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Health Tips 13 Mins Read

गर्भधारण की तैयारी और गर्भावस्था में देखभाल: जरूरी बातें

Sandeep JainBy Sandeep JainUpdated:Oct 9, 20264 Comments13 Mins Read
गर्भावस्था में व्यायाम, फोलिक एसिड के फायदे
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माता-पिता बनना कई लोगों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। गर्भधारण की योजना बनाते समय मन में कई सवाल आते हैं—गर्भवती होने की संभावना कैसे बढ़ाएं, कौन-से टेस्ट करवाएं, फोलिक एसिड क्यों जरूरी है और गर्भावस्था के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

इस लेख में
  • बच्चे के जन्म से पहले बनाएं योजना
    • 1. गर्भधारण से पहले अपनी सेहत की जांच करवाएं
    • 2. फोलिक एसिड लेना शुरू करें
    • 3. अपनी जीवनशैली को स्वस्थ बनाएं
  • गर्भवती होने की संभावना कैसे बढ़ाएं?
    • 1. ओव्यूलेशन के समय को समझें
    • 2. नियमित रूप से शारीरिक संबंध बनाएं
    • 3. दोनों पार्टनर की सेहत पर ध्यान दें
    • 4. गर्भधारण में समय लगने पर मदद लें
  • स्वस्थ गर्भावस्था के लिए जरूरी उपाय
    • 1. नियमित डॉक्टर की जांच करवाएं
    • 2. संतुलित और पौष्टिक भोजन करें
    • 3. पर्याप्त पानी पिएं
    • 4. डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम करें
    • 5. पर्याप्त आराम और नींद लें
    • 6. केगल व्यायाम के बारे में जानें
    • 7. दवाएं और सप्लीमेंट सावधानी से लें
    • 8. धूम्रपान, शराब और नशीले पदार्थों से बचें
    • 9. रोजमर्रा के काम सावधानी से करें
    • 10. गर्भावस्था में शारीरिक संबंधों को लेकर सही जानकारी रखें
  • गर्भावस्था के दौरान किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
  • गर्भवती महिलाओं के लिए सरकारी सहायता योजना
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
    • गर्भवती होने के लिए सबसे सही समय कौन-सा है?
    • क्या गर्भधारण के लिए रोज शारीरिक संबंध बनाना जरूरी है?
    • गर्भधारण से पहले फोलिक एसिड क्यों लेना चाहिए?
    • क्या गर्भावस्था में व्यायाम करना सुरक्षित है?
    • क्या गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित है?
    • गर्भधारण न होने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
    • क्या हर गर्भवती महिला को सभी टेस्ट करवाने चाहिए?
  • निष्कर्ष

अगर आप पहली बार गर्भधारण की योजना बना रही हैं या पहले से गर्भवती हैं, तो सही जानकारी और समय पर चिकित्सकीय देखभाल आपके लिए मददगार हो सकती है। गर्भधारण और गर्भावस्था हर महिला के लिए अलग अनुभव होते हैं। इसलिए इंटरनेट पर पढ़ी हर सलाह को बिना सोचे अपनाने के बजाय अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

इस लेख में हम गर्भधारण की तैयारी, गर्भवती होने की संभावना बढ़ाने के तरीके, गर्भावस्था में खानपान, व्यायाम, जरूरी जांच और सावधानियों के बारे में जानेंगे।

बच्चे के जन्म से पहले बनाएं योजना

गर्भावस्था की तैयारी केवल गर्भधारण के बाद शुरू नहीं होती। गर्भधारण की योजना बनाते समय ही अपनी सेहत, खानपान, दवाओं और जरूरी जांच पर ध्यान देना उपयोगी होता है।

1. गर्भधारण से पहले अपनी सेहत की जांच करवाएं

गर्भधारण की योजना बनाते समय स्त्री रोग विशेषज्ञ या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से प्री-कन्सेप्शन चेकअप (Preconception Checkup) के बारे में बात करें। इसमें आपकी मेडिकल हिस्ट्री, पहले हुई गर्भावस्थाओं, नियमित दवाओं, टीकाकरण और जरूरत के अनुसार जांचों की समीक्षा की जा सकती है।

यदि आपको डायबिटीज, थायरॉइड, हाई ब्लड प्रेशर या कोई अन्य पुरानी बीमारी है, तो गर्भधारण से पहले उसे अच्छी तरह नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है।

हर महिला को सभी मेडिकल टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर आपकी उम्र, स्वास्थ्य और मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार जरूरी जांच तय कर सकते हैं।

2. फोलिक एसिड लेना शुरू करें

फोलिक एसिड विटामिन B9 का एक रूप है। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में यह बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास से जुड़ी कुछ गंभीर जन्मजात समस्याओं का जोखिम कम करने में मदद करता है।

आमतौर पर गर्भधारण की कोशिश शुरू करने से कम-से-कम एक महीने पहले प्रतिदिन 400 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड लेने की सलाह दी जाती है और गर्भावस्था के शुरुआती 12 सप्ताह तक इसे जारी रखा जाता है। कुछ महिलाओं को उनकी मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार अधिक मात्रा की जरूरत हो सकती है, लेकिन ऐसी मात्रा डॉक्टर की सलाह से ही लें।

फोलिक एसिड के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लें और गर्भावस्था की योजना बनाते समय इसे नजरअंदाज न करें।

3. अपनी जीवनशैली को स्वस्थ बनाएं

गर्भधारण की योजना बनाते समय संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को संभालने की आदतें उपयोगी होती हैं।

  • फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन के अच्छे स्रोत भोजन में शामिल करें।
  • धूम्रपान, तंबाकू और शराब से बचें।
  • जरूरत के अनुसार स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
  • पर्याप्त नींद लें और अपनी दिनचर्या को नियमित रखें।
  • यदि आप कोई दवा, हर्बल उत्पाद या सप्लीमेंट लेती हैं, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।

डॉक्टर की सलाह के बिना पहले से चल रही किसी जरूरी दवा को अचानक बंद न करें। कुछ दवाओं में बदलाव की जरूरत हो सकती है, लेकिन इसका निर्णय स्वास्थ्य विशेषज्ञ को करना चाहिए।

गर्भवती होने की संभावना कैसे बढ़ाएं?

गर्भधारण होने में लगने वाला समय हर व्यक्ति के लिए अलग होता है। उम्र, मासिक धर्म चक्र, ओव्यूलेशन, दोनों पार्टनर की प्रजनन क्षमता और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां इसमें भूमिका निभा सकती हैं।

गर्भधारण की तैयारी, ओव्यूलेशन, फोलिक एसिड, गर्भावस्था में खानपान, व्यायाम, जरूरी जांच

1. ओव्यूलेशन के समय को समझें

ओव्यूलेशन (Ovulation) वह प्रक्रिया है जिसमें अंडाशय से अंडा निकलता है। इस समय के आसपास गर्भधारण की संभावना अधिक होती है।

ओव्यूलेशन आमतौर पर अगले पीरियड की शुरुआत से लगभग 14 दिन पहले होता है, लेकिन हर महिला का मासिक धर्म चक्र एक जैसा नहीं होता। इसलिए यह मानना सही नहीं है कि हर महिला में ओव्यूलेशन हमेशा पीरियड के 14वें दिन ही होता है।

मासिक धर्म चक्र का रिकॉर्ड रखना और शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना मददगार हो सकता है।

2. नियमित रूप से शारीरिक संबंध बनाएं

यदि आप गर्भधारण की कोशिश कर रही हैं, तो पूरे मासिक धर्म चक्र में हर 2–3 दिन में बिना गर्भनिरोधक के शारीरिक संबंध बनाना एक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। इससे ओव्यूलेशन के समय को बिल्कुल सटीक पहचानना जरूरी नहीं रहता।

यदि आप ओव्यूलेशन के समय को ट्रैक करती हैं, तो उसके आसपास के दिनों में संबंध बनाने से गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है।

गर्भधारण के लिए किसी खास पोजीशन, संबंध बनाने के बाद पैरों को ऊपर उठाकर रखने या लंबे समय तक लेटे रहने की जरूरत का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

3. दोनों पार्टनर की सेहत पर ध्यान दें

गर्भधारण की संभावना केवल महिला की सेहत पर निर्भर नहीं करती। पुरुष की प्रजनन क्षमता, शुक्राणुओं की गुणवत्ता और दोनों पार्टनर की स्वास्थ्य स्थिति भी महत्वपूर्ण हैं।

यदि पहले से कोई प्रजनन संबंधी समस्या है, जैसे अनियमित पीरियड, एंडोमेट्रियोसिस या कम शुक्राणु संख्या, तो डॉक्टर से जल्दी सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

4. गर्भधारण में समय लगने पर मदद लें

यदि आपकी उम्र 35 वर्ष से कम है और नियमित रूप से गर्भनिरोधक के बिना संबंध बनाने के बावजूद 12 महीने में गर्भधारण नहीं होता, तो प्रजनन क्षमता की जांच के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

यदि उम्र 35 वर्ष या उससे अधिक है, तो आम तौर पर छह महीने कोशिश करने के बाद जांच कराने की सलाह दी जाती है। 40 वर्ष से अधिक उम्र में या यदि पहले से कोई ज्ञात प्रजनन समस्या है, तो जल्दी सलाह लेना उचित है।

स्वस्थ गर्भावस्था के लिए जरूरी उपाय

गर्भावस्था में महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं। नियमित प्रसवपूर्व देखभाल (Antenatal Care) से मां और बच्चे की सेहत की निगरानी करने और संभावित समस्याओं की पहचान करने में मदद मिलती है।

1. नियमित डॉक्टर की जांच करवाएं

गर्भावस्था की पुष्टि होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। वे गर्भावस्था की अवधि, जरूरी जांच, टीकाकरण, पोषण और आपकी मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार देखभाल की योजना बनाएंगे।

नियमित जांचों में ब्लड प्रेशर, खून की जांच, अल्ट्रासाउंड और अन्य टेस्ट शामिल हो सकते हैं। हर जांच हर महिला के लिए समान रूप से जरूरी नहीं होती; डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सलाह देंगे।

2. संतुलित और पौष्टिक भोजन करें

गर्भावस्था में ऐसा भोजन लेना जरूरी है जो मां और बच्चे की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करे।

अपने भोजन में शामिल करें:

  • हरी पत्तेदार सब्जियां और दूसरे मौसमी फल।
  • दालें, बीन्स, दूध, दही और अन्य उपयुक्त प्रोटीन स्रोत।
  • साबुत अनाज और फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार आयरन, फोलिक एसिड और अन्य जरूरी सप्लीमेंट।

गर्भावस्था में “दो लोगों के लिए दोगुना खाना” जरूरी नहीं है। भोजन की मात्रा और पोषण की जरूरत गर्भावस्था के चरण, स्वास्थ्य और गतिविधि के अनुसार बदलती है।

कच्चे या अधपके मांस, असुरक्षित खाद्य पदार्थों और बिना पाश्चुरीकरण वाले दूध से बने कुछ उत्पादों से संक्रमण का जोखिम हो सकता है। भोजन को सुरक्षित तरीके से तैयार और स्टोर करें।

3. पर्याप्त पानी पिएं

दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। पानी की जरूरत मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।

यदि डॉक्टर ने किसी स्वास्थ्य कारण से तरल पदार्थ सीमित करने को कहा है, तो उसी सलाह का पालन करें।

4. डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम करें

यदि गर्भावस्था सामान्य है और डॉक्टर ने कोई विशेष प्रतिबंध नहीं बताया है, तो चलना, तैरना या गर्भावस्था के अनुकूल हल्का व्यायाम उपयोगी हो सकता है।

व्यायाम की शुरुआत धीरे-धीरे करें और अपनी क्षमता के अनुसार गतिविधि चुनें। बहुत ज्यादा गर्मी, गिरने का अधिक जोखिम या पेट पर चोट लगने की संभावना वाली गतिविधियों से बचें।

यदि व्यायाम करते समय रक्तस्राव, चक्कर, सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना या दर्द होने लगे, तो गतिविधि रोककर चिकित्सा सलाह लें।

5. पर्याप्त आराम और नींद लें

गर्भावस्था में थकान महसूस होना आम है। अपनी जरूरत के अनुसार आराम करें और नींद के लिए नियमित समय बनाए रखें।

यदि लगातार अत्यधिक थकान, कमजोरी या नींद की गंभीर परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से बात करें। इसके पीछे खून की कमी या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है।

6. केगल व्यायाम के बारे में जानें

केगल व्यायाम (Kegel Exercises) पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। इन मांसपेशियों का संबंध मूत्राशय और आंतों के नियंत्रण से होता है।

इन्हें सही तरीके से करना सीखना जरूरी है। पेशाब करते समय बार-बार मूत्र का प्रवाह रोककर व्यायाम करने की आदत न बनाएं। यदि आपको पेल्विक दर्द या दूसरी परेशानी है, तो डॉक्टर या पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।

केगल व्यायाम को सामान्य डिलीवरी की गारंटी या हर तरह की प्रसव समस्या को रोकने वाला उपाय नहीं माना जाना चाहिए।

7. दवाएं और सप्लीमेंट सावधानी से लें

गर्भावस्था के दौरान कुछ दवाएं और हर्बल उत्पाद सुरक्षित नहीं हो सकते। इसलिए दर्द की दवा, एंटीबायोटिक, आयुर्वेदिक उत्पाद या कोई नया सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें।

यदि आप पहले से थायरॉइड, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किसी अन्य बीमारी की दवा ले रही हैं, तो उसे खुद से बंद न करें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार दवा या उसकी मात्रा में बदलाव कर सकते हैं।

8. धूम्रपान, शराब और नशीले पदार्थों से बचें

गर्भावस्था में शराब से बचना चाहिए। धूम्रपान, तंबाकू और नशीले पदार्थ भी मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं।

यदि इन आदतों को छोड़ने में कठिनाई हो रही है, तो डॉक्टर से मदद लें। गर्भावस्था में धुएं के संपर्क से भी बचना उपयोगी है।

9. रोजमर्रा के काम सावधानी से करें

गर्भावस्था में हर घरेलू काम बंद करना जरूरी नहीं है। यदि गर्भावस्था सामान्य है, तो अपनी क्षमता के अनुसार रोजमर्रा के काम किए जा सकते हैं।

फिर भी, कुछ सावधानियां उपयोगी हैं:

  • भारी सामान उठाते समय जरूरत से ज्यादा जोर लगाने से बचें।
  • फिसलने या गिरने के जोखिम वाली जगहों पर सावधान रहें।
  • तेज गंध वाले रसायनों और जहरीले पदार्थों से संपर्क कम करें।
  • बागवानी या बिल्ली के मल की सफाई करते समय दस्ताने पहनें और बाद में हाथ अच्छी तरह धोएं।
  • कच्चे मांस को संभालने के बाद हाथ और इस्तेमाल किए गए बर्तन साफ करें।

सीढ़ियां चढ़ना, झुकना या लंबे समय तक खड़े रहना हर गर्भवती महिला के लिए निषिद्ध नहीं है। अपनी स्वास्थ्य स्थिति, आराम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार काम करें।

10. गर्भावस्था में शारीरिक संबंधों को लेकर सही जानकारी रखें

सामान्य और बिना जटिलता वाली गर्भावस्था में शारीरिक संबंध आम तौर पर सुरक्षित हो सकते हैं। केवल पहले तीन महीने होने के कारण सभी महिलाओं को संबंध बनाने से बचना जरूरी नहीं है।

हालांकि, यदि रक्तस्राव, पानी जैसा द्रव निकलना, प्लेसेंटा से जुड़ी समस्या, समय से पहले प्रसव का जोखिम या डॉक्टर द्वारा दी गई कोई विशेष मनाही है, तो उनकी सलाह का पालन करें।

यदि संबंध बनाने के बाद दर्द या रक्तस्राव हो, तो चिकित्सकीय सलाह लें।

गर्भावस्था के दौरान किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

गर्भावस्था में कुछ बदलाव सामान्य हो सकते हैं, लेकिन कुछ लक्षणों में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

तुरंत डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें यदि:

  • योनि से ज्यादा खून आ रहा हो।
  • पेट में तेज या लगातार दर्द हो।
  • पानी जैसा द्रव अचानक निकलने लगे।
  • तेज सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना या अचानक ज्यादा सूजन हो।
  • सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या बेहोशी जैसा महसूस हो।
  • तेज बुखार हो या लगातार उल्टी के कारण पानी भी न रुक रहा हो।
  • गर्भावस्था के उस चरण में, जब बच्चे की हलचल नियमित महसूस होने लगी हो, उसकी हलचल में स्पष्ट कमी आए।

इन लक्षणों को केवल सामान्य गर्भावस्था का हिस्सा मानकर नजरअंदाज न करें। अपनी स्थिति के अनुसार तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

गर्भवती महिलाओं के लिए सरकारी सहायता योजना

भारत में पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) जैसी सरकारी सहायता योजनाएं उपलब्ध हैं। योजना के तहत लाभ राशि, पात्रता और भुगतान की शर्तें निर्धारित नियमों के अनुसार होती हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को पहले बच्चे के लिए PMMVY के अंतर्गत ₹5,000 तक की सहायता दी जाती है। दूसरे बच्चे के लड़की होने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार ₹6,000 की सहायता का प्रावधान है। अन्य पात्र लाभ भी लागू नियमों के अधीन हो सकते हैं।

हर गर्भवती महिला को एक ही राशि या एक ही तरीके से भुगतान मिलने की गारंटी नहीं है। पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के लिए अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें।

आधिकारिक जानकारी और आवेदन के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का पोर्टल देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

गर्भवती होने के लिए सबसे सही समय कौन-सा है?

ओव्यूलेशन के आसपास के दिनों में गर्भधारण की संभावना अधिक होती है। ओव्यूलेशन आम तौर पर अगले पीरियड से लगभग 14 दिन पहले होता है, लेकिन मासिक धर्म चक्र के अनुसार यह समय बदल सकता है।

क्या गर्भधारण के लिए रोज शारीरिक संबंध बनाना जरूरी है?

नहीं। हर 2–3 दिन में बिना गर्भनिरोधक के शारीरिक संबंध बनाना गर्भधारण की कोशिश करने वाले कई जोड़ों के लिए व्यावहारिक तरीका है। ओव्यूलेशन के समय को समझना भी मददगार हो सकता है।

गर्भधारण से पहले फोलिक एसिड क्यों लेना चाहिए?

फोलिक एसिड बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास से जुड़ी कुछ गंभीर जन्मजात समस्याओं का जोखिम कम करने में मदद करता है। आम तौर पर गर्भधारण की कोशिश से कम-से-कम एक महीने पहले 400 माइक्रोग्राम प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है। अपनी जरूरत के अनुसार डॉक्टर से सलाह लें।

क्या गर्भावस्था में व्यायाम करना सुरक्षित है?

सामान्य गर्भावस्था में हल्का या मध्यम व्यायाम अक्सर सुरक्षित हो सकता है। लेकिन यदि कोई जटिलता या विशेष चिकित्सकीय प्रतिबंध है, तो व्यायाम शुरू करने या जारी रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

क्या गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित है?

सामान्य गर्भावस्था में यह अक्सर सुरक्षित होता है। यदि रक्तस्राव, पानी निकलने, प्लेसेंटा से जुड़ी समस्या या डॉक्टर की विशेष मनाही है, तो उनकी सलाह का पालन करें।

गर्भधारण न होने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

यदि उम्र 35 वर्ष से कम है और 12 महीने तक कोशिश करने पर गर्भधारण नहीं होता, तो जांच कराने की सलाह दी जाती है। 35 वर्ष या उससे अधिक उम्र में छह महीने बाद सलाह लें। 40 वर्ष से अधिक उम्र या पहले से ज्ञात प्रजनन समस्या होने पर जल्दी संपर्क करें।

क्या हर गर्भवती महिला को सभी टेस्ट करवाने चाहिए?

नहीं। जांचें आपकी उम्र, मेडिकल हिस्ट्री, गर्भावस्था के चरण और जोखिम के अनुसार तय की जाती हैं। डॉक्टर से पूछें कि कौन-सी जांच आपके लिए जरूरी है और कब करानी चाहिए।

निष्कर्ष

गर्भधारण की तैयारी और गर्भावस्था के दौरान सही जानकारी, संतुलित भोजन, फोलिक एसिड, नियमित चिकित्सकीय जांच और स्वस्थ जीवनशैली महत्वपूर्ण हैं। गर्भवती होने में लगने वाला समय हर व्यक्ति के लिए अलग होता है, इसलिए खुद को या अपने पार्टनर को दोष देने के बजाय जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

गर्भावस्था के दौरान हर महिला की जरूरतें अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी भी दवा, सप्लीमेंट, व्यायाम या विशेष परहेज को अपनाने से पहले अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। गर्भधारण, गर्भावस्था, दवाओं और उपचार से संबंधित व्यक्तिगत निर्णयों के लिए योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

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Sandeep Jain

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    4 Comments

    1. विजय पाल on Sep 30, 2018 2:01 pm

      Nyc bhai aapne bahut hi vadiya post likhi hai or helpfull .

      Thanks bhai
      👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌

      Reply
    2. Aryan on Oct 1, 2018 3:32 pm

      Best aricle helpfull information

      Reply
    3. Mahendra Sangawa on Oct 13, 2018 9:19 am

      Valuable information you give me

      Reply
    4. shiv on Dec 27, 2019 10:11 pm

      aapne bahoot hi achhi jankari diya thanks

      Reply

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