीकी डॉक्टर से Consult करें।

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