• Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
Facebook Twitter Instagram LinkedIn Reddit RSS
Most Liked Posts
  • तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
  • शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
  • शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
  • GyanKamao से पैसे कैसे कमाएं? GyanKamao क्या है और कैसे काम करता है?
  • Freelancing से पैसे कैसे कमाएं? Freelancer बनने की पूरी जानकारी
  • Facebook Ads से पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
  • Bike Se Paise Kaise Kamaye? बाइक से पैसे कमाने के 12 तरीके
Facebook Twitter Instagram Pinterest LinkedIn Reddit RSS
AchhiBaatein.Com
  • Business Ideas
  • Success Stories
  • व्यक्तित्व विकास
  • सफलता के रहस्य
  • Book Summary
  • Health Tips
AchhiBaatein.Com
Personality Development सफलता के मंत्र 6 Mins Read

Manage Criticism Effectively in Hindi (आलोचना प्रबंधन)

Mahesh YadavBy Mahesh YadavUpdated:Jul 29, 2020No Comments6 Mins Read
साझा करें
Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp

Effectively Criticism Management in Hindi – आलोचना प्रबंधन

दोस्तों, आलोचना एक ऐसी चीज हैं जिसका सामना हर किसी को करना पड़ता हैं, ऐसा कोई भी मनुष्य नहीं हैं जिसे इसका सामना न करना पड़ा हो। घर हो या बाहर, घर के व्यक्ति हो या बाहर/ कार्यस्थल या व्यवसाय में सहयोग करने वाले, कहीं से भी आलोचना होती ही हैं और ऐसा भी नहीं हैं कि आप गलत कार्य करोगे तो ही आलोचना होगी यह तो सही कार्य करने पर भी हो जाती हैं।

हर किसी मनुष्य के सोचने और वस्तु-स्थिति को समझने का नजरिया अलग-अलग होता हैं। अतः हमारा सोचना उनकी सोच से सैदव नहीं मिलता और आलोचना होती हैं, आलोचना का अर्थ सीधे-सीधे आपके विचारो से असहमत होना हैं अत: ये कभी न सोचें की मेरी या मेरे इस फैसले की आलोचना न होगी और अब जब आलोचना होनी ही हैं तो उससे अपने आप को किस तरह से बचाना हैं या फिर कह सकते हैं किस तरीके से अपने आपको आलोचना से व्यथित होने से बचाना हैं ये मुख्य विषय हैं।

दोस्तों एक बात हमेशा अपने दिमाग में रखें।

“कोई आप को तब तक नीचा नहीं दिखा सकता, जब तक कि स्वयं आपकी उसकें लिए सहमति न हों।”

एक बार भगवान बुद्ध के पास एक व्यक्ति पंहुचा। वह उनके प्रति इर्ष्या और गुस्से से भरा हुआ था। पहुचंते ही वह उन पर अपशब्दों और झूठे आरोपें की बौछारें करने लगा, लेकिन भगवान पर इसका कोई असर न हुआ।

वे तो पहले के समान ही शांत बने रहें, यह सब देखकर व्यक्ति को बड़ा गुस्सा आया। उसने पूछा, “तुम ऐसे शांत कैसे बने रह सकते हो जबकि मैं तो तुमको अपशब्द कह रहा हूँ।“ इस पर भगवान ने शांत स्वभाव से उत्तर दिया, अगर आपके घर कोई अतिथि आएं और आपने बड़े आदर से उनको भोजन परोसा किन्तु किसी कारणों से अगर उन्होंने भोजन ग्रहण नहीं किया, तो भोजन किसका हुआ, इस स्थिति में भोजन पर अधिकार किसका हुआ। व्यक्ति गुस्से से बोला, “मेरा हुआ और किसका हुआ।“

इसी प्रकार मैं आपके ये सब अपशब्द स्वीकार नहीं कर रहा हूँ और इस स्थिति में ये सब अपशब्द आपके हुए और मैं आपकी किसी वस्तु/शब्द के लिए क्यों व्यथित होंउं? आप ही बताएं।

अत: मित्रो आलोचना से परेशान नहीं होना हैं बल्कि इनको सही ढंग से manage करना हैं।

कुछ लोग अपनी आलोचना को व्यक्तित्व का साधन मान लेते हैं और कुछ इसके शिकार बन जातें हैं कुछ को ऐसा लगता हैं कि यह जो आलोचना हो रही हैं, सहीं हैं तो वो खुद को सुधारने लग जातें हैं और कुछ लोग हताश हो जाते हैं। कुछ लोग कान बंद कर लेते हैं और कुछ लोग एक कान से सुनकर दुसरे कान से निकाल देतें हैं।

और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो काम की बात होती हैं तो सुन लेते हैं, नहीं तो हसंकर बात को टाल देते हैं और आगें बढ़ जातें हैं।

आलोचनों को ढंग से manage किया जाएँ तो आप इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं, और न केवल अपने व्यक्तित्व बल्कि अपने व्यवसाय के विकास की महत्वपूर्ण पूंजी बना सकते हैं।

आप कुछ भी करें लोग आपकी आलोचना का अवसर निकाल ही लेंगे अब यह सब आपके ऊपर हैं कि आप इस आलोचना से अपने आप को विश्लेषित करें या फिर घबरा कर आप मार्ग ही change कर दे या फिर चलना ही बंद कर दें।

उचित तो यह हैं कि आलोचनाओं का विश्लेषण करके आप उनसे अपने जीवन और लक्ष्य तक पहुचने के प्रयासों में सुधार कर लें, इसी को “आलोचना प्रबंधन” कहते हैं।

जब भी आपकी आलोचना हो तो सबसे पहले यह देखे की क्या वास्तव में यह बात सच हैं, इसके लिए सबसे ज्यादा जरुरी यह हैं कि आप अपने आप में विश्वस्त हों। आप अपने-आप को सबसे अच्छे तरीकें से जानते हो। आप क्या हो? क्या सोचते हो? क्या कर सकते हो? और कहाँ तक कर सकते हो? आपको आप से अच्छी तरह से कोई नहीं जान सकता, अत: इसका आलोचना का विश्लेषण करने के लिए किसी पर निर्भर न रहें।

गलती करना तो मनुष्य का स्वभाव हैं और आप भी इसी श्रेणी में हैं अतः हो सकता हैं कि आलोचना आपके गलत फैसले या कार्यप्रणाली के कारण हो रही हो।

अत: सबसे पहले किसी भी पक्ष से कुछ सुनने को मिलें तो पूरी बात सुने, फिर आत्मनिरीक्षण करें अगर आप गलत हैं तो तुरंत अपने आप को सुधारने की शुरुआत कर दें और अगर इसके विपरीत हैं को आपको आलोचना के बारें में कुछ भी सोचने क्या करने की जरुरत नहीं हैं।

निरीक्षण करें

आलोचना करने वाले का तौर-तरीका और लहजा देखिएं, कुछ लोग आपकी आलोचना केवल इर्ष्या के कारण करते हैं जबकि कुछ लोग शुभचिंतक होने के कारण।

शुभचिंतक काम बिगड़ जाने के बाद भी कुछ नहीं कहेगा बल्कि यह कहेगा की ऐसा करके देखना चाहिए था और आपके उस स्थिति से उभरने में आपकी मदद करेगा।

ईर्ष्यालु व्यक्ति काम बिगड़ जाने पर, मौका मिलते ही जले पर नमक छिड़कने आ जायेगा और आपकी टांग खीचने का कोई भी मौका नहीं चूकेगा।

सन्दर्भ को समझियें

स्वस्थ मन से आलोचना बहुत कम लोग ही करते हैं, निंदक आमतौर पर नाखुश और असंतुलित लोग ही होते हैं ऐसे लोग जो आपके मुकाबले अपने आप को कमतर समझते हैं और बेवजह इर्ष्या से भरते चले जाते हैं। कुछ लोग हितैषी भी होते हैं और उन लोगो की आलोचना में भी सलाह छिपी होती हैं, ऐसे लोग यह भी बताते हैं की आप इन कमियों को कैसे दूर कर सकते हैं।

आत्म-विश्लेषण करें

स्वामी विवेकानन्द ने भी कहा हैं कि जब आप किसी क्षेत्र में बेहतर कार्य करोगे, आलोचना के शिकार हो जाओगे। जब भी आप अपने समय से आगे की बात सोचेंगे या कोई नया प्रयोग करेंगे तो आप पर प्रहार किये जायेंगे।

वह कहते हैं कि जब आप कोई नया विचार देंगे तो उसे तीन दौर से गुजरना होगा, सबसे पहले अस्वीकार, फिर उपहास और अंत में स्वीकार।

अगर आप इसे समझ लें तो अपनी आलोचना से निबटना आपके लिए आसान हो जायेगा।

जब भी कोई आपसे कुछ कहें तो सबसे पहले उसे सुने, आत्म-निरीक्षण करें और अगर पाएं कि सही हैं तो उन गलतियों को ठीक कर लें अन्यथा जाने दें।

अन्य प्रेरणादायी POST भी पढ़े और अगर अच्छी लगे तो अपने मित्रो के साथ Share करें

  • डर मुर्खतापूर्ण हैं और सफलता का सबसे बड़ा शत्रु हैं
  • कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के कुछ आसान उपाय
  • उसे भी आपकी तरह जीरो से शुरूआत करनी पडेगी
  • Business में सफलता कैसे प्राप्त करें
  • मुझे 1009 बार रिजेक्ट कर दिया गया
  • नीति विशारद विदुर : विदुर नीति (Mahatma Vidur) की कुछ महत्वपूर्ण बाते
  • How to control anger
  • याद रखे Life में कभी बुरा वक़्त नहीं आता ~ Inspirational Tips

Save

personality development
Previous Articleश्रीमद्भगवद्गीता का सार: संसार का स्वरूप और जीवन का रहस्य
Next Article Hindi Comedy Jokes: बस यूँ ही मजेदार चुटकुले
Mahesh Yadav
  • Website
  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn

Mahesh Yadav is a software developer and the founder and author of AchhiBaatein.com , He holds a BE degree and an MBA in Operations Research and has extensive experience in software programming and web development. He writes about motivation, inspirational content, Hindi quotes, career, education and other useful topics for Hindi readers.

यह भी पढ़े

15 Mins Read

बिना कोचिंग के NEET की तैयारी कैसे करें? घर पर तैयारी करने का आसान तरीका

पूरा पढ़े
8 Mins Read

पढ़ाई में रुचि पैदा कैसे करें?

पूरा पढ़े
10 Mins Read

Life में क्या हैं सबसे ज्यादा जरूरी?

पूरा पढ़े

Leave A Reply Cancel Reply

Popular Posts
16 Mins ReadAug 11, 2026

Financial Planning Tips in Hindi: Business के लिए जरूरी Financial Planning

13 Mins ReadAug 10, 2026

भारत के 28 राज्य और राजधानी, मुख्यमंत्री, भाषा व ISO Code

17 Mins ReadAug 11, 2026

195 देशों की राजधानी और मुद्रा

10 Mins ReadAug 26, 2026

Blog और Blogging क्या हैं? क्या मुझे ब्लॉगिंग करनी चाहिए?

16 Mins ReadAug 20, 2026

Copyright, Patent और Trademark में अंतर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

Latest Posts
8 Mins ReadAug 8, 2026
तेरे मेरे इर्द गिर्द पुस्तक समीक्षा: मनोज कुमार की किताब कैसी है?
11 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? 8 बड़ी गलतियां और बचने के तरीके
10 Mins ReadAug 8, 2026
शेयर मार्केट क्या है और इससे पैसे कैसे कमाएं? पूरी जानकारी
8 Mins ReadAug 9, 2026
Probo App क्या है? Probo अभी बंद है या चालू? पूरी जानकारी
1 2 3 … 184 Next
Categories
  • Blogging Tips (8)
  • Book Summary (35)
  • Business Ideas & Earn Money (30)
  • General (13)
  • General Knowledge (55)
  • Health Tips (53)
  • Hindi Essay (2)
  • Hindi Quotes (59)
  • Hindi Thoughts (39)
  • Let's Laugh (8)
  • Motivational Hindi Songs (47)
  • Motivational Hindi Stories (25)
  • Personality Development (50)
  • Success Stories (17)
  • अमर कहानियाँ (7)
  • चाणक्य नीति (19)
  • चुटकुले (9)
  • जीवनी (63)
  • धार्मिक परंपरा व आस्था (12)
  • प्रेरक प्रसंग (10)
  • महत्वपूर्ण जानकारियां (9)
  • रोचक घटनाये (3)
  • रोचक तथ्य (8)
  • लोक व्यवहार (33)
  • श्रीमदभागवत गीता अंश (9)
  • सफलता के मंत्र (73)
  • सफलता के रहस्य (54)
  • हिंदी कहानियाँ (93)
  • हिंदी दोहे और उक्तिया (1)
  • हिंदी शेर और शायरी (6)
  • हिन्दी कविताएं (40)
About Us

अच्छी बातें डॉट कॉम

AchhiBaatein is a famous Hindi blog for Famous Quotes and Thoughts, Motivational & Inspirational Hindi Stories and Personality Development Tips

DMCA.com Protection Status

Recent Comment
  • Vijay Pal on आखिर जीवन का लक्ष्य क्या हैं?
  • Mahesh Yadav on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • kumar on Gratitude क्या है और इसके फायदे?
  • puja on Top 10 successful profitable startups in India
Subscribe to Updates
सभी नए Posts अपने E-Mail पर तुरंत पाने के लिए यहाँ अपनी E-mail ID लिखकर Subscribe करें।

कृपया यहाँ Subscribe करने के बाद अपनी E-mail ID खोलें तथा भेजे गये Verification लिंक पर Click करके Verify करें

Powered by ® Google Feedburner

Copyright © achhibaatein.com 2013 - 2026 . All Rights Reserved
  • About Us
  • Contact Us
  • Advertise
  • Guest Column
  • Privacy Policy
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.